Xi Jinping India visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। उनके इस अहम भारत दौरे को लेकर औपचारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति शी शनिवार दोपहर देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसके बाद शाम करीब छह बजे प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात प्रस्तावित है।
कूटनीतिक नजरिए से यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हो सकती है। दोनों देशों के आपसी संबंधों को फिर से पटरी पर लाने और सीमाओं पर शांति बहाल करने के लिहाज से इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
गलवान झड़प के बाद पहली बार भारतीय जमीन पर आमने-सामने होंगे दोनों नेता| Xi Jinping India visit
इस मुलाकात की सबसे बड़ी अहमियत यह है कि करीब 7 साल बाद भारतीय जमीन पर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक होगी। साल 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक सैन्य झड़प के बाद दोनों मुल्कों के बीच तल्खी काफी बढ़ गई थी। उस तनावपूर्ण दौर के बाद यह पहला मौका है जब चीनी राष्ट्रपति भारत की धरती पर कदम रखेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ सीधी आमने-सामने की बातचीत की मेज पर बैठेंगे।
12 और 13 सितंबर को दिल्ली में सजेगा ब्रिक्स का मंच
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस साल ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता भारत के पास है। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए मुख्य थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” तय की गई है।
सम्मेलन में सदस्य देशों के साथ-साथ सहयोगी (पार्टनर) देशों के शीर्ष नेता भी शामिल हो रहे हैं। इस दौरान दुनिया भर में चल रहे मौजूदा संकटों और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी। साथ ही राजनीतिक-सुरक्षा तंत्र, आर्थिक-वित्तीय सहयोग और देशों के बीच आपसी सांस्कृतिक तालमेल बढ़ाने पर भी मंथन किया जाएगा। संयोग से वर्ष 2026 में ब्रिक्स समूह की स्थापना के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं, जिससे यह सम्मेलन और भी ऐतिहासिक बन गया है।
आखिरी बार 2019 में मामल्लापुरम आए थे शी जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति का यह दौरा 2019 के बाद पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले वे 11-12 अक्टूबर 2019 को भारत आए थे। उस वक्त वे तमिलनाडु के तटीय शहर मामल्लापुरम पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-चीन का दूसरा अनौपचारिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था। उससे पहले साल 2018 में चीन के वुहान शहर में दोनों नेताओं के बीच पहली अनौपचारिक बैठक हुई थी। मामल्लापुरम में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मसलों और अंतरराष्ट्रीय हालातों पर लंबी बातचीत हुई थी। अब 7 साल बाद, दिल्ली में होने जा रही यह संभावित मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों का भविष्य तय करने में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।












































