डॉ भीमराव अंबेडकर की तीसरी और चौथी पीढ़ी कहां है और अब क्या कर रही है ?

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 17 फ़रवरी 2024, 12:00 AM 🔄 Updated: 17 फ़रवरी 2024, 12:00 AM
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इतिहासकार ऐसा मानते हैं कि गांधी औऱ नेहरू ने भारतीय राजनीति को सबसे ज्यादा प्रभावित किया..लेकिन हमारा ऐसा मानना है कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारतीय राजनीति को सबसे ज्यादा प्रभावित किया और एक  असरदार सियासी विरासत छोड़ी. लेकिन क्या आप जानते  हैं कि बाबा साहेब  के बाद उनके परिवार का क्या हुआ…उनकी अगली पीढ़ियों ने क्या क्या किया और अब चौथी पीढ़ी कहां और कैसे है?

डॉ भीमराव अंबेडकर की पहली पत्नी

दरअसल, बाबा साहेब अंबेडकर की अब चौथी  पीढ़ी लोगों के बीच है. उनमें से कुछ एक्टिविस्ट हैं तो वहीं  कुछ लोग दलित आंदोलन को मजबूत करने में लगे हैं. डॉ अंबेडकर की  दो शादियां हुई थी..पहली पत्नी रमाबाई से उनकी 5 संतानें  हुईं, जिनमें से 4 की मृत्यु बचपन में ही हो गई. यशवंतराव अंबेडकर को छोड़कर उनका कोई बच्चा नहीं बचा. 37 साल की उम्र में रमाबाई की भी मृत्यु हो गई. बाबा साहेब ने अपनी पुस्तक थॉट्स ऑन पाकिस्तान अपनी पहली पत्नी को ही समर्पित किया है.

उसके बाद 1948 में बाबा साहेब  की दूसरी शादी डॉ सविता से हुई. अंबेडकर बताते हैं कि सविता  के इलाज  का ही असर था कि उनका जीवन 8 से 10 साल ज्यादा बढ़ गया. सविता का निधन मुंबई में 2003 में हुआ. अपने बाद के बरसों में वो अंबेडकर द्वारा स्थापित पार्टी रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया में सक्रिय भी हुईं.

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यशवंतराव अंबेडकर

अगर  हम यशवंतराव की  बात करें तो वह अपने 5 भाई बहनों में अकेले जिंदा  बच  पाए थे…बाबा साहेब की मृत्यु  के बाद वह पिता के रास्तों  पर  ही चलते  रहे. उन्होंने लंबे समय तक बुद्धिस्ट आंदोलन को मजबूत किया. बाद में उन्हें बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया का प्रेसीडेंट भी बनाया गया. यशवंतराव लंबे समय तक राजनीति में भी सक्रिय रहे और  दलित आंदोलन को धार देते रहे. बाबा साहेब की मृत्यु के 21  साल बाद इनकी भी मृत्यु  हो  गई. 1977 में जब इनकी मृत्यु हुई तो उनकी शवयात्रा में 10 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ शामिल हुई थी. उनके 4  बच्चे हुए, जिनमें तीन बेटे  और 1 बेटी शामिल है.

बाबा साहेब की तीसरी पीढ़ी

अगर हम बाबा साहेब की तीसरी पीढ़ी की बात करें तो इसमें यशवंतराव के 2 बेटे प्रकाश अंबेडकर, आनंदरराज अंबेडकर और  बेटी रमा आनंद  का  परिवार शामिल है. यशवंतराव के तीसरे बेटे भीमराव के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिलती है. आपको  बता दें कि प्रकाश अंबेडकर यशवंतराव के सबसे बड़े  बेटे हैं. वो  दलितों के  आंदोलन से जुड़े रहे हैं. महाराष्ट्र की  राजनीति में उनका खासा असर रहा है. वह  2 बार लोकसभा और एक  बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. मौजूदा  समय में वह भारिप  बहुजन महासंघ के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष है.

अगर हम आनंदराज अंबेडकर की बात करें तो वो यशवंतराव के दूसरे  बेटे हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग की लेकिन अब वह राजनीति में सक्रिय हैं. आनंदराज अंबेडकर ने  रिपब्लिकन सेना का  गठन किया है…इनके दो बेटे साहिल और अमन हैं. बाबा साहेब की एकमात्र पोती और यशंतराव की बेटी रमा आनंद  की शादी आनंद तेलतुंबड़े से हुई है. आनंद गोवा में प्रोफेसर हैं. वो देश की जाति व्यवस्था पर काफी कुछ लिखते रहे हैं. उनकी बेटियां प्राची और रश्मि हैं, वो दोनों भी दलितों और वंचितों के लिए लिखती रहती हैं.

अगर हम बाबा साहेब की चौथी पीढ़ी की बात करें तो इसका प्रतिनिधित्व प्रकाश अंबेडकर के बेटे सुजत अंबेडकर कर रहे हैं. वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं..उनका स्टाइलिश लुक काफी दमदार है. वह पत्रकारिता की डिग्री ले चुके हैं. उनकी जनसभाओं में  काफी भीड़ जुटती है.

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