Kishore Kumar: जिंदगी को जिंदादिली से जीने वाले किशोर कुमार आखिरी वक्त में भी मुस्कुरा रहे थे। 13 अक्टूबर 1987 की वो दोपहर… हमेशा की तरह किशोर कुमार अपनी पत्नी लीना से हंस-हंसकर बातें कर रहे थे। अचानक उन्होंने एक मजाक किया और बिस्तर पर गिर गए। पत्नी मुस्कुराती रहीं और कहती रहीं, ‘अब नाटक बंद करो।’
लेकिन उन्हें क्या पता था कि इस बार भारतीय संगीत का यह सबसे बड़ा फनकार कोई प्रैंक नहीं, बल्कि हमेशा के लिए मौत की आगोश में सो चुका था। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं किशोर कुमार के जीवन के उस आखिरी दिन की अनसुनी कहानी।
चकाचौंध से थक चुके थे किशोर कुमार
लाखों दिलों पर राज करने वाले किशोर कुमार (Kishore Kumar) असल जिंदगी में मुंबई की इस बनावटी दुनिया और चकाचौंध से थक चुके थे। वे अक्सर कहते थे कि मुंबई एक ऐसी जगह है जहाँ कोई किसी का सच्चा दोस्त नहीं है और हर कोई सिर्फ इस्तेमाल करना जानता है। 1987 तक आते-आते वे बदलते म्यूजिक ट्रेंड से भी काफी निराश थे। उनका एक ही सपना था— बॉलीवुड से संन्यास लेकर अपने होमटाउन खंडवा मध्य प्रदेश लौट जाना। वे सितंबर 1987 में ही वहां शिफ्ट होने की प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
Kishore Kumar के बेटे ने बताया सच
किशोर दा के बेटे अमित कुमार के अनुसार, उस दिन सुबह से ही किशोर कुमार को कुछ अजीब सा अहसास हो रहा था। वे काफी बेचैन थे। उन्होंने अपने छोटे बेटे सुमित को स्विमिंग पूल में जाने से मना कर दिया था और कनाडा से आ रहे अमित कुमार की फ्लाइट को लेकर भी बार-बार चिंता जता रहे थे।
दोपहर के समय जब पत्नी लीना ने उनकी बेचैनी देखकर डॉक्टर को बुलाने की बात कही, तो किशोर दा ने अपने मजाकिया अंदाज में कहा— “अगर तुम डॉक्टर को बुलाओगी, तो मुझे सच में हार्ट अटैक आ जाएगा!”
यह बात बोलते ही वे अचानक बिस्तर पर गिर गए। किशोर कुमार अपनी जिंदगी में बहुत बड़े प्रैंकस्टर थे और अक्सर लोगों के सामने बेहोश होने की एक्टिंग करके डराया करते थे। यही वजह थी कि लीना को लगा कि वे हमेशा की तरह कोई नाटक कर रहे हैं। लेकिन जब शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तब वह परेशान हो गईं लेकिन तब तक किशोर दा इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे।
कुदरत का खेल देखिए, जिस 13 अक्टूबर को किशोर कुमार ने दुनिया को अलविदा कहा, उसी दिन उनके बड़े भाई और दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार का जन्मदिन था। हर साल पूरा परिवार जिस दिन जश्न मनाता था, उस दिन हमेशा के लिए मातम छा गया।
किशोर दा के सदाबहार गाने
वहीं किशोर कुमार (Kishore Kumar) के सदाबहार नगमों की बात करें तो’जिंदगी के सफर में’, ‘आने वाला पल’, और ‘चलते चलते’ जैसे गाने हमारी यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे। आपको किशोर दा का कौन-सा गाना पसंद है, हमें कमेंट में जरूर बताएं।











































