Rajasthan Jhunjhunu Navy Officer Family Death: राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक ऐसी दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मुंबई में तैनात भारतीय नौसेना (Indian Navy) के जवान पूरणमल मेहरा और उनके पूरे परिवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार को जब चारों शव उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर किसी का दिल दहल गया।
एक ही घर से एक साथ चार अर्थियां उठीं, जिसे देख पूरा गांव रो पड़ा। जहाँ पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, वहीं दो मासूम बच्चों को परिजनों ने गोद में लेकर नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में इस दर्दनाक सामूहिक मौत के पीछे घरेलू विवाद और मानसिक तनाव की आशंका जताई जा रही है। तो चलिए, इस लेख के जरिए जानते हैं क्या है इस दर्दनाक घटना के पीछे की पूरी हकीकत।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के ककराना गांव में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की अंतिम विदाई का यह दृश्य दिल दहलाने वाला था। भारतीय नौसेना के जवान, उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चों के शव जब उनके पैतृक गांव पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और वहां मौजूद हर व्यक्ति रो पड़ा।
यह परिवार झुंझुनूं के ककराना गांव का निवासी था। परिवार में 2015 में नेवी में भर्ती हुए पूरणमल मेहरा, उनकी पत्नी ओमा मेहरा, 3 वर्षीय बेटा यश और मात्र 3 महीने की मासूम बेटी शामिल थी। यह परिवार मुंबई के हाई-सिक्योरिटी नेवी नगर स्थित सरकारी आवास में रहता था, जहाँ 15 अगस्त 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में इन सभी के शव बरामद हुए थे।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक ऐसी दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मुंबई में तैनात भारतीय नौसेना (Indian Navy) के जवान पूरणमल मेहरा और उनके पूरे परिवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.
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मर्डर-सुसाइड की आशंका
मुंबई पुलिस के अनुसार, यह मामला सामूहिक हत्या और आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस को आशंका है कि नेवी जवान पूरणमल मेहरा ने पहले अपनी पत्नी ओमा, 3 वर्षीय बेटे यश और 3 महीने की बेटी को जहर दिया और उसके बाद खुद फंदे से लटक गए। घटना के वक्त पत्नी और बच्चों के शव बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले थे।
मां को किया था आखिरी मैसेज
इस खौफनाक कदम को उठाने से पहले पूरणमल ने अपनी मां को एक बेहद दर्दनाक मैसेज भेजा था, जिसमें लिखा था— “आकर हमारी लाशें ले जाओ”। इस मैसेज के बाद से ही परिजनों का पूरणमल से संपर्क टूट गया था। जब तीन दिन तक फोन नहीं उठा, तो चिंतित परिवार ने नेवी प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसके बाद 15 अगस्त को जब फ्लैट का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर चारों के शव मिले।
सबूत मिटाने के लिए मोबाइल किए फॉर्मेट
मुंबई पुलिस की जांच में मोबाइल फोन को लेकर भी एक बड़ा खुलासा हुआ है। पूरणमल ने आत्महत्या करने से पहले अपने और अपनी पत्नी के, दोनों मोबाइल फोन को पूरी तरह से फॉर्मेट (डेटा डिलीट) कर दिया था। पुलिस का मानना है कि पूरणमल ने ऐसा इसलिए किया ताकि उनके बीच हुए विवाद या चैट्स का कोई सबूत बाकी न रहे। पुलिस अब डिलीट हुए इस डेटा को रिकवर करने के लिए फोन को फोरेंसिक लैब भेज रही है।
जांच में हुआ पारिवारिक विवाद का खुलासा
मुंबई पुलिस के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। इस खौफनाक कदम के पीछे का मुख्य कारण भी यही विवाद माना जा रहा है। घटना से करीब एक सप्ताह पहले ओमा के पिता अपनी बेटी को वापस गांव ले जाने के लिए मुंबई आए थे।
उस दौरान पूरणमल ने बच्चों को साथ भेजने से साफ इनकार कर दिया था, जिसे लेकर दोनों पक्षों में काफी विवाद और कहासुनी हुई थी। पुलिस का अनुमान है कि इसी मानसिक तनाव और कलह के कारण पूरणमल ने इतना आत्मघाती कदम उठाया।














































