BJP vs Congress Elon Musk: जहां एक तरफ देश में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एलन मस्क के एक बयान को लेकर नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। आखिर क्या है पूरा मामला? एलन मस्क मोदी के प्रशंसक हैं या कांग्रेस के दोस्त? यह सवाल इस वक्त देश के राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है।
स्टारलिंक लाइसेंस विवाद में मस्क के एक तीखे सवाल और उस पर राहुल गांधी के जवाब ने भारतीय राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। बीजेपी इसे कांग्रेस का यू-टर्न बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति कह रही है। लेकिन इस पूरी बहस के पीछे की असली हकीकत क्या है? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं क्या मस्क किसी के समर्थक हैं या खेल कुछ और है?
क्या राहुल गांधी को सपोर्ट कर रहे हैं Elon Musk?
हाल ही में एलन मस्क (Elon Musk) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करके भारत सरकार की नीतियों और नियामक मंजूरियों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिला हुआ है और वे 5 साल से भारत के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, फिर भी उन्हें लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा? मस्क ने सीधा हमला बोलते हुए पूछा, “क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मस्क (Elon Musk) के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “एलन, भारत में आपका स्वागत है। उस दूसरे व्यक्ति के बारे में जानने का थोड़ा इंतजार करें।” इस पर मस्क ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी और लिखा, “थैंक यू राहुल, यह वास्तव में चिंताजनक है।
मस्क और राहुल गांधी के बीच हुई इस बातचीत के बाद देश में यह सवाल तैरने लगा है कि क्या यह सिर्फ एक पोस्ट का जवाब था या इसके पीछे का खेल कुछ और है?
Welcome to India, Elon.
Wait till you discover the other guy.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 8, 2026
मस्क का मोदी कनेक्शन, क्या बोले थे प्रधानमंत्री?
इस नए सियासी घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना बयान भी काफी चर्चा में है। एलन मस्क (Elon Musk) द्वारा खुद को ‘मोदी का प्रशंसक’ बताए जाने पर पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया था, “एलन मस्क मोदी के प्रशंसक हैं, वो अपनी जगह है, लेकिन मूल रूप से वह भारत के प्रशंसक हैं।”
प्रधानमंत्री ने दोनों के बीच के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए बताया था कि उन्होंने साल 2015 में कैलिफोर्निया में टेस्ला की फ्रेमोंट फैक्ट्री का दौरा किया था। पीएम मोदी के मुताबिक, उस समय मस्क अपने पहले से तय कार्यक्रमों को रद्द करके विशेष रूप से उनसे मिलने पहुंचे थे और उन्हें टेस्ला की अत्याधुनिक बैटरी और सोलर टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। मस्क और पीएम मोदी के बीच की यह ट्यूनिंग दिखाती है कि मस्क का भारत और यहाँ के नेतृत्व के साथ रिश्ता काफी पुराना है।
एलन मस्क मोदी प्रशंसक है ये बात खुद मोदी ने बताई।
एलन मस्क भारत का प्रशंसक है, ये बात भी मोदी ने बताई।
उससे मोदी के 2015 से गहरे संबन्ध हैं। फैक्ट्री देखने जाना, कार्यक्रम छोड़कर स्वागत करना, बीवी बच्चों से मिलना, कई कई बार मिलना…बहुत याराना लगता है।
तो ट्रोलिंग जरा कायदे में रहकर कीजियेगा… वरना मैटर गंभीर हो जाएगा।
— Krishna Kant (@kkjourno) October 8, 2026
सत्ता बनाम विपक्ष या बॉस बनाम रियल बॉस?
हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि स्टारलिंक लाइसेंस विवाद के बाद शुरू हुई यह जंग अब सिर्फ ‘सत्ता बनाम विपक्ष’ की राजनीति तक सीमित रहेगी या फिर मस्क (Elon Musk) के तीखे सवाल के मुताबिक ‘बॉस बनाम रियल बॉस’ की असल लड़ाई में तब्दील होगी।
एक तरफ जहां विपक्ष को सरकार पर क्रोनी कैपिटलिज्म (मित्रवादी पूंजीवाद) के आरोप लगाने का बड़ा मौका मिल गया है, वहीं दूसरी तरफ सरकार और बीजेपी ने साफ कर दिया है कि भारत के नियम सभी विदेशी और स्वदेशी कंपनियों के लिए समान हैं और देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। मस्क और राहुल गांधी की इस जुगलबंदी ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।












































