Sambhal violence case: जामा मस्जिद की दीवारों पर लगे हिंसा के 74 उपद्रवियों के पोस्टर जारी, पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 15 फ़रवरी 2025, 05:30 AM Updated: 15 फ़रवरी 2025, 05:30 AM
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Sambhal violence case: उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर को भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। फरार चल रहे उपद्रवियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस ने एक नया तरीका अपनाया है। 74 उपद्रवियों की पहचान कर उनके पोस्टर शहर भर में चिपकाए गए हैं, जिससे आम जनता से उनकी पहचान करने में मदद मांगी गई है। पुलिस ने जानकारी देने वालों के लिए इनाम की भी घोषणा की है।

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पोस्टर लगाने पर विवाद, एएसपी ने सुनाई खरी-खरी- Sambhal violence case

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पुलिस ने जामा मस्जिद की पश्चिमी दीवार पर भी पोस्टर लगाए, जहां हिंसा सबसे ज्यादा भड़की थी। कुछ ही देर बाद जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली सहित अन्य लोग वहां पहुंच गए और मस्जिद की दीवारों पर पोस्टर लगाने का विरोध करने लगे।

मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने विरोध करने वालों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों की पहचान के लिए लगाए गए पोस्टर नहीं हटेंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उपद्रवियों ने पत्थरबाजी और आगजनी की थी, तब मस्जिद कमेटी के लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया।

क्या है हिंसा का मामला?

24 नवंबर 2023 को संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भारी हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन 74 उपद्रवी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर इनकी पहचान की है और पोस्टर जारी किए हैं।

मस्जिद कमेटी ने जताया विरोध, एएसपी का सख्त रुख

जब मस्जिद कमेटी के लोगों ने मस्जिद की दीवार पर पोस्टर लगाने का विरोध किया, तो एएसपी ने साफ कहा कि “यह संपत्ति आपकी नहीं, बल्कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की है। जो निर्णय लेना होगा, वह ASI लेगा।” उन्होंने यह भी पूछा कि जब हिंसा हो रही थी, तब मस्जिद कमेटी के लोगों ने उपद्रवियों को रोकने की कोई कोशिश क्यों नहीं की।

पोस्टर नहीं हटेंगे: पुलिस का कड़ा संदेश

मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने पोस्टर हटाने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस चाहे तो एक बोर्ड लगा सकती है, लेकिन दीवारों पर इस तरह पोस्टर लगाना सही नहीं है। इस पर एएसपी ने सख्त लहजे में कहा कि “हमें अपराधियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करनी है, यह हमें कोई नहीं बताएगा। यह पोस्टर नहीं हटाए जाएंगे। जिन लोगों ने हिंसा की, वे किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।”

हिंसा के मुख्य आरोपी अब भी फरार

संभल हिंसा में शामिल 74 आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पोस्टर लगाने के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने साफ किया कि इस हिंसा में शामिल कोई भी दोषी कानून से बच नहीं पाएगा।

संभल हिंसा मामले में पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। 74 उपद्रवियों के पोस्टर जारी कर पुलिस ने जनता से उनकी पहचान के लिए मदद मांगी है। मस्जिद कमेटी द्वारा पोस्टर लगाने का विरोध करने पर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि कानून के तहत हर कार्रवाई होगी और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।

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