भारत की वो खूबसूरत झील जिसमें दफ़न है रहस्यों का पिटारा, दिल्ली से बस इतनी दूर!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 मार्च 2020, 05:30 AM Updated: 03 मार्च 2020, 05:30 AM
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भारत एक बेइंतेहा खूबसूरत देश है. यहां ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जिन्हें देख एक पल के लिए लोग स्तब्ध रह जाते हैं. कई लोगों को तो अपनी आखों पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. कई जगहें तो ऐसी है जो अपने अंदर कई रहस्यों को समेटे हैं. इसके पीछे कई पौराणिक मान्यताएं और धार्मिक आस्था जुड़ी है. आज हम आपको ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में सुनकर आप हैरत में पड़ जायेंगे.

ऐसे हुआ था झील का निर्माण

एक रिसर्च के मुताबिक ये पता चला है कि ये झील उल्का पिंड के पृथ्वी से तेजी से टकराने से बनी है. शोध से पहले बताया गया कि ये झील करीब 52,000 साल पुरानी है जबकि शोध की मानें तो इसका निर्माण हुए 5 लाख 70 हज़ार साल हो चुके हैं. इसे लोनर क्रेटर झील कहते हैं. बताया जाता है कि वो उल्का पिंड 20 लाख टन वजनी था और 90,000 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से पृथ्वी की ओर गिर रहा था. काफी सालों तक ये भी माना जाता रहा कि ये लोनर क्रेटर झील ज्वालामुखी के मुंह के कारण बनी. लेकिन यहां मस्केलिनाइट भी पाया गया है जो कि एक ऐसा कांच है जो केवल तेज गति से टकराने से ही बनता है.

ये कहानियां भी प्रचलित

हालांकि स्थानीय लोग अभी भी इससे जुड़ी पौराणिक कथाओं पर विश्वास रखते हैं. उनके हिसाब से सारे वैज्ञानिक तर्क गलत हैं. कहानी के अनुसार लोनसुर नाम के राक्षस ने क्षेत्र में आतंक मचा रखा था. वो लोगों को परेशान और प्रताड़ित करता था. जिसके बाद इस असुर का वध करने खुद भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया और इस असुर को धरती के गर्भ में पहुंचाने के लिए काफी तेज पटका. काफी तीव्र तरीके से पटकने के चलते वहां एक झील रुपी गड्ढा बन गया. बता दें इस लोनार शहर के बीच में एक दैत्य सूडान नाम का मंदिर भी स्थित है. यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है जिन्होंने राक्षस लोनासुर का विनाश किया था.

ऐसे पहुंचे इस खूबसूरत जगह

लोनर महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक छोटा सा शहर है. आप हवाई मार्ग के जरिये निकटतम एयरपोर्ट औरंगाबाद से भी यहां पहुँच सकते हैं. ये दिल्ली से बस 24 घंटे की दूरी पर है. मुंबई और औरंगाबाद के बीच 20 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं जो मनमाड जंक्शन से गुजरती है. इस बीच आपको हरे भरे खेत, झरनों के शानदार नज़ारे, पहाड़ जैसे मनमोहक द्रश्य देखने को मिलेंगे जो आपके सफ़र को सुहावना बनाने का काम करेंगे. औरंगाबाद में केंद्रीय बस स्टैंड ट्रेन स्टेशन से लगभग 1 किमी दूर है. काफी सैलानी औरंगाबाद में अजंता और एलोरा की गुफाएं देखने आ जाते हैं और वहीँ से वापस लौट जाते हैं. वो लोनर क्रेटर देखने नहीं जाते, लेकिन आपको इस खूबसूरत जगह का एक बार सफ़र तो ज़रूर करना चाहिए.

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