Kuldeep Yadav News: गॉल टेस्ट मैच शुरू होने से पहले तक फैंस के दिल में कुलदीप यादव के लिए जो हमदर्दी थी, वह अब धीरे-धीरे निराशा और सवालों में बदलती दिख रही है। लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि इस सीनियर स्पिनर को प्लेइंग इलेवन में लगातार मौके न देकर उनके साथ नाइंसाफी की जाती है। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ गॉल की जिस टर्निंग पिच पर 20 में से 15 विकेट स्पिनरों की झोली में गए, वहां कुलदीप यादव का जादू पूरी तरह फीका साबित हुआ।
जडेजा और सुथार को मिले 14 विकेट, कुलदीप को सिर्फ एक| Kuldeep Yadav News
19 अगस्त को खत्म हुए दो मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 165 रनों के बड़े अंतर से मात दी। भारत की यह जीत जितनी शानदार रही, कुलदीप यादव की गेंदबाजी को लेकर उतने ही तीखे सवाल खड़े हो गए। जिस विकेट पर दो बाएं हाथ के फिंगर स्पिनर्स रवींद्र जडेजा (4 विकेट) और युवा मानव सुथार (10 विकेट) ने मिलकर 14 विकेट झटके और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया, वहां कुलदीप को पूरे मैच में सिर्फ एक ही सफलता मिली।
पहली पारी में उन्होंने 14 ओवर फेंककर 65 रन देकर 1 विकेट निकाला, जबकि दूसरी पारी में वह एक-एक विकेट के लिए तरसते नजर आए।
कंट्रोल और वेरिएशन में क्यों पिछड़े कुलदीप?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना था कि गॉल की परिस्थितियां कुलदीप जैसे रिस्ट स्पिनर के लिए मुफीद साबित होंगी। कुलदीप की ताकत हवा में ड्रिफ्ट, कलाई का एंगल और सटीक गुगली से बल्लेबाज को चकमा देना है। लेकिन इस मुकाबले में न तो उनकी गुगली सही जगह गिरी और न ही वह गेंद को तेजी से टर्न करा सके।
जडेजा और मानव सुथार ने न सिर्फ गेंद को घुमाया, बल्कि एक ही टप्पे पर लगातार गेंदबाजी करके बल्लेबाजों को बांधे रखा। इसके उलट, कुलदीप अपनी लाइन-लेंथ से भटकते रहे, जिससे श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए उन्हें बैकफुट पर जाकर खेलना बेहद आसान हो गया।
लगातार मौके न मिलना और कूकूमुरा गेंद का असर
कुलदीप के साथ एक बड़ी समस्या यह भी रही है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में कभी लगातार मौके नहीं मिले। जब भी उन्हें मैदान पर उतारा जाता है, उन पर खुद को तुरंत साबित करने का भारी दबाव होता है। गॉल टेस्ट में भी कप्तान ने उन्हें लंबे स्पैल देने के बजाय सिर्फ तब गेंद थमाई, जब पार्टनरशिप तोड़ने की जरूरत थी। इसके अलावा, पुरानी कूकूमुरा गेंद से ग्रिप न मिलना भी रिस्ट स्पिनर के लिए परेशानी का सबब बना।
अब करियर बचाने की चुनौती: सुथार और सारांश जैन से सीधा मुकाबला
कुलदीप यादव की चुनौती अब सिर्फ रवींद्र जडेजा तक सीमित नहीं है। मानव सुथार के 10 विकेट के धमाकेदार प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट को एक मजबूत विकल्प दे दिया है। वहीं घरेलू क्रिकेट में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाले ऑफ स्पिनर सारांश जैन भी अपने डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं, जो निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।
टी20 फॉर्मेट में वैसे भी कुलदीप प्राथमिकता में नहीं दिखते, ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में यह प्रदर्शन उनके लिए खतरे की घंटी है। आने वाला मुकाबला कुलदीप के लिए सिर्फ एक आम मैच नहीं, बल्कि यह साबित करने की जंग होगी कि वे टीम के फ्रंटलाइन स्पिनर हैं या महज एक बैकअप विकल्प।













































