US Airstrike on Iran: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सैन्य कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिकी सेना की कार्रवाई के दौरान ईरान के केशम द्वीप के पास एक टैक्सी ड्राइवर के घर पर 907 किलोग्राम का बम गिरा, जिसमें ड्राइवर, उसकी पत्नी और एक बच्चे की मौत हो गई। मामला सामने आने के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसकी जांच कराने की बात कही है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ा हुआ है। हालांकि अमेरिका लगातार कहता रहा है कि उसकी सेना नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।
केशम द्वीप पर हुआ हमला| US Airstrike on Iran
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप के चह-तंगू इलाके में एक हवाई हमला किया था। इस दौरान 907 किलो वजनी मार्क-84 बम गिराया गया। बम इतना शक्तिशाली था कि इलाके में भारी तबाही मच गई और आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस घर को निशाना बनाया गया, वह कैसर जाफरी नाम के व्यक्ति का था। कैसर पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे और हमले के समय अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे।
पूरे परिवार पर टूटा कहर
हमले में कैसर जाफरी, उनकी पत्नी जहरा और उनकी बेटी सना की मौत हो गई। वहीं, उनके दो बच्चे इस हमले में बच गए, लेकिन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि बम गिरने के बाद कैसर का घर पूरी तरह तबाह हो गया और वहां करीब 30 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस इलाके में हमला हुआ वहां 100 से ज्यादा घर बने हुए हैं और बड़ी संख्या में आम नागरिक रहते हैं। धमाके के बाद इलाके में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया और लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए।
सेंटकॉम ने शुरू की जांच
अमेरिकी मीडिया में इस घटना की रिपोर्ट आने के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की नीति नागरिकों को निशाना बनाने की नहीं है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इस हमले के बाद इलाके के कई परिवारों में डर का माहौल है। अधिकारियों के अनुसार, दो दर्जन से ज्यादा परिवार केशम द्वीप का यह इलाका छोड़ चुके हैं क्योंकि उन्हें भविष्य में दोबारा हमले का खतरा महसूस हो रहा है।
पहले भी लगे हैं नागरिक ठिकानों पर हमले के आरोप
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी कार्रवाई को लेकर ईरान में नागरिक नुकसान का दावा किया गया है। ईरान का आरोप है कि युद्ध की शुरुआत में अमेरिका ने मिनाब इलाके के एक स्कूल पर हमला किया था, जिसमें 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई थी। हालांकि इन दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने बयान हैं।
केशम द्वीप क्यों है अहम?
केशम द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जहां से ईरान बड़े पैमाने पर तेल और गैस की सप्लाई करता है। यही वजह है कि सैन्य दृष्टि से इस इलाके को काफी संवेदनशील माना जाता है।
अमेरिका की कार्रवाई को लेकर जानकारों का मानना है कि केशम जैसे क्षेत्रों पर दबाव बनाकर ईरान की ऊर्जा सप्लाई और रणनीतिक क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल इस हमले की जांच के नतीजों का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि हमला किस लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया गया था और इसमें नागरिक ठिकाना कैसे प्रभावित हुआ।
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