CJP Protest Saurav Das: कल विपक्ष का वोट-चोरी को लेकर दिल्ली में हल्ला बोल रहा, और विपक्ष के 10 शीर्ष नेताओं ने मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज करा दी है। वहीं आज मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
राजधानी के जंतर-मंतर पर आज सुबह भारी हंगामे के बीच दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरभ दास को दोबारा हिरासत में ले लिया। इलाके में धारा 163 लागू होने के बावजूद, CJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जबरन जंतर-मंतर में प्रवेश करने की कोशिश की और पुलिस बैरिकेड्स लांघने का प्रयास किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
लगाए इंकलाब के नारे
इलाके में धारा 163 लागू होने और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बावजूद, CJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जबरन जंतर-मंतर में प्रवेश करने की कोशिश की। सुबह-सुबह हाथ में तिरंगा लिए ये नेता JDU कार्यालय परिसर की तरफ से जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे और बंद मुख्य गेट व पुलिस बैरिकेड्स को लांघकर अंदर कूद गए।
इसके बाद मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें दौड़कर पकड़ा और हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान सौरभ दास और उनके साथी नारे लगाते नजर आए।
CJP लीडर आशुतोष रांका और सौरभ दास सहित कई लोग आज सुबह सुरक्षा घेरा तोड़कर और दीवार फांदकर जंतर-मंतर पर पहुंच गए, जिसके बाद मौके पर मौजूद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है; बता दें कि जंतर-मंतर अब आधिकारिक तौर पर प्रोटेस्ट साइट नहीं रहा है…
#DelhiPolice #JantarMantar #AshutoshRanka #SaurabhDas #CJP #DelhiNews #Nedricknews— Nedrick News (@nedricknews) October 13, 2026
24 घंटे पहले कोर्ट से मिली थी जमानत
गौरतलब है कि इससे पहले 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद, इन नेताओं को दिल्ली हवाई अड्डे पर फ्लाइट के अंदर से ही एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 11 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर 50 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर रिहा किया था।
अदालत से रिहा होने के तुरंत बाद सोमवार को आशुतोष रांका और सौरभ दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे थे और उन्होंने दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम पूरा होते ही आज सुबह इन नेताओं ने दोबारा कानून अपने हाथ में लिया, जिसे पुलिस कोर्ट के शांति बॉन्ड के उल्लंघन और अवहेलना (Violation of Bond) के तौर पर देख रही है। फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को नई दिल्ली इलाके के पुलिस स्टेशन में रखा गया है।
ज्ञानू, अब तुम्हारा खेल खत्म
जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स लांघने और पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए देश के युवाओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हम जंतर-मंतर पहुंच गए हैं। और अब हमें हिरासत में लिया जा रहा है, लेकिन यह हम सभी युवाओं के लिए एक संदेश है। हम यह कर सकते हैं।” मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए दास ने आगे कहा, “ज्ञानू, यू आर डन ब्रो।”
JANTAR MANTAR HAS BEEN RECLAIMED!
WE HAVE ENTERED JANTAR MANTAR AND NOW WE ARE BEING DETAINED!
But this is a message to all of us young gen! We can do it! Gyanu, you’re done bro!
@Cockroachisback https://t.co/swDB6K8kW5
— Saurav Das (@SauravDassss) October 13, 2026
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने पर साधा निशाना
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास (Saurav Das) ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के सरकार के फैसले और खुद को हिरासत में लिए जाने को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय द्वारा जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन की सूची से डी-नोटिफाई करने पर सौरव दास ने सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं? यह जगह भारत के लोगों की है। क्या इस फैसले से पहले नागरिकों, संगठनों या किसी स्टेकहोल्डर से कोई सलाह ली गई थी?” दास ने इस कदम को मनमाना बताते हुए चेतावनी दी कि जिस तरह लोगों के जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई किया जा रहा है, वह देश में लोकतंत्र को खत्म करने की दिशा में एक कदम है।
🚨STATEMENT🚨
Unacceptable.
Why is Narendra Modi scared of Jantar Mantar?
The Jantar Mantar belongs to THE PEOPLE OF INDIA. Did the Ministry of Home Affairs consult with the people of India? Were any stakeholders consulted? Were any organisations consulted?
Take it in writing—just how they are denotifying people’s Jantar Mantar, the Prime Minister will soon denotify democracy in India. This move is a step towards that.
We do not accept this arbitrary decision. It is an assault on people’s fundamental right to protest and peaceful assembly. Ab poora desh Jantar Mantar ban raha he!
@Cockroachisback
— Saurav Das (@SauravDassss) October 12, 2026











































