Sonia Gandhi autobiography Belonging: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी जिंदगी और देश के सियासी सफर को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सोनिया गांधी ने बताया कि जब उनके पति राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए कहा गया था, तो वह इस फैसले के पूरी तरह खिलाफ थीं। अपनी आने वाली आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) को लेकर उन्होंने बेबाक अंदाज में कहा कि इस किताब के बाजार में आते ही ‘तमाशा’ होना तय है। सोनिया गांधी के मुताबिक, दशकों तक दूसरे लोग उनके जीवन की कहानी अपने हिसाब से लिखते और सुनाते रहे हैं, लेकिन अब वक्त आ गया है कि वह खुद अपना सच दुनिया के सामने रखें।
सोशल मीडिया ‘X’ पर डेब्यू के साथ शेयर किया 2 मिनट का वीडियो| Sonia Gandhi autobiography Belonging
सोनिया गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक शुरुआत की है। अपने पहले पोस्ट के साथ उन्होंने करीब दो मिनट का एक भावुक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में उन्होंने राजीव गांधी के साथ कैम्ब्रिज के दिनों को याद किया और उस ग्रीक रेस्टोरेंट की तस्वीरें भी साझा कीं, जहां दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। सोनिया गांधी ने लिखा कि कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां से उनकी मोहब्बत का सफर शुरू हुआ था। उन्होंने और राजीव ने मिलकर प्यार, हंसी और अनमोल यादों से भरी एक दुनिया बसाई, जिसे वह 10 नवंबर को इस किताब के जरिए पाठकों के साथ साझा करने जा रही हैं।
There’s bound to be some tamasha when this book comes out. After all, others have spent decades telling my “story”, now it’s my turn. https://t.co/jDy5vBI8ey
— Sonia Gandhi (@SoniaGandhi) October 27, 2026
‘दशकों तक दूसरों ने गढ़ी मेरी कहानी, अब मेरी बारी है’
वीडियो में सोनिया गांधी ने साफ तौर पर कहा कि उनके बारे में आज तक जो कुछ लिखा गया, उसमें से ज्यादातर बातें या तो मनगढ़ंत थीं या फिर उन्हें बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि अब समय आ गया है जब मुझे अपनी कहानी खुद लिखनी चाहिए और तथ्यों को उसी रूप में सामने रखना चाहिए जैसे वे असल में घटे थे। इसे मेरा कोई ‘वर्जन’ नहीं, बल्कि मेरी अपनी ‘सच्ची कहानी’ कहा जाना चाहिए।”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किताब आने के बाद लोगों का नजरिया बदल सकता है। कुछ लोग उन्हें नए सिरे से समझेंगे, तो कुछ लोगों की राय उनके प्रति और ज्यादा नकारात्मक भी हो सकती है। सोनिया ने कहा कि जब आप सार्वजनिक जीवन में होते हैं और किताब लिखते हैं, तो ऐसी प्रतिक्रियाएं आम बात हैं।
इटली के बचपन से लेकर भारत के सियासी केंद्र तक का सफर
पेंगुइन रैंडम हाउस समूह के पब्लिशर ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ’ द्वारा प्रकाशित यह किताब 10 नवंबर को रिलीज होने जा रही है। 79 वर्षीय सोनिया गांधी कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रही हैं। किताब में युद्ध के बाद के इटली में उनके बचपन, 1965 में 19 साल की उम्र में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से हुई पहली मुलाकात और 25 फरवरी 1968 को हुई शादी का पूरा ब्यौरा दर्ज है। इसके साथ ही, भारत आगमन के शुरुआती अनुभव, इंदिरा गांधी की शहादत और बाद में खुद राजीव गांधी की नृशंस हत्या जैसे गहरे निजी और भावनात्मक आघातों को भी सोनिया गांधी ने इस किताब में दर्ज किया है।













































