Jio listing Mukesh Ambani: रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए 28 अक्टूबर 2026, बुधवार का दिन इतिहास के पन्नों में सिर्फ एक बड़ी कारोबारी सफलता के तौर पर ही दर्ज नहीं हुआ, बल्कि यह मौका परिवार और भावनाओं के अनूठे संगम का गवाह भी बन गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में जियो प्लेटफॉर्म्स की ऐतिहासिक लिस्टिंग सेरेमनी के दौरान एक ऐसा भावुक पल आया जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल छू लिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी के दिल छू लेने वाले भाषण को सुनकर इतने भावुक हो गए कि वे अपनी आंखों से छलकते आंसुओं को रोक नहीं पाए।
‘शेयर बाजार की घंटी हमारे लिए मंदिर की घंटी जैसी’| Jio listing Mukesh Ambani
समारोह के मंच पर जब रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी बोलने खड़े हुए, तो उन्होंने सबसे पहले हाथ जोड़कर सभी को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि आज के इस ऐतिहासिक मुकाम पर उनके मन में सबसे बड़ा भाव केवल और केवल आभार का है। अनंत ने देश के उन करोड़ों आम नागरिकों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने जियो पर अटूट भरोसा जताया और कंपनी को इस ऊंचाई तक पहुंचाया।
Speech by Shri Anant Ambani, Director, Jio Platforms, at the listing ceremony of JPL IPO https://t.co/KiShhOhJnV
— Reliance Industries Limited (@RIL_Updates) October 28, 2026
कारोबार के प्रति अपनी सोच को साझा करते हुए अनंत ने कहा, “शेयर बाजार में आज बजने वाली यह घंटी हमारे लिए किसी मंदिर की पवित्र घंटी से कम नहीं है। हमारे परिवार के लिए कारोबार कोई धंधा नहीं, बल्कि सच्ची पूजा है। जिस तरह हर पूजा के समापन पर भगवान का प्रसाद सब में बांटा जाता है, ठीक वैसे ही आज जियो की यह सफलता पूरे भारत के साथ प्रसाद की तरह साझा की जा रही है।”
दादा धीरूभाई के संघर्ष और पिता की विरासत को किया नमन
अनंत अंबानी ने अपने भाषण में परिवार की नींव रखने वाले दादा स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी के शुरुआती संघर्षों और उनकी दूरगामी सोच को याद किया। उन्होंने कहा कि एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर बड़े सपने देखने वाले धीरूभाई ने देश को सिखाया कि अगर हौसला हो, तो भारत का आम नागरिक भी दुनिया में असाधारण काम कर सकता है। अनंत ने कहा कि दादा के देखे सपनों को आगे ले जाने और देश को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का बीड़ा उनके पिता मुकेश अंबानी ने उठाया।
परिवार की ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे आज जो कुछ भी हैं, वह दादा के विजन, दादी के आशीर्वाद, पिता के मार्गदर्शन और मां नीता अंबानी के दिए संस्कारों की बदौलत हैं। भाई-बहनों के रिश्ते पर बात करते हुए अनंत ने कहा कि वे, उनकी बहन ईशा और भाई आकाश भले ही तीन अलग-अलग शरीर हों, लेकिन उनकी आत्मा, सोच और लक्ष्य बिल्कुल एक है देशवासियों के सपनों को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाना। बेटे के मुंह से यह बात सुनते ही सामने बैठे मुकेश अंबानी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और रुमाल से अपनी आंखें पोंछते दिखे।
ईशा अंबानी ने भी पिता के सफर को सराहा
समारोह में ईशा अंबानी ने भी परिवार के पुराने दिनों की यादें साझा कीं। पिता के योगदान को नमन करते हुए ईशा ने कहा कि आज पूरा परिवार जिस मुकाम पर है, वह पिता की दिन-रात की मेहनत और विजन का नतीजा है। ईशा ने साफ किया कि यह यात्रा यहीं समाप्त नहीं हुई है, बल्कि यह भविष्य की एक नई और बड़ी शुरुआत है। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई आकाश अंबानी के समर्पण और नेतृत्व की भी खुलकर तारीफ की।













































