ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026: भुखमरी के दलदल में धंसा पाकिस्तान, नेपाल-श्रीलंका से भी बदतर हालत| Global Hunger Index Pakistan

Nandani | Nedrick News Pakistan Published: 28 अक्टूबर 2026, 06:00 PM Updated: 28 अक्टूबर 2026, 06:00 PM
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Global Hunger Index Pakistan: आर्थिक बदहाली और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान की हालत अब भुखमरी के मोर्चे पर भी बेहद नाजुक हो गई है। हाल ही में सामने आई ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026’ की रिपोर्ट ने देश की जमीनी हकीकत की पोल खोलकर रख दी है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान इस वक्त बेहद गंभीर स्तर की भुखमरी का सामना कर रहा है और दक्षिण एशियाई देशों में उसका स्कोर सबसे ज्यादा चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस इंडेक्स में पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों नेपाल, श्रीलंका, और बांग्लादेश से भी काफी पीछे छूट गया है। इस शर्मनाक स्थिति को लेकर अब खुद पाकिस्तान के भीतर ही शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश फूट पड़ा है।

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106वें पायदान पर फिसला पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- ‘शर्मनाक’| Global Hunger Index Pakistan

14 अक्टूबर को जारी हुई इस रिपोर्ट को वेल्थंगरहिल्फे, रूहर यूनिवर्सिटी बोचुम, इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल लॉ ऑफ पीस एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट और हेल्वेटास ने मिलकर तैयार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान 25.5 के स्कोर के साथ दुनिया के 122 देशों में 106वें स्थान पर लुढ़क गया है।

पाकिस्तानी विश्लेषक और एक्सपर्ट कमर चीमा ने इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद शहबाज सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश जहां खड़ा है, वह बेहद शर्मनाक है। चीमा ने सरकार पर सेना के पीछे छिपने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हम पूरी दुनिया में घूम-घूमकर मिलिट्री डिप्लोमेसी का ढिंढोरा पीटते हैं, जबकि हकीकत यह है कि देश की जनता दाने-दाने को मोहताज हो रही है। श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और भारत जैसे देश हमसे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमारे हुक्मरानों के पास सिर्फ सेना की आड़ में मुंह छिपाने के अलावा कोई विजन नहीं है।”

2018 के बाद और बिगड़े हालात, बच्चों में कुपोषण का भारी संकट

आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2000 में पाकिस्तान का स्कोर 36.2 था, जिसमें शुरुआती सालों में कुछ सुधार दिखा, लेकिन साल 2018 के बाद से स्थिति तेजी से बिगड़ी है। रिपोर्ट में सामने आए जमीनी आंकड़े रोंगटे खड़े करने वाले हैं:

  • पाकिस्तान की करीब 16 प्रतिशत आबादी सीधे तौर पर गंभीर कुपोषण की शिकार है।
  • देश में 33.6 प्रतिशत बच्चों का कद उनकी उम्र के अनुपात में कम (स्टंटिंग) रह गया है।
  • 9.8 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जिनका वजन उनकी लंबाई के हिसाब से बहुत कम (वेस्टिंग) है।
  • मुल्क में बाल मृत्यु दर 5.6 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर बनी हुई है।

दक्षिण एशिया में कौन कहां? भारत भी ‘गंभीर’ श्रेणी में

इंडेक्स के मानकों के अनुसार, 20.0 से 34.9 के बीच के स्कोर को भुखमरी की ‘गंभीर’ (सीरियस) श्रेणी में रखा जाता है। दक्षिण एशिया का औसत क्षेत्रीय स्कोर 23.5 दर्ज किया गया है, जो खुद इस गंभीर दायरे में आता है। इस सूची में भारत 24.1 स्कोर के साथ 100वें स्थान पर है, यानी भारत और पाकिस्तान दोनों ही गंभीर श्रेणी का हिस्सा हैं। हालांकि, दक्षिण एशिया के अन्य देशों ने तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस क्षेत्र में अफगानिस्तान 28.6 स्कोर के साथ सबसे नीचे है, जिसके बाद पाकिस्तान (25.5), भारत (24.1), बांग्लादेश (19.2), नेपाल (14.5) और श्रीलंका (10.2) का नंबर आता है। रिपोर्ट साफ इशारा करती है कि पड़ोसी देश जहां अपने नागरिकों की थाली सुरक्षित करने में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं पाकिस्तान लगातार भुखमरी और कुपोषण के गहरे संकट में फंसता जा रहा है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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