Himashree Boro murder case: एक होनहार कॉलेज छात्रा, जिसका सपना डांस और पढ़ाई में अपनी पहचान बनाना था, घर लौटते वक्त एक भयानक खौफ का शिकार हो गई। असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के बोंडा इलाके की रहने वाली 20 साल की छात्रा हिमाश्री बोरो का शव आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है। मौत से चंद घंटे पहले उसने अपने परिवार और दोस्तों को रोते हुए बताया था कि वह ट्रेन के जिस डिब्बे में सवार है, वहां चारों तरफ नशे में धुत पुरुषों की भीड़ है और वह बेहद असुरक्षित महसूस कर रही है। उसने डर के उस माहौल का वीडियो भी बनाकर भेजा था। इसके कुछ ही देर बाद उसका फोन बंद हो गया और अगले दिन सीधे उसकी मौत की खबर आई।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद परिजनों ने हत्या और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पर घोर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला दो राज्यों के बीच तूल पकड़ चुका है, जिसके बाद असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को चिट्ठी लिखी। चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
डांस कॉम्पिटिशन में गई थी, एग्जाम देने लौट रही थी अकेले| Himashree Boro murder case
गुवाहाटी में बीबीए (BBA) की पढ़ाई कर रही हिमाश्री 16 अगस्त को 10 सदस्यीय डांस ट्रूप के साथ एक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने विशाखापत्तनम पहुंची थी। इस दल में आठ युवतियां और दो युवक शामिल थे, जो पेंडुर्ती में ठहरे हुए थे। कार्यक्रम के बाद दल के पांच सदस्य असम लौट चुके थे, जबकि पांच लोग वहीं रुके थे। गुवाहाटी में हिमाश्री का कॉलेज एग्जाम था, इसलिए उसने बाकी साथियों से पहले अकेले लौटने का फैसला किया। 6 अक्टूबर को वह स्टेशन पहुंची, लेकिन बदकिस्मती से उसकी तय ट्रेन छूट गई। काफी देर वह रेलवे स्टेशन पर ही परेशान खड़ी रही। रात में उसने टिकट के लिए अपनी कॉलेज की सहेली ज्योति चौधरी से फोन पर मदद मांगी। ज्योति ने रघु इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले अपने सहपाठी ईश्वर से बात की। दूरी ज्यादा होने के कारण ईश्वर ने अपने स्थानीय दोस्त अविनाश से स्टेशन जाकर हिमाश्री की मदद करने को कहा।
अविनाश स्टेशन पहुंचा और उसने हिमाश्री के लिए सामान्य श्रेणी (जनरल टिकट) की व्यवस्था की। रात करीब 1:30 बजे विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503) स्टेशन पर आई। हिमाश्री ने टीटीई (TTE) से थर्ड एसी (AC-3 Tier) में खाली सीट देने की गुहार लगाई, लेकिन उसने मना कर दिया। वहीं एसी कोच के दो अटेंडेंट्स ने सीट के बदले कथित तौर पर 4 हजार रुपये की मांग कर दी। थक-हारकर हिमाश्री को जनरल टिकट के साथ स्लीपर कोच एस-2 (S-2) में चढ़ना पड़ा।
‘चारों तरफ नशेड़ी हैं, मुझे डर लग रहा है’: आखिरी कॉल और खौफनाक वीडियो
ट्रेन में चढ़ते ही हालात बेहद डरावने थे। रात करीब 2:39 बजे कोच में भारी भीड़ थी और कोई पुरुष साथी साथ नहीं था। हिमाश्री ने अपनी भाभी और सहेली ज्योति को फोन मिलाया। उसने कांपती आवाज में बताया कि डिब्बे के अंदर का माहौल बहुत गंदा है, चारों तरफ नशे में धुत पुरुष बैठे हैं और कुछ लड़के उसके साथ बदसलूकी व छेड़खानी कर रहे हैं। उसने अंदर की स्थिति दिखाते हुए एक छोटा वीडियो भी अपनी दोस्त के साथ साझा किया। यह उसकी जिंदगी की आखिरी बातचीत साबित हुई। तड़के 2:30 से 3:00 बजे के बीच उसका फोन अचानक कट गया और फिर दोबारा कभी नहीं लगा।
परिजनों ने की शिकायत, कोच में मिले लावारिस बैग
कॉल कटने के बाद घबराई सहेली ज्योति ने अपने क्लासमेट अनूप तिवारी को बताया, जिसने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 और ‘रेल मदद’ पोर्टल पर महिला यात्री से छेड़खानी की इमरजेंसी शिकायत दर्ज कराई। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के मुताबिक, तड़के 3:56 बजे जब ट्रेन श्रीकाकुलम रोड स्टेशन पहुंची, तो आरपीएफ की सहायक उपनिरीक्षक (ASI) वी. अरुणा और पुलिस टीम ने डिब्बे में तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस को उस समय हिमाश्री तो नहीं मिली, लेकिन बाद में पलासा स्टेशन पर जब एस-2 कोच की दोबारा जांच की गई, तो उसके दोनों बैग सीट पर सही-सलामत लावारिस पड़े मिले। परिजनों का आरोप है कि रेलवे पुलिस ने समय रहते कोई ठोस एक्शन नहीं लिया और न ही उन्हें यह तसल्ली दी कि लड़की सुरक्षित है।
पोंडुरु-दुसी ट्रैक के बीच मिला शव, हत्या या हादसा?
7 अक्टूबर को श्रीकाकुलम जिले के पोंडुरु और दुसी रेलवे सेक्शन के बीच पटरियों के किनारे हिमाश्री का शव बरामद हुआ। जीआरपी (GRP) ने शव को कब्जे में लेकर श्रीकाकुलम के सरकारी रिम्स (RIMS) अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम से पोस्टमार्टम कराया। रेलवे और जीआरपी का प्राथमिक अनुमान है कि शायद वह चलती ट्रेन से फिसलकर नीचे गिर गई होगी। हालांकि, परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका सीधा कहना है कि जब लड़की ने खुद कॉल और वीडियो के जरिए नशेड़ियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी, तो इसे महज एक ‘हादसा’ मानकर दबाया नहीं जा सकता।
सीएम सरमा की चिट्ठी के बाद चंद्रबाबू नायडू ने बनाई SIT
घटना की खबर फैलते ही असम में भारी आक्रोश फैल गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बिना देर किए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को औपचारिक पत्र लिखकर इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। नायडू ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की पड़ताल के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है।
अब पुलिस की साझा टीमें विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। स्टेशन पर छोड़ने आए अविनाश, कोच के यात्रियों और ट्रेन स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं कि आखिर रात के अंधेरे में कोच के भीतर छात्रा के साथ क्या हुआ और रेलवे की सुरक्षा हेल्पलाइन के बावजूद उसकी जान क्यों नहीं बचाई जा सकी।












































