Coal levy scam chargesheet: छत्तीसगढ़ का चर्चित कोयला लेवी घोटाला एक बार फिर सुर्खियों के केंद्र में आ गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा (ACB-EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में 12 आरोपियों के खिलाफ छठा पूरक चालान पेश किया है। इस नए चालान के सामने आते ही सूबे की सियासत से लेकर साहित्यिक जगत तक हलचल मच गई है। चालान के पेज नंबर 67 में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। इसमें खैरागढ़ उपचुनाव के दौरान आयोजित हुई एक रामकथा और उसके लिए जुटाए गए पैसों के लेन-देन का विस्तार से ब्योरा दर्ज है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में प्रसिद्ध कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम और उसके लिए ₹25 लाख की व्यवस्था किए जाने का उल्लेख किया गया है।
व्हाट्सएप चैट से सामने आया 25 लाख का कनेक्शन| Coal levy scam chargesheet
जांच एजेंसी ने किसी कागजी हिसाब से ज्यादा आरोपियों के बीच हुई डिजिटल बातचीत यानी व्हाट्सएप चैट को इस खुलासे की मुख्य कड़ी बनाया है। चार्जशीट के मुताबिक, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में 5 अप्रैल 2022 की बातचीत दर्ज है। उस समय खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव का सियासी पारा पूरे उफान पर था।
चैट में रामनवमी के मौके पर खैरागढ़ में ‘हमर भांचा राम’ नाम से आयोजित सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यक्रम की चर्चा मिलती है। इसी आयोजन के तहत कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए सिंडिकेट के जरिए ₹25 लाख का इंतजाम करने की बात साफ तौर पर कही गई थी। हालांकि, एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुमार विश्वास को भुगतान सीधे कोयला घोटाले की रकम से ही हुआ था या नहीं। इस पर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। उस दौरान बीजेपी ने इस आयोजन को लेकर चुनाव आयोग से आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत भी की थी।
14 दिनों में चुनाव क्षेत्र में झोंके गए 3 करोड़ रुपये
EOW की जांच रिपोर्ट में डिजिटल साक्ष्यों और डायरी की प्रविष्टियों से बड़ा पर्दाफाश हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि 28 मार्च से 10 अप्रैल 2022 के बीच मात्र 14 दिनों के भीतर 11 अलग-अलग किस्तों में करीब ₹3 करोड़ की भारी-भरकम नकद रकम चुनाव क्षेत्र में पहुंचाई गई थी। इस राशि का बड़ा हिस्सा चुनाव प्रचार, स्थानीय कार्यकर्ताओं के इंतजामात और सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर पानी की तरह बहाया गया था।
रिकॉर्ड के अनुसार, 7 अप्रैल को सिंडिकेट के दुर्ग ग्रुप में नकद रकम पहुंचने का पुष्टिकरण मैसेज भेजा गया था। इसके बाद 9 अप्रैल को खैरागढ़ पहुंचने के दिन ही डायरी में ₹35 लाख दिए जाने की एंट्री दर्ज पाई गई है।
कुमार विश्वास की चुप्पी, सियासी घमासान तेज
मंचों से राजनीति और व्यवस्था पर खुलकर प्रहार करने वाले कवि कुमार विश्वास का नाम चार्जशीट में आने से मामला बेहद दिलचस्प हो गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कुमार विश्वास की ओर से कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। अदालत में पेश इस छठे पूरक चालान के बाद जहां विपक्षी दल सत्ता पक्ष को घेरने में जुट गए हैं, वहीं जांच एजेंसी डिजिटल चैट्स को कानूनी रूप से सबसे मजबूत सबूत मानकर आगे की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है।













































