Nana Patole Controversy: महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहे एक वीडियो में उन्हें दूध से पैर धुलवाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और नाना पटोले पर निशाना साधा है। हालांकि बढ़ते विवाद के बीच पटोले ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
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वीडियो में क्या दिख रहा है? Nana Patole Controversy
वायरल वीडियो में नाना पटोले एक सोफे पर बैठे नजर आते हैं। इस दौरान दो लोग उनके पैर दूध से धोते दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं, उनके पैरों पर फूलों की पंखुड़ियां भी चढ़ाई जाती हैं और पास में फल रखकर धार्मिक परंपरा से जुड़ी रस्म निभाई जाती है। वीडियो सामने आते ही इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे कांग्रेस की विचारधारा के विपरीत बताया, जबकि कुछ ने इसे व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा मामला कहा।
Nagpur,Maharashtra – A controversial video of former Maharashtra Congress president Nana Patole has gone viral on social media, showing him washing feet with milk.The clip has triggered a wave of anger against Patole, with many criticising the act as contrary to the ideology of… pic.twitter.com/jyiCznhXdg
— NextMinute News (@nextminutenews7) August 2, 2026
बीजेपी ने साधा निशाना
वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र सरकार में राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कांग्रेस की कार्यशैली और राजनीतिक संस्कृति को दर्शाती हैं। बावनकुले के मुताबिक, नेताओं को ऐसे कामों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे सिर्फ आलोचना और बदनामी ही होती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने व्यवहार को लेकर अधिक सतर्क रहना चाहिए।
नाना पटोले ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद नाना पटोले ने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह घटना गुरु पूर्णिमा के दिन की है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के दो युवा सदस्यों ने उन्हें अपना गुरु मानते हुए सम्मान के तौर पर यह रस्म निभाने की इच्छा जताई थी।
पटोले ने कहा, “मैं खुद को न तो कोई संत मानता हूं और न ही आध्यात्मिक गुरु। मुझे किसी का मेरे पैर छूना भी सहज नहीं लगता था, लेकिन परिवार के सदस्यों के आग्रह पर यह हुआ। मैंने किसी से ऐसा करने के लिए न तो कहा और न ही किसी को इसके लिए प्रोत्साहित किया।”
‘सम्मान की भावना थी, दिखावा नहीं‘
पटोले ने दोहराया कि यह पूरी तरह पारिवारिक और धार्मिक परंपरा से जुड़ा सम्मान का प्रतीक था। उनका कहना है कि इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना के पीछे उनका कोई व्यक्तिगत प्रदर्शन या संदेश देने का उद्देश्य नहीं था।
राम मंदिर चंदा विवाद का भी किया जिक्र
सफाई देने के दौरान नाना पटोले ने राम मंदिर चंदे के कथित दुरुपयोग के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग चंदे के पैसे में कथित गड़बड़ी के आरोपों का सामना कर रहे हैं, उन्हें संस्कृति और परंपराओं पर दूसरों को उपदेश देने का अधिकार नहीं है। उनकी यह टिप्पणी अयोध्या राम मंदिर के चंदे से जुड़े कथित विवाद के संदर्भ में आई।
हालांकि दूध से पैर धुलवाने का वीडियो अभी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर विपक्ष इसे कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ बता रहा है, तो दूसरी ओर नाना पटोले का कहना है कि यह केवल गुरु पूर्णिमा पर परिवार के सदस्यों द्वारा किया गया सम्मान का प्रतीक था, जिसे राजनीतिक विवाद का रूप दे दिया गया।































