दिल्ली में गिरा पीजी तो लखनऊ में मचा हड़कंप! 25 साल पुरानी इमारतों पर चलेगा बुलडोजर, लिस्ट में आपका इलाका तो नहीं? Lucknow Development Authority

Nandani | Nedrick News Lucknow Published: 12 सितम्बर 2026, 03:38 AM Updated: 12 सितम्बर 2026, 03:38 AM
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Lucknow Development Authority: देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी हॉस्टल ढहने से हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस भयानक घटना के बाद अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रशासनिक महकमा पूरी तरह हरकत में आ गया है। शहर में किसी भी संभावित हादसे को समय रहते रोकने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण अब अपनी सभी प्रमुख आवासीय योजनाओं में 25 साल से अधिक पुरानी और जर्जर इमारतों का व्यापक स्तर पर सेफ्टी ऑडिट कराने जा रहा है।

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जोनल अधिकारियों को मिला 20-20 इमारतों का टारगेट| Lucknow Development Authority

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संवेदनशील मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण के सभी सातों जोनल अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। शहर के प्रमुख आवासीय इलाकों में पुरानी और खतरनाक इमारतों की पहचान को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है। इस अभियान में मुख्य रूप से गोमतीनगर, अलीगंज, जानकीपुरम, कानपुर रोड, शारदा नगर, महानगर और आशियाना जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं।

उपाध्यक्ष ने सभी जोनल अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 20 ऐसी पुरानी व जर्जर इमारतों को तुरंत चिन्हित करें। अब तक खतरनाक और जर्जर भवनों की पहचान करने की मुख्य जिम्मेदारी नगर निगम के पास हुआ करती थी, लेकिन दिल्ली के दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए एलडीए ने खुद मोर्चा संभाल लिया है ताकि राजधानी में किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

नींव से लेकर पिलर तक की होगी जांच, नहीं सुधरे तो गिरेगी इमारत

चिन्हित की जाने वाली इन पुरानी इमारतों का मुआयना विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय तकनीकी टीम करेगी। इस सेफ्टी ऑडिट में इमारतों की नींव, बीम, पिलर और उनकी ढांचागत मजबूती की बारीकी से जांच होगी। यदि तकनीकी जांच में कोई मकान या इमारत रहने लायक नहीं पाई जाती है, तो उसके मालिक को नोटिस थमाकर तय समय में मरम्मत कराने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे।

अगर मकान मालिक तय समयसीमा में मरम्मत नहीं कराता है या फिर इमारत की हालत इतनी ज्यादा खस्ताहाल है कि उसे दुरुस्त नहीं किया जा सकता, तो आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलडीए उसे गिराने की कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण ने दो टूक कहा है कि जनता की जान-माल की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा।

अलीगंज के 51 अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज

एक ओर जहां एलडीए जर्जर इमारतों के ऑडिट में जुटा है, वहीं अलीगंज में नियमों की धज्जियां उड़ाकर खड़े किए गए 51 अवैध निर्माणों का मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच चुका है। शीर्ष अदालत में इस मामले की अहम सुनवाई होनी है, जिसे ‘लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य’ मामले के साथ टैग किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की तकनीकी टीम ने 5 सितंबर को लखनऊ पहुंचकर इन अवैध निर्माणों का ग्राउंड सर्वे किया था। दिल्ली की घटना के बाद इस सुनवाई को पहले ही सूचीबद्ध कर लिया गया है, जिसके चलते एलडीए की लीगल टीम मजबूत पैरवी के लिए दिल्ली में मोर्चा संभाले हुए है। सर्वे में सामने आया है कि 45 आवासीय प्लॉट्स पर धड़ल्ले से होटल, अस्पताल, रेस्टोरेंट और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स चलाए जा रहे हैं। इनमें से 39 लोगों ने ही कंपाउंडिंग (शमन) की अर्जी दी है और केवल 17 ने ही तय फीस भरी है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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