अगर RSS की विचारधारा तालिबान जैसी होती तो… Javed Akhtar के बयान पर बीजेपी के बाद अब शिवेसना भी भड़की!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 06 सितम्बर 2021, 05:30 AM Updated: 06 सितम्बर 2021, 05:30 AM
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मशहूर गायक जावेद अख्तर इन दिनों अपने एक बयान को लेकर खासा चर्चाओं में बने हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है, जिस पर सियासी बवाल खड़ा हो गया। दरअसल, अख्तर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल की तुलना तालिबान से कर दी। उन्होंने कहा कि इन संगठनों का समर्थन करने वालों और तालिबान की मानसिकता एक जैसी है, क्योंकि दोनों का मकसद एक है। इस स्टेटमेंट को लेकर ही जावेद अख्तर जबरदस्त विवादों में घिर गए हैं।

अख्तर के बयान पर बीजेपी आगबबूला

खासतौर पर बीजेपी उनके बयान को लेकर खासा नाराज नजर आ रही हैं। जिसके चलते कई युवा नेताओं ने अख्तर के घर के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन भी किया। इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी जावेद अख्तर से माफी मांगने की मांग कर रही हैं। वहीं इस मामले में अब बीजेपी को उसकी विरोधी बन चुकी शिवसेना का भी साथ मिल गया हैं।

शिवसेना भी जावेद अख्तर के बयान को गलत बताती हुई नजर आ रही हैं। अपने मुखपत्र सामना के जरिए शिवसेना ने जावेद अख्तर के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी। जिसमें लिखा कि RSS की तालिबान की तुलना करना सही नहीं। साथ ही ये भी लिखा है कि लगातार बहुसंख्यक हिंदुओं को दबाया ना जाए।

‘…तो तीन तलाक पर कानून नहीं बनता’

शिवसेना ने आगे कहा कि RSS अगर तालिबानी विचारधारा वाला होता, तो तीन तलाक कानून नहीं बनाए जाते। संघ की विचारधारा तालिबान जैसी होती तो मुस्लिम महिलाओं को आजादी की किरण नहीं दिखती। 

सामना में शिवसेना ने लिखा कि आज कल हमारे देश में कोई भी किसी को भी तालिबान कह रहा है। तालिबान शासन सिर्फ समाज के लिए ही नहीं बल्कि मानव जाति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। चीन, पाकिस्तान जैसे देश उसका समर्थन कर रहे है, क्योंकि यहां भी मानवाधिका, लोकतंत्र या व्यक्तिगत स्वतंत्रता का कोई मान नहीं। हिंदुस्तान हर तरह से जबरदस्त सहिष्णु हैं। कुछ लोग लोकतंत्र के बुरखे की आड़ में तानाशाही लाने की कोशिश कर रहे होंगे, लेकिन तब भी उनकी सीमा है। इसलिए RSS की तुलना तालिबान से करना सही नहीं। 

जावेद अख्तर के बयान पर शिवसेना ने कहा कि वो अपने मुखर बयानों के लिए जाने जाते हैं। देश में जब धर्मांध, राष्ट्रद्रोही विकृतियां उफान पर आईं तो अख्तर ने उन धर्मांध लोगों के मुखौटे फाड़े। उन्होंने कट्टरपंथियों की परवाह किए बिना ‘वंदे मातरम’ गाया। फिर भी उन्होंने जो संघ की तुलना तालिबान से की वो हमें स्वीकार नहीं।

क्या कहा था जावेद अख्तर ने?

जावेद अख्तर ने एक बड़ा और विवादित बयान देते हुए कहा था कि जैसे तालिबान एक इस्लामी देश बनाना चाह रहा है, तो कुछ लोग भी हैं जो हिंदू राष्ट्र चाहते हैं। ये लोग एक जैसी विचारधारा के ही हैं। ये मुसलमान हों, हिंदू हों, ईसाई या फिर यहूदी। तालिबान बर्बर है, लेकिन जो लोग RSS, बजरंग दल और VHP जैसे संगठनों का साथ दे रहे हैं हैं, वो सब एक तरह के ही हैं।

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