Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की आज की पाँच बड़ी खबरों में पहली खबर GDA अब अपनी महत्वाकांक्षी ‘एयरोसिटी टाउनशिप’ के लिए लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन का अधिग्रहण करने जा रहा है, जिससे किसानों की किस्मत बदलने वाली है। मोरटी और अटौर समेत कई गांवों के किसानों को सीधे तौर पर विकसित जमीन का मालिकाना हक मिलेगा और करोड़ों का फायदा होगा।
वहीं दूसरी ओर, लोनी के ट्रोनिका सिटी इलाके से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने प्लॉट पर अवैध कब्जा करने वाले 50 वर्षीय वांछित आरोपी संजय को धर दबोचा है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे खेल करने वाला यह आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। इसके साथ ही गाजियाबाद की तीन और बड़ी और अहम खबरों की, जिनमें शहर की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रशासनिक फेरबदल की हर हलचल शामिल है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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1 अक्टूबर से बिना PUCC वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल
गाजियाबाद की पहली खबर बढ़ते प्रदूषण को लेकर है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि 1 अक्टूबर से गाजियाबाद के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी (CNG) नहीं दी जाएगी। फिलहाल इस व्यवस्था का ट्रायल चल रहा है।
पेट्रोल पंप कर्मचारी एक मोबाइल ऐप के जरिए वाहनों के नंबर डालकर उनके PUCC स्टेटस की जांच कर रहे हैं। आने वाले समय में यहाँ ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे भी लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिए हैं कि जो भी पेट्रोल पंप संचालक इस नियम की अनदेखी कर बिना PUCC वाले वाहनों को ईंधन देंगे, उनके पंप सील कर बंद कर दिए जाएंगे।
गाजियाबाद में रजिस्टर्ड लगभग 26,384 वाहनों के पास फिलहाल वैध PUCC नहीं है, जिनमें 20,000 से ज्यादा दोपहिया और 6,000 से अधिक कारें शामिल हैं। इन सभी को 1 अक्टूबर से पहले अपना प्रदूषण सर्टिफिकेट रिन्यू कराना होगा। जिले में प्रदूषण कम करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और ग्रेप (GRAP) के नियमों के तहत BS-4 श्रेणी से नीचे के पुराने और तय समय सीमा पार कर चुके वाहनों को जब्त कर स्क्रैप किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, साहिबाबाद, लोनी और राजनगर एक्सटेंशन जैसे इलाकों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित कर विशेष निगरानी शुरू की है। लोक निर्माण विभाग और नगर निगम को टूटी सड़कों की जल्द मरम्मत करने तथा पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि धूल न उड़े। साथ ही, जाम से होने वाले धुएं को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
डायवर्ट की गई कई ट्रेनें पुराने रूट से ही चलेंगी! (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर होने वाले विकास कार्यों के मद्देनजर जो ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाना था, उसे फिलहाल स्थगित (Postpone) कर दिया गया है। इसके चलते, डायवर्ट की गई नंदा देवी एक्सप्रेस और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस समेत 7 प्रमुख ट्रेनें अब अपने पुराने और तय रूट से ही चलेंगी।
रेलवे प्रशासन द्वारा गाजियाबाद स्टेशन पर तकनीकी और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ब्लॉक लिया जाना तय हुआ था। इसके कारण कई ट्रेनों के रूट में बदलाव (Divert) किया गया था, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब ब्लॉक स्थगित होने से सभी ट्रेनें पूर्ववत (पहले की तरह) चलेंगी।
रूट डायवर्जन हटने से ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुँचेंगी। जो ट्रेनें बदले हुए रूट के कारण कुछ स्टेशनों को छोड़ रही थीं, वे अब पुराने सभी तय स्टेशनों पर रुकेंगी। रूट बदलने की वजह से यात्रा रद्द करने या रूट बदलने की सोच रहे हजारों यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
अपने ही रेस्टोरेंट से खुद खाना ऑर्डर करके बना लखपति (Top 5 Ghaziabad News)
क्या कोई अपने ही रेस्टोरेंट से खुद खाना ऑर्डर करके लखपति बन सकता है? सुनने में यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा लगता है, लेकिन कुछ शातिर दिमाग लोगों ने फूड डिलीवरी ऐप स्विगी (Swiggy) के कैशबैक और डिस्काउंट ऑफर का फायदा उठाकर इसे हकीकत में बदल दिया। उन्होंने 75 मिनट में होने वाली डिलीवरी को महज 5 मिनट में पूरा दिखाकर कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगा दिया और स्विगी को अपने लिए ‘एटीएम मशीन’ बना लिया।
इस चौंकाने वाले घोटाले को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया। ठगों ने पहले स्विगी पर एक रेस्टोरेंट रजिस्टर कराया। इसके बाद वे खुद ही ग्राहक बनकर अपने ही रेस्टोरेंट से बड़े-बड़े अमाउंट के ऑर्डर प्लेस करने लगे। उस समय स्विगी पर ग्राहकों को लुभाने के लिए भारी डिस्काउंट, कूपन कोड और कैशबैक ऑफर्स मिल रहे थे।
मान लीजिए 1000 के ऑर्डर पर कंपनी 300 का डिस्काउंट दे रही थी, तो ग्राहक को सिर्फ 700 देने पड़ते थे। डिलीवरी पार्टनर के तौर पर भी इन्होंने अपने ही किसी साथी को सेट कर रखा था। जैसे ही ऑर्डर ऐप पर आता, रेस्टोरेंट से खाना पैक दिखाए बिना ही डिलीवरी बॉय उसे तुरंत ‘पिक’ करता और 5 मिनट के भीतर ‘डिलीवर’ मार्क कर देता।
चूंकि ऑर्डर डिलीवर हो चुका था, इसलिए स्विगी के नियम के मुताबिक रेस्टोरेंट मालिक को पूरे 1000 (कंपनी का कमीशन काटकर) मिल जाते थे। जबकि ग्राहक (जो कि वे खुद ही थे) की जेब से सिर्फ 700 ही कटे थे। इस तरह हर एक फर्जी ऑर्डर पर ठगों को बैठे-बिठाए 200 से 300 का शुद्ध मुनाफा हो रहा था। दिनभर में सैकड़ों ऑर्डर दिखाकर इन्होंने कंपनी से लाखों रुपये ऐंठ लिए।
स्विगी के सिस्टम ने जब डेटा एनालिटिक्स के जरिए यह देखा कि कुछ ऑर्डर्स, जिनमें 75 मिनट का समय लगना चाहिए था, वे महज 5 मिनट में डिलीवर हो रहे हैं, तो कंपनी के कान खड़े हुए। जब इन रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी लोकेशंस की अंदरूनी जांच की गई, तो इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।
प्लॉट पर अवैध कब्जा करने वाले आरोपी गिरफ्तार (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर ट्रोनिका सिटी से है। जहां ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी कर प्लॉट पर अवैध कब्जा करने वाले वांछित आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी संजय लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 18 सितंबर 2026 को दबोच लिया।
आरोपी संजय (उम्र 50 वर्ष) ने अपने दोस्त अली शेर के साथ मिलकर खसरा संख्या का गलत इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर शिकायतकर्ता के प्लॉट पर कब्जा कर लिया था। इस मामले में शिकायतकर्ता ने 19 जुलाई 2026 को पुलिस में तहरीर दी थी।
इसके बाद ट्रोनिका सिटी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी संजय दौलतनगर सादाबाद डूंगरावली (लोनी) का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर पहले से ही मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के दो अन्य मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में संजय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल इस धोखाधड़ी में शामिल उसका साथी अली शेर अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
किसानों की खुली किस्मत! (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर ‘एयरोसिटी टाउनशिप’ योजना को लेकर है। जहां GDA अपनी महत्वाकांक्षी ‘एयरोसिटी टाउनशिप’ योजना को धरातल पर उतारने के लिए लैंड पूलिंग नीति का इस्तेमाल कर रहा है, जिसके तहत पहले भूस्वामी (किसान) ने 18 सितंबर 2026 को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल की मौजूदगी में अपनी सहमति दे दी है। । यह प्रोजेक्ट राजनगर एक्सटेंशन के पास मोरटी, अटौर और मेवला अगरी गांवों की करीब 231 हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जा रहा है
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बताया जा रहा है कि इस नीति के तहत किसानों को उनकी कुल दी गई जमीन के बदले 25 फीसदी विकसित प्लॉट (आवासीय या व्यावसायिक) वापस दिया जाएगा। क्योंकि यह पूरी तरह एक व्यावसायिक टाउनशिप होगी, इसलिए विकसित होने के बाद किसानों को वापस मिलने वाले 25% हिस्से की बाजार कीमत उनकी मूल कृषि भूमि से कई गुना अधिक हो जाएगी। पारंपरिक भूमि अधिग्रहण में अक्सर कम मुआवजे को लेकर अदालती विवाद होते हैं। लैंड पूलिंग में किसान सीधे विकास के हिस्सेदार बनते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर रिटर्न की गारंटी मिलती है।
इस टाउनशिप का सबसे मुख्य आकर्षण यहां बनने वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा, जिसके चारों ओर आधुनिक शहरी केंद्र विकसित किया जाएगा। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के कॉर्पोरेट ऑफिस, लक्जरी होटल, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल, कॉलेज, स्पोर्ट्स क्लब और गोल्फ कोर्स बनाए जाएंगे। इस क्षेत्र को रैपिड रेल (नमो भारत) स्टेशनों, नॉर्दर्न पेरिफ़ेरल रोड (NPR) और एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, हिंडन नदी के किनारे एक 6-लेन का बांध मार्ग (Embankment Road) भी प्रस्तावित है।












































