राम मंदिर के बाद अब कृष्ण जन्मभूमि विवाद क्या है ?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 अगस्त 2020, 05:30 AM Updated: 03 अगस्त 2020, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

अयोध्या के राम जन्मभूमि का विवाद तो सुलझ गया लेकिन क्या आप मथुरा में स्थित कृष्ण जन्मभूमि के बारे में जानते हैं। चलिए आज हम इसके बारे में विस्तार से जानते हैं और समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर मंदिर से जुड़ा विवाद या फिर उससे जुड़ तथ्य क्या है। हालांकि हम आपको ये साफ कर देना चाहते हैं कि किसी भी जाति वर्ग या धर्म से जुड़े लोगों की भावनाएं को ठेस पहुंचाने का हमारा कोई इरादा हमारा कतई नहीं है।

औरंगजेब ने तुड़वाया था मंदिर! 

कृष्णजी की जन्मभूमि जिसे प्रेम नगरी भी कहा जाता है और जो मथुरा में शाही मस्जिद ईदगाह के बगल में ही स्थित है। ये दोनों धार्मिक स्थल अगल-बगल ही है। यहां पूजा अर्चना भी होती और पांच वक्त की नमाज़ भी अदा की जाती है, वो भी नियमित रूप से। इन सौहार्द्रपूर्ण स्थित को अनदेखा तो नहीं किया जा सकता है लेकिन गौर इस बात पर भी करनी चाहिए कि इतिहासकार ऐसा दावा करते हैं कि बादशाह औरंगज़ेब ने 17वीं सदी में एक मंदिर तुड़वाया और उसी के ऊपर मस्जिद बनी थी।

कई साल तक कोर्ट में चला था मामला 

हिंदू संगठन की तरफ से भी ऐसा कहा गया कि कृष्ण जी का ठीक मस्जिद के स्थान पर ही जन्म हुआ था। मथुरा का सबसे पुराना मंदिर केशव देव जी महाराज मंदिर इस मंदिर परिसर के ठीक बाहर है। वैसे देखने वाली बात ये है कि कृष्ण परिसर को लेकर कई साल तक कोर्ट में मामला चला था पर 1968 में दोनों धर्मों के विद्वानों ने एक समझौता कर लिया जो कोर्ट के बाहर हुआ। जिसे कोर्ट की मान्यता भी मिल चुकी है। ऐसा समझौता हुआ कि मंदिर-मस्जिद से जुड़े सभी मामले खत्म किए जाएं और एक मंदिर की स्थापना हो और मस्जिद में भी काम चले और इस तरह से इस सारे झगड़े को ख़त्म कर दिया गया।

‘मथुरा में नहीं है कोई विवाद’

कृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि को लेकर कहा था कि मथुरा एक शांत नगर है, यहां किसी भी तरह का विवाद नहीं है। वैसे देखा जाए तो वे ठीक ही कह रहे थे क्योंकि पूरी प्रॉपर्टी का मालिकाना हक कृष्ण जन्मभूमि न्यास के पास है। पूरी प्रॉपर्टी, जिसमें मंदिर के साथ ही लगा ईदगाह भी है, कागजों में हमेशा से न्यास की ही है ऐसे में अब यहां कोई विवाद नहीं रहा।

वैसे मथुरा की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ऐसा कि साफ साफ दो धर्मों के बीच के सौहार्द्रा को देखा जा सकता है। मथुरा की सड़कों पर बिल्कुल वहीं रौनक दिखती है आम दिनों में जैसा की किसी तीर्थस्थान पर होता है। यहां हज़ारों यात्री आते हैं। खासकर जन्माष्टमी में तो माहौल यहां और ज्यादा खुशनुमा और रंगीन हो जाता है।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds