Ketan Agrawal case update: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी ने शुरुआत में केतन अग्रवाल को केवल घायल करने की योजना बनाई थी ताकि उनकी शादी कुछ समय के लिए टल जाए। हालांकि, बाद में दोनों ने कथित तौर पर अपनी योजना बदल दी और हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई। आरोप है कि दोनों ने पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टान से केतन को नीचे धक्का दिया और पूरी घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की।
बाली ट्रिप और शादी बनी जल्दबाजी की वजह| Ketan Agrawal case update
जांच में सामने आया है कि सिया और केतन की जून की शुरुआत में बाली यात्रा तय थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को आशंका थी कि शादी और विदेश यात्रा के बाद उनकी योजना को अंजाम देना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर जल्द ही वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान हत्या की पूरी योजना को अंतिम रूप दिया गया और ऐसी जगह की तलाश शुरू हुई, जहां घटना को दुर्घटना साबित करना आसान हो।
हत्या से पहले कई जगहों की रेकी की गई
पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन ने वारदात से पहले लोनावला के टाइगर पॉइंट, विसापुर किला और कई अन्य ऊंची जगहों की रेकी की थी। जांच के मुताबिक, दोनों ऐसी लोकेशन तलाश रहे थे जहां किसी को धक्का देकर हत्या करने के बाद उसे हादसा बताया जा सके और मौके पर सबूत भी कम से कम मिलें। पुलिस का कहना है कि दोनों कथित तौर पर एक-दूसरे को संभावित स्थानों की तस्वीरें भेजते थे और लगातार इस योजना पर चर्चा करते रहे।
ऑनलाइन सर्च और फिल्मों से जुटाई जानकारी
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने कई सप्ताह तक इंटरनेट पर अलग-अलग तरह की जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के संभावित तरीकों को लेकर ऑनलाइन सर्च किए, सस्पेंस फिल्में देखीं और अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा की। पुलिस का दावा है कि शुरुआत में योजना केवल केतन को घायल करने की थी ताकि शादी टल सके, लेकिन बाद में दोनों ने कथित तौर पर हत्या करने का फैसला लिया।
14 जून को पहली कोशिश, लेकिन बच गया केतन
पुलिस का दावा है कि 14 जून को भी लोहागढ़ किले पर केतन की हत्या की कोशिश की गई थी। जांच के मुताबिक, उस दिन केतन चट्टान से गिरने से इसलिए बच गया क्योंकि उसने समय रहते झाड़ी पकड़ ली थी। पुलिस के अनुसार, उस घटना के बाद सिया ने कथित तौर पर यह कहा था कि उसने केतन को सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। अब जांच एजेंसियां इस घटना को भी पूरी साजिश का हिस्सा मानकर जांच कर रही हैं।
18 जून को कथित तौर पर दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस का कहना है कि पहली कोशिश नाकाम होने के बाद दोनों ने कथित तौर पर अंतिम योजना तैयार की। आरोप है कि 18 जून को दोनों फिर लोहागढ़ किले पहुंचे और वहीं केतन को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का दावा है कि वारदात से पहले दोनों ने इसकी रिहर्सल भी की थी। इतना ही नहीं, पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इंटरनेट पर यह भी खोजा था कि हत्या के बाद पुलिस की गिरफ्त से कैसे बचा जा सकता है।
दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में, जांच जारी
फिलहाल इस मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जुड़े किसी भी तरह के सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है और आगे की जांच के आधार पर नए तथ्य सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
































