माल्टा में कैसे पहुंचा सिख धर्म? 19वीं सदी में ब्रिटिश सेना के साथ हुआ सिखों का आगमन – Sikhism in Malta

Shikha Mishra | Nedrick News Punjab Published: 19 सितम्बर 2026, 05:52 PM Updated: 19 सितम्बर 2026, 05:52 PM
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Sikhism in Malta: 1800 के दशक में मध्य भूमध्य सागर के एक द्विपिय देश माल्टा पर पहली बार ब्रिटेन ने कदम रखा था, हालांकि ब्रिटेन किसी उपनिवेश के लिए माल्टा नहीं आया था बल्कि यह वह समय था जब फ्रांस के शासक नेपोलियन की सेना ने माल्टा पर चढ़ाई शुरू कर थी, अपने देश को फ्रांसीसी सेना से बचाने के लिए माल्टा ने ब्रिटिश सरकार से मदद मांगी थी। इसका नतीजा ये हुआ कि ब्रिटिश हुकूमत ने फ्रांसीसी सेना को खदेड़ बाहर तो कर दिया लेकिन इसी के साथ एक ब्रिटिश ‘संरक्षित राज्य घोषित कर दिया। वहीं 1813 में ब्रिटिश हुकूमत ने माल्टा को De facto) ब्रिटिश उपनिवेश घोषित करके पूर्ण अधिकार कर लिया। ब्रिटिश हुकूमत ने माल्टा पर अपना कब्जा जमाए रखने के लिए 1814 में पेरिस की संधि की, जिसके बाद सभी यूरोपियन देशों ने माल्टा को क्राउन कॉलोनी  के रूप में मान्यता दे दी थी, लेकिन धीरे धीरे जब माल्टा में बगावत की चिंगारी उठने लगी तो पहली बार ब्रिटेन ने 1878 में करीब 7 हजार भारतीय सैनिको को माल्टा भेजा था। जिसमें ज्यादातर सिख समुदाय से आते थे। माल्टा में 19वी सदी में पहली बार सिखों का आगमन हुआ.. अपने इस लेख में हम सिक्खिज्म इन माल्टा के बारे में जानेंगे।

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माल्टा के बारे में पूर्ण जानकारी

माल्टा मध्य भूमध्य सागर के पूर्वी बेसिन में बसा एक द्विपिय देश है, जो कि दक्षिणी इटली से लगभग 50 मील की दूरी पर स्थित है। माल्टा का अधिकारिक नाम माल्टा गणराज्य है। माल्टा के पूर्व में ट्यूनिशिया और उत्तर में लिबिया स्थित है। माल्टा की राजधानी वैलेटा है। माल्टा पर 1800 इसवी में ब्रिटेन ने कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 21 सितंबर 1964 को उसे आजादी मिली औऱ 13 दिसंबर 1974 को माल्टा गणतंत्र देश घोषित हुआ। माल्टा का क्षेत्रफल 366 वर्ग किलोमीटर है जो वहीं साल 2025 की जणगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 588,254 के आसपास थी। माल्टा एक तेजी से तरक्की करने वाली अर्थव्यवस्था है। माल्टा एक पर्ययन स्थल है इसलिए हर साल यहां माल्टा की जनसंख्या से तीन गुना अधिक पर्यटक आते है। यहां  दो संवैधानिक भाषाओं का चलन है, इंग्लिश औऱ माल्टीज। ये एक कैथोलिक देश है जिसे संविधान में भी राज्य धर्म के रूप में माना गया है। अगर आप दुनिया के सबसे दयावान लोगो से मिलना चाहते है तो आपको माल्टा आना चाहिए.. वहीं की 83 प्रतिशत जनता हमेशा दान करती है.. वहीं फुटबॉल माल्टा का सबसे प्रचलित खेल है।

माल्टा में सिक्खिज्म कब आये थे ?

माल्टा में पहली बार सिखों ने साल 1883 में बतौर ब्रिटिश सैनिक बन कर की थी। वहां के लोगो ने उना स्वागत किया.. औऱ जब 1914 में पहला विश्वयुद्ध हुआ तब माल्टा ने बड़ी संख्या में घायल ब्रिटिश सैनिकों को आश्रय दिया था इस कारण माल्टा को भूमध्य सागर का नर्स कहा जाने लगा था। वहीं 1942 को माल्टा ने ब्रिटिश के रक्षक के तौर पर भूमिका निभाई थी, जिसके बाद माल्टा को जॉर्ज क्रॉस से सम्मानित करने की पेशकश रखी गई थी। माल्टा में 1942 तक सिख सैनिकों के ही रूप में जाते थे, लेकिन 1947 में भारत आजाद हो गया और माल्टा में रहने वाले कुछ सिखों ने वहीं रहना स्वीकार किया तो कुछ वापिस आ गये। 21 सितंबर 1964 को जब माल्टा आजाद हुआ तब वहां सिखों की संख्या बेहद कम थी। 1952 से लेकर 1985 तक माल्टा में सख्त इमीग्रेशन लागू था.. जिसकारण भारतीय वहां नहीं जा सकते थे। लेकिन तब भी वहां कुछ पंजाबी सिँधी परिवार रहा करते थे, जो कि व्यापारी हुआ करते थे। लेकिन 1985 के बाद जब इसका गणतंत्र लागू हुआ तो माल्टा के रास्ते सबके लिए खोल दिये गए। भारत के साथ उसके बेहतरीन रिश्तों के कारण माल्टा में बेहतर भविष्य को देखते हुए दक्षिण भारत के साथ साथ उत्तर भारतीय भी वहां जाने लगे। मौजूदा समय में माल्टा में करीब 18 हजार भारतीय है जिसमें 5 हजार तो केवल सिख ही है।

वहां रहने वाले सिख सामनाजिक रूप से, धार्मिक रूप से और व्यवसायिक रूप से एक मजबूत संगठन है। पिछले कुछ सालों में सिख संगठन की संख्या में तेजी से बढ़ौतरी आई है, जिसका कारण है उनका हॉस्पिटलिटी और सर्विस सेक्टर, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर में Skilled Professionals होना। यहां रहने वाले सिख और सिख छात्र सिख सोसाईटी चलाते है, जो माल्टा में सिख रह रहे है उन्हें सिख धर्म की संस्कृति और परंपरा से रूबरू कराया जा सकें.. वो वहां सिख संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कॉन्सर्ट करते है, त्योहारों पर जूलूस निकालते है।

माल्टा में सिख के योगदान को देखते हुए साल 2023 में आधिकारिक रूप से गुरुद्वारा साहिब की स्थापनी की गई है। जहां हर दिन सैकड़ो सिख मत्था टेकने आते है। सप्ताहिक सम्मेलन और सिख धर्म से जुड़ी मान्यताओं को जीवित रखने के लिए ये गुरु बेहद अहम है। वहीं बीते एक दशक में माल्टा की अर्थव्यवस्था की उछाल को देखकर सबसे ज्यादा सिख ही माल्टा गए है। जिन्हें उनके कुशल के आधार पर आसानी से वर् परमिट भी मिल जाते है। माल्टा में सिख एक नाम समुदाय है..जो यहां की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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