हिंदुओं के लिए शीश कटाने वाले सिखों के इस गुरु से जुड़ी है गुरुद्वारा बिस्तरा साहिब की कहानी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 12 सितम्बर 2023, 05:30 AM Updated: 12 सितम्बर 2023, 05:30 AM
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Gurudwara Bistra Sahib full details Hindi – सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेगबहादुर साहिब ने सिख धर्म के लिए कई कम किए है. उनमे से एक कई गुरुद्वारों का निर्माण करना भी है. देश में विभिन्न गुरूद्वारे ऐसे है जिनकी कहानी गुरु तेगबहादुर साहिब जी से जुडी है. आज हम आपको एक ऐसे ही गुरूद्वारे के बारे में बताएंगे, जिसकी कहानी गुरु तेगबहादुर साहिब जी से जुडी है. उस गुरूद्वारे का नाम गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब है. यह गुरुद्वारा पंजाब, संगरूर जिले के मुलोवल गावं में स्थित है. इस गुरूद्वारे के पीछे एक ऐतिहासिक कहानी है.

कहा जाता है कि ‘गुरुद्वारा मीठाखुह साहिब’ को गुरु तेगबहादुर साहिब जी ने बनवाया था, इस गुरूद्वारे को उनके चरणों में स्थान मिला हुआ है. हम आपको बता दे कि गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब, ‘गुरुद्वारा मीठाखुह साहिब’ से काफी पहले बना था. आईये आज हम आपको गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब से जुडी कुछ बातें बताते है, आईये जानते है,  गुरु तेगबहादुर साहिब जी इस गुरूद्वारे से किस प्रकार जुड़े है.

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गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब से जुडी कुछ बातें

आज हम आपको गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब से जुडी कुछ बातें बतायेंगे. गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब संगरूर जिले के गांव मूलोवाल में स्थित है. सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेगबहादुर साहिब जी मालवा दौरे पर यहाँ आये और यहीं विश्राम किया. इस गुरूद्वारे में उन्होंने कई दिन आराम किया और यहा रहे थे.

पहले श्री गुरु तेगबहादुर साहिब ने गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब (Gurudwara Bistra Sahib Hindi) में विश्राम किया था. जब गावं वालों को पता चला की गुरु साहिब जी आए तो गावं वाले उनका आशीर्वाद लेने आए थे. गुरु जी ने गावं वालों से जब पानी माँगा, गावं वालों ने उन्हें बताया कि यहा का पानी खारा है, यहा का पाना पीने योग्य नहीं है. गुरु जी ने फिर भी पानी पिया और पानी मीठा था, गुरु जी ने गावं वालों को कहा कि पानी तो मीठा है. जब गावं वालों ने पानी पिया तो पानी मीठा था. गावं वालों को पता चल गया कि यहा का पानी गुरु जी ने मीठा किया है. उसी जगह गुरुद्वारा श्री मीठा खूह साहिब वहां स्थित है.

जिस जगह पर गुरु जी ने विश्राम किया था, उस जगह को दोबारा से बनाया गया. और गावं वाले गुरु जी की यादों को पूजने लगे. ऐसे ही सिखों के गुरुओं के विभिन्न ऐतिहासिक कहानी है. जो सभी सिख के इतिहास में लिखी गयी है.

इस स्थान पर कई गुरूद्वारे

हम आपको बता दे कि पंजाब के संगरूर जिले के गांव मूलोवाल में कई गुरूद्वारे स्थित है, जैसे गुरुद्वारा श्री बिस्तरा साहिब, गुरुद्वारा श्री मीठा खूह साहिब, गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब पातशाही, , गुरुद्वारा श्री पातशाही नौवीं साहिब, गुरुद्वारा श्री अकोई साहिब आदि कई गुरूद्वारे है. इन सब गुरुद्वारों की कहानियां सिखों के गुरुओं से जुडी है. जिन्हें सिखों के अनुयायिओं ने अपने गुरुओ की यादों में बनवाया है.

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