CEC Gyanesh Kumar impeachment: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने अपना मोर्चा और तेज कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को एक अनोखे ‘सार्वजनिक महाभियोग’ (पब्लिक इंपीचमेंट) का आयोजन किया जा रहा है। इस पूरी कवायद में विपक्षी दलों के कई सांसद, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी (SIR) से प्रभावित आम लोग शामिल होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
मीरा कुमार संभालेंगी कमान, राहुल गांधी देंगे समापन भाषण| CEC Gyanesh Kumar impeachment
इस सार्वजनिक महाभियोग की रूपरेखा काफी संगठित तरीके से तैयार की गई है। लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार इस सत्र की पीठासीन अधिकारी (प्रिसाइडिंग ऑफिसर) की भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे औपचारिक प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि सत्र के अंत में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सभा को संबोधित करेंगे।
विपक्ष की योजना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विस्तृत ‘चार्जशीट’ पेश करने की भी है। इसमें उन लोगों को विशेष तौर पर मंच दिया जाएगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर गलत तरीके से हटा दिए गए थे।
‘वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई’: मल्लिकार्जुन खरगे
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में भारी स्तर पर ‘वोट चोरी’ हुई है और सीईसी ज्ञानेश कुमार ने आयोग में रहते हुए नियमों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और सभी सहयोगी दल कांग्रेस के इस कदम का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं।
खरगे ने आगे बताया कि यह एक तरह की ‘मॉक पार्लियामेंट’ होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि विपक्ष किसी भी रूप में संसद की गरिमा का मजाक नहीं उड़ाना चाहता। इसी मर्यादा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे आयोजन में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या मुख्य चुनाव आयुक्त का न तो कोई पोस्टर-बैनर लगाया जाएगा और न ही उनका कोई पुतला या प्रतीकात्मक रूप प्रदर्शित किया जाएगा। इस सांकेतिक महाभियोग के बाद विपक्ष 1 नवंबर को एक बड़ी जनरैली का आयोजन करेगा, जिसमें देश भर से लोग शामिल होंगे।
कर्नाटक MLC नतीजों और बैलेट पेपर पर पलटवार
हाल ही में कर्नाटक समेत चार राज्यों में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में कांग्रेस की हार और बैलेट पेपर के सवाल पर खरगे ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों से बैलेट पेपर की उनकी मांग कमजोर नहीं पड़ती। खरगे ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि सत्ता पक्ष जीत गया, हम अपनी मांग से पीछे नहीं हट सकते। एक जमाना था जब बीजेपी के पास संसद में सिर्फ दो सीटें हुआ करती थीं। राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि हमारी जमीन खत्म हो गई।”
बीजेपी के हमलों पर पलटवार करते हुए खरगे ने कहा कि सत्ताधारी दल को अपनी जीत का घमंड नहीं पालना चाहिए। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार को अपनी लोकप्रियता पर इतना ही यकीन है, तो वे संसद भंग करके पूरे देश में बैलेट पेपर से दोबारा आम चुनाव करवा लें।












































