सौरभ दास का पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, जंतर-मंतर पर Protest बैन? Rahul Gandhi का सुप्रीम कोर्ट चलो मार्च!

Rajni | Nedrick News Delhi Published: 12 अक्टूबर 2026, 09:48 PM Updated: 12 अक्टूबर 2026, 09:48 PM
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Rahul Gandhi Protest: CJP के को-फाउंडर सौरभ दास आज दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति लेने पहुंचे थे, जहां उन्होंने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया। लेकिन इस बीच जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाए जाने के फैसले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष और नागरिक समाज का आरोप है कि अचानक लिया गया यह फैसला लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश है।

ऐसे में यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या सत्ता पक्ष विपक्ष के इस बढ़ते दबाव और ‘सुप्रीम कोर्ट चलो’ मार्च से असहज है? आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि जंतर-मंतर को ही प्रोटेस्ट साइट से हटाना पड़ा? क्या तमाम शक्तियों और तख्त की ताकत होने के बावजूद, विपक्ष के इस मार्च ने सरकार को भीतर तक हिलाकर रख दिया है?

और पढ़ें: INDIA ब्लॉक का SC मार्च को लेकर दिल्ली छावनी में तब्दील, 6 मेट्रो स्टेशन बंद और ग्राउंड पर लोकतंत्र शर्मसार? | Jantar Mantar Protest — NEDRICK NEWS

सौरभ दास का पुलिस को अल्टीमेटम

सीजेपी (CJP) के को-फाउंडर सौरभ दास आज जब नागरिक समाज और प्रदर्शनकारियों की तरफ से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति लेने दिल्ली पुलिस के पास पहुंचे, तो वहां का नजारा बदला हुआ था। जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की सूची से हटाए जाने की खबर के बीच, सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस को साफ शब्दों में 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दे दिया है।

उन्होंने दो टूक कहा है कि अगर प्रशासन ने इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी, तो नागरिक समाज और आंदोलनकारी बिना अनुमति के ही सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और प्रशासन की होगी।

विपक्ष का हल्ला बोल

बाराखंभा रोड से विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) का ‘सुप्रीम कोर्ट चलो’ मार्च दिल्ली में पूरी ताकत के साथ शुरू हो चुका है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi), कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, डी. राजा और योगेंद्र यादव सहित विपक्ष के तमाम बड़े नेता बस में सवार होकर फिरोजशाह रोड और मंडी हाउस के रास्ते सुप्रीम कोर्ट की तरफ बढ़ रहे हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा प्रशासनिक स्तर पर मिलने से इनकार करने के बाद विपक्षी नेताओं ने अपनी रणनीति बदल ली है।

अब INDIA ब्लॉक के 10 प्रमुख नेता खुद सुप्रीम कोर्ट के भीतर जाकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ एक रिट याचिका (Writ Petition) दायर कर रहे हैं। सीपीआई (CPI) के महासचिव डी. राजा ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों को न्यायपालिका के पास जाने का पूरा अधिकार है, और वे इस याचिका पर अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

बस में सिर्फ राजनेता नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने साफ ऐलान किया था कि यह कोई सामान्य राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को बचाने का साझा आंदोलन है जिसमें देश का हर नागरिक जुड़ सकता है। यही वजह है कि जिस बस में सवार होकर यह मार्च निकाला जा रहा है, उसमें सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि युवा आंदोलनों का प्रमुख चेहरा बन चुकीं छात्र नेता नेहा बोरा (AISA अध्यक्ष) भी मौजूद हैं।

BJP महिला मोर्चा का कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हल्ला बोल

दिल्ली की सड़कों पर इस समय दोतरफा राजनीतिक घमासान छिड़ा हुआ है। जहां एक तरफ विपक्षी दल ‘वोट-चोरी’ के खिलाफ ‘सुप्रीम कोर्ट चलो’ मार्च निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी (BJP) महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जबरदस्त हल्ला बोल दिया है।

बीजेपी का यह आक्रोश कांग्रेस के इनर मणिपुर से लोकसभा सांसद और जेएनयू (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोम्चा बिमोल अकोइजाम (Angomcha Bimol Akoijam) के खिलाफ है, जिन्हें 11 छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद जेएनयू की इंटरनल कमिटी ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’ के तहत सड़कों पर उतरीं बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर इस संवेदनशील मुद्दे पर ‘मौन व्रत’ धारण करने का आरोप लगाते हुए सांसद के इस्तीफे की मांग की है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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