Bhadohi News: चार महीने की कैद, भूख-प्यास से तड़पता शरीर और अपनों की ही बेरुखी… जिस बेटी को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाया, उसी को मरने के लिए छत पर भूखा-प्यासा छोड़ दिया गया। अपनों की क्रूरता और बंद कमरों में दफन चीखों की यह एक ऐसी दास्तान है, जिसने खाकी को भी रुला दिया।
उत्तर प्रदेश के भदोही से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक 20 साल की होनहार छात्रा पिछले कई महीनों से अपने ही घर की छत पर टीनशेड के नीचे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी। इस खौफनाक हकीकत से पर्दा तब उठा, जब घर से आ रही तेज दुर्गंध के बाद पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर छापा मारा। हड्डियों का ढांचा बन चुकी इस युवती को अत्यंत गंभीर हालत में रेस्क्यू किया गया है, जिसके बाद उसके सगे पिता पर गंभीर और शर्मनाक आरोप लग रहे हैं।
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कैसे हुआ मामले का खुलासा?
युवती पिछले कुछ महीनों से अचानक मोहल्ले में दिखना बंद हो गई थी। सोमवार को जब घर से तेज बदबू आने लगी, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का शक हुआ। उन्होंने घर के अंदर जाकर देखने की कोशिश की, लेकिन पिता ने दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। इसके बाद पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के सामने आया खौफनाक मंजर
सूचना पाकर जब पुलिस मौके पर पहुँची और घर के अंदर दाखिल हुई, तो छत का नजारा देखकर दंग रह गई। युवती छत पर टीनशेड के नीचे अत्यंत अमानवीय स्थिति में पड़ी थी। उसके शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। भूख और प्यास के कारण वह हड्डियों का ढांचा बन चुकी थी। रेस्क्यू के दौरान वह इतनी प्यासी थी कि अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में ही उसने एक बार में करीब डेढ़ लीटर पानी पी लिया और खाने की गुहार लगाने लगी।
पीड़ित युवती की मेडिकल स्थिति
पीड़िता को भदोही के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक युवती के शरीर की फैट लेयर और मांसपेशियां पूरी तरह गल चुकी हैं, जो यह दर्शाता है कि उसे लंबे समय से खाना नहीं दिया गया। उसके शरीर में खून की भारी कमी है, हीमोग्लोबिन घटकर मात्र 6 ग्राम रह गया है और प्लेटलेट्स भी 59 हजार के करीब आ चुके हैं। लंबे समय तक गंदगी और जमीन पर पड़े रहने के कारण उसके शरीर के पिछले हिस्से में गंभीर घाव और संक्रमण फैल चुका है।
छोटे भाई का चौंकाने वाला बयान
घर में युवती के अलावा उसका पिता और एक 15 साल का छोटा भाई ही रहते थे। युवती के छोटे भाई ने अपने पिता पर बेहद गंभीर और शर्मनाक आरोप लगाए हैं। भाई का कहना है कि पिता उसकी बहन को घर से बाहर नहीं निकलने देते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाई ने दावा किया कि पिता ने बहन के साथ गलत व्यवहार किया, जिसके बाद पिता ने उसे धमकाया कि यदि उसने किसी को बताया तो वह दोनों भाई-बहन के साथ अनहोनी हो जाएगी। इसी डर से वह चुप रहा।
आरोपी पिता की दलील
पीड़िता का पिता शहर की एक दुकान पर समोसे बेचने का काम करता है। उसने बंधक बनाने और प्रताड़ित करने के आरोपों से इनकार किया है। उसका दावा है कि उसकी बेटी को काफी समय से तेज बुखार और लूज मोशन (दस्त) की शिकायत थी और वह घर का बना खाना ही उसे दे रहा था। उसने इलाज न कराने और अस्पताल न ले जाने की बात स्वीकार की है।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए ज्ञानपुर के एसडीएम अरुण दीक्षित और सीओ चमन चावड़ा तुरंत जिला अस्पताल पहुँचे और पीड़िता व डॉक्टरों से बात की। पुलिस इस मामले में भाई के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गहन जाँच में जुटी है।











































