Starlink India security row: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारलिंक’ (Starlink) की एंट्री को लेकर छिड़ा विवाद अब और गरमा गया है। इस पूरे मामले में अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक ललित मोदी की एंट्री हो गई है। ललित मोदी ने भारत सरकार के कड़े सुरक्षा रुख का खुला समर्थन करते हुए दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। मोदी ने दो टूक कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) का मालिक होने से मस्क को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और नियमों पर वीटो पावर का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके साथ ही उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर मस्क द्वारा की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों पर भी कड़ा एतराज जताया।
एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भारत में स्टारलिंक की शुरुआत को कुछ रसूखदार उद्योगपति रोक रहे हैं। इसके बाद मस्क ने सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी को सीधे निशाने पर लेते हुए उन पर तंज कसा और उन्हें ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ तक कह डाला था।
‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता’| Starlink India security row
मस्क की इसी बयानबाजी पर पलटवार करते हुए ललित मोदी ने शनिवार को ‘एक्स’ पर एक लंबा पोस्ट लिखा। उन्होंने सीधे मस्क को संबोधित करते हुए लिखा, “एलन, एक्स की ओनरशिप आपको भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर वीटो का अधिकार नहीं देती। मैं भारत सरकार के उस फैसले का पूरा समर्थन करता हूं, जिसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस शुरू करने से पहले कड़े सुरक्षा मानकों को पूरा करने पर जोर दिया गया है।”
Elon, owning X does not give you a veto over India’s national security. 🇮🇳
I support the Government of India’s insistence on rigorous security safeguards before satellite communication services begin operating. Protecting our citizens, their data and our critical communications infrastructure must come first. The same standards should apply to every operator, Indian or foreign.
I have spent my life building businesses and challenging established thinking. I believe in ambition, innovation and competition. I also believe that doing business in a country requires respect for its laws and institutions.
The personal badgering of Mukesh Ambani is completely uncalled for. Calling him “Prime Minister Ambani” contributes nothing to a serious discussion about connectivity or regulatory approvals. If there is evidence of unfair treatment, put it on the table. Sarcasm is no substitute for evidence.
India deserves the best technology available, including satellite connectivity for communities that need it. Every applicant deserves a fair, transparent and timely process. Every applicant must also demonstrate that it meets the required safeguards.
My position is straightforward: compete, innovate, meet the standards and earn the opportunity.
India’s security is non-negotiable. No individual’s wealth, influence or follower count should change that.
Lalit Modi – Founder IPL
#IndiaFirst #NationalSecurity #DigitalIndia #MukeshAmbani #Starlink
@elonmusk @narendramodi @reliancejio @SpaceX
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi) October 10, 2026
मोदी ने आगे लिखा कि देश के नागरिकों, उनके डेटा और जरूरी कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की हिफाजत हमेशा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यह सुरक्षा नियम हर ऑपरेटर पर समान रूप से लागू होने चाहिए, चाहे कंपनी भारतीय हो या विदेशी।
‘तंज कसना सबूत नहीं होता’: मुकेश अंबानी के समर्थन में उतरे मोदी
एलन मस्क के ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ वाले तंज पर बरसते हुए ललित मोदी ने कहा कि किसी पर भी व्यक्तिगत हमले करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा, “मुकेश अंबानी को निजी तौर पर निशाना बनाना गलत है। उन्हें ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ कहना रेगुलेटरी मंजूरी या कनेक्टिविटी जैसे गंभीर मुद्दों की चर्चा में कोई काम नहीं आने वाला। अगर आपके पास किसी गलत व्यवहार का कोई ठोस सबूत है, तो उसे दुनिया के सामने लाइए। सोशल मीडिया पर तंज कसना कभी भी सबूत का विकल्प नहीं बन सकता।”
ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बिजनेस खड़ा करने और पुरानी सोच को चुनौती देने में बिताई है। वे महत्वाकांक्षा, इनोवेशन और निष्पक्ष कॉम्पिटिशन के बड़े समर्थक हैं, लेकिन किसी भी मुल्क में कारोबार करने की पहली शर्त यही है कि वहां के कानूनों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाए।
‘इनोवेशन करें, मानक पूरे करें और मौका पाएं’
ललित मोदी ने यह भी माना कि भारत को दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट कनेक्टिविटी की सख्त जरूरत है, खासकर उन दूरदराज के इलाकों में जहां पारंपरिक इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा कि हर आवेदक कंपनी को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध मंजूरी की प्रक्रिया मिलनी चाहिए, लेकिन साथ ही हर कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि वह सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती है।
अपनी बात खत्म करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता, भले ही सामने वाले व्यक्ति के पास कितनी भी बेहिसाब दौलत हो, बड़ा प्रभाव हो या सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स हों।












































