क्या थमने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? पुतिन ने कीव पर 72 घंटे के लिए रोके हमले, शांति वार्ता के लिए मॉस्को पहुंचे अमेरिकी दूत| Russia Ukraine Peace Talks

Nandani | Nedrick News Russia Published: 07 सितम्बर 2026, 12:33 AM Updated: 07 सितम्बर 2026, 12:33 AM
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Russia Ukraine Peace Talks: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले पांच सालों से जारी भीषण और विनाशकारी युद्ध को रोकने की दिशा में शनिवार को एक बेहद अहम मोड़ आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अगले 72 घंटे यानी तीन दिनों के लिए सभी तरह के सैन्य हमलों को रोकने का बड़ा आदेश दिया है। इस अप्रत्याशित फैसले के सामने आने के बाद अब यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या वाकई इतने लंबे समय से खिंचती आ रही यह जंग अब किसी समझौते की तरफ बढ़ रही है।

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कीव में शांति वार्ता की तैयारी, पुतिन ने दिए हमले रोकने के निर्देश| Russia Ukraine Peace Talks

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने यह कदम अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की आगामी कीव यात्रा को देखते हुए उठाया है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल कीव में शांति वार्ता की जमीन तैयार करने के मकसद से पहुंच रहा है, और इसी यात्रा की तैयारियों व सुरक्षा के मद्देनजर हमलों पर तीन दिन की यह रोक लगाई गई है।

मॉस्को पहुंचे ट्रंप के दूत, जेलेंस्की बोले—मेजबानी के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शनिवार को मॉस्को पहुंचे। रूसी धरती पर कदम रखते ही हवाई अड्डे पर रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने उनका स्वागत किया। अमेरिकी प्रतिनिधियों का यह दौरा ऐसे नाजुक दौर में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच हवाई टकराव बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका था।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी दूतों के इस शांति मिशन का स्वागत किया है। जेलेंस्की ने साफ कहा कि वे रविवार को कीव में इन दूतों की मेजबानी करने और बातचीत की मेज पर बैठने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, इस 72 घंटे के संघर्ष विराम के ऐलान से ठीक पहले रूस ने कीव के अहम सरकारी प्रतिष्ठानों और बोरिस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जेट-पावर्ड ड्रोन के जरिए भीषण और ताबड़तोड़ हमले किए थे।

युद्ध रोकने में भारत की भी सक्रिय भूमिका, पोलैंड में बोले जयशंकर

इस पूरे संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत भी लगातार सक्रिय रुख अपनाए हुए है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कीव की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार को पोलैंड के वारसॉ में वहां के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की।

संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जयशंकर ने भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत लगातार रूस और यूक्रेन, दोनों ही देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए है। भारत की कोशिश है कि दोनों पक्षों के सामने ऐसे व्यावहारिक विचार और सुझाव रखे जाएं, जिससे युद्ध की तीव्रता को तुरंत कम किया जा सके और शांति का रास्ता निकले।

पूरी दुनिया झेल रही है जंग की मार

विदेश मंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए याद दिलाया कि यह टकराव अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इसका असर केवल यूरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में खाद्य सुरक्षा, ईंधन की उपलब्धता और सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है। कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान भी जयशंकर ने यह भरोसा दिलाया था कि इस संघर्ष को समाप्त कराने के लिए भारत अपनी तरफ से हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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