Gyanesh Kumar resignation protest Rahul-Kharge Rajghat protest Gyanesh Kumar resignation protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का रुख बेहद आक्रामक हो चुका है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में इंडिया गठबंधन और विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में पिछले दो दिनों से जारी विपक्ष की ‘लंच पॉलिटिक्स‘ गुरुवार को भी चर्चा का केंद्र बनी रही, जहां विपक्षी सांसदों ने कनॉट प्लेस के एक रेस्तरां में लंच के बाद सीधे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मृति स्थल राजघाट पहुंचकर धरना दिया और बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सड़क से संसद तक संग्राम: हिरासत और सीधे आरोप| Gyanesh Kumar resignation protest
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी परिसर में धरना दिया था, जबकि बुधवार को जंतर-मंतर पर पुलिस के साथ तीखी झड़प देखने को मिली थी। सड़क पर ही धरने पर बैठे दोनों नेताओं को पुलिस ने लगातार दो दिन हिरासत में भी लिया था।
गुरुवार को राजघाट पर प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हमें पहले चुनाव आयोग जाने से रोका गया, फिर जंतर-मंतर पर रोककर हमारे लोगों पर लाठियां चलाई गईं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने आपराधिक साजिश रचकर देश को हाईजैक किया है, संविधान को चोट पहुंचाई है और वोट चोरी की है। पूरा विपक्ष गारंटी देता है कि इन चारों को कानून के कटघरे में खड़ा कर सजा दिलाई जाएगी।” वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वे भगवान से यही प्रार्थना करेंगे कि सरकार, मोदी और शाह को सद्बुद्धि दे, क्योंकि वे जो कर रहे हैं वह देशहित में नहीं है।
बिहार, यूपी से लेकर बेंगलुरु तक विरोध की आग
दिल्ली के बाहर भी विरोध प्रदर्शन तेज रहे। बिहार, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। पटना में प्रदर्शन के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने मोर्चा संभाला और लखनऊ, प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक जमकर नारेबाजी की। उधर, दिल्ली से 2100 किलोमीटर दूर बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में ‘सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन हुआ। अभिनेता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राठी की मौजूदगी वाले इस प्रदर्शन में एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की नियुक्तियों को 2023 के कानून के उल्लंघन का हवाला देते हुए चुनौती दी गई है।
कनॉट प्लेस में कश्मीरी युवक से मारपीट, बीजेपी का पलटवार
कनॉट प्लेस में सांसदों के लंच से ठीक पहले रेस्तरां के बाहर भारी हंगामा हो गया। प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन और राहुल गांधी के विरोध में नारे लगा रहे फहीम नजीर नाम के एक कश्मीरी युवक की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी। घायल युवक ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष जीतता है तो ईवीएम ठीक रहती है और हारने पर सवाल उठाए जाते हैं।
इधर, बीजेपी महिला मोर्चा ने कांग्रेस दफ्तर के बाहर जवाबी प्रदर्शन किया। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार करते हुए कहा कि मामला जब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, तो क्या रील बनाने वाले राहुल गांधी को अदालत पर भरोसा नहीं है? वहीं, कुछ पूर्व जजों और संवैधानिक हस्तियों ने खुला पत्र लिखकर बिना ठोस सबूतों के संवैधानिक संस्थाओं और ईवीएम पर सवाल उठाने को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
23 हजार जवान तैनात, छावनी में बदली नई दिल्ली
लगातार विरोध और 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर 10 अक्टूबर को पूरा इलाका सील रहेगा और धारा 163 लागू रहेगी। अर्धसैनिक बलों की 110 अतिरिक्त कंपनियों समेत 23 हजार केंद्रीय जवान और 20 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। फेस रिकॉग्निशन (FRS) कैमरों से निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर मेट्रो स्टेशन व बाजार बंद कराने की तैयारी है। उधर, ज्ञानेश कुमार की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा में अर्धसैनिक बलों के जवानों की संख्या और बढ़ा दी गई है।












































