रामनगरी अयोध्या से जुड़ी जानिए कुछ बेहद ही रोचक बातें…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 14 अक्टूबर 2021, 05:30 AM Updated: 14 अक्टूबर 2021, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

अयोध्या, जो कि हिंदुओं के लिए एक बेहद पवित्र भूमि के तौर पर जाना जाता है और यहां पर अब तो भगवान राम का मंदिर भी बन रहा है। ऐसा कहा जाता रहा है कि यहीं राम का जन्म हुआ था, लेकिन एक सवाल हम आपसे पूछते हैं कि आप कितना जानते हैं इस राम की अयोध्या नगरी को? आज हम आपको अयोध्या नगी से जुड़ी कुछ बेहद ही इंटरेस्टिंग फैक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं…

– कहते हैं  कि Hindu mythology में पवित्र सप्त पुरियों का जिक्र होता है जिसमें अयोध्या, मथुरा, माया यानी हरिद्वार, काशी, कांची, अवंतिका यानी कि उज्जैन और द्वारका का नाम लिया जाता है। अयोध्या को ईश्वर का नगर कहा गया है अथर्ववेद में। अथर्ववेद में स्वर्ग से अयोध्या की तुलना की गई है।

– अयोध्या में कई योद्धा, ऋषि-मुनि का जन्म हुआ, जिनमें से एक भगवान राम भी रहे। जैन मत के मुताबिक यहां आदिनाथ समेत 5 तीर्थकर पैदा हुआ। जैन परंपरा के मुताबिक 24 तीर्थकरों में से 22 जो थे, वो इक्ष्वाकु वंश के ही हुए।

– अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसी है। इस नगर के बारे में वाल्मीकि के लिखे रामायण में काफी जिक्र है जिसके मुताबिक सूर्य के पुत्र वैवस्वत मनु ने अयोध्या को स्थापित किया। वैवस्वत करीब करीब 6673 ईसा पैदा हुए। ब्रम्हाजी के पुत्र मरीचि थे जिनसे कश्यप पैदा हुए, कश्यप से विवस्वान हुए और विवस्वान से वैवस्वत मनु और फिर वैवस्वत मनु के 10 बेटे हुए इल, इक्ष्वाकु, कुशनाम, अरिष्ट, धृष्ट, नरिष्यन्त, करुष, महाबली, शर्याति और पृषध थे। इन सभी में जो वंश सबसे ज्यादा जाना गया वो इक्ष्वाकु, जिसमें राम का जन्म हुआ। अयोध्या पर महाभारत के वक्त तक इसी इक्ष्वाकु वंश ने शासन चलाया।

– अयोध्या कैसे स्टैब्लिश हुआ? अयोध्या एक दौर में कौशल राज्य की राजधानी थी, लेकिन फिर नवाबों के दौर में फैजाबाद की नींव रखी गई और अवध रियासत की राजधानी बना दी गई। फिर 2018 में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फैजाबाद डिस्ट्रिक्ट का नाम बदल दिया और अयोध्या कर दिया।

– प्राचीन भारतीय ग्रंथों के आधार पर अगर अयोध्या की स्थापना के बारे में जाने तो ई.पू. 2200 के आसपास अयोध्या की स्थापना माना जाता है। इस वंश में राम के पिता दशरथ 63वें शासक रहे थे।

– अयोध्या का महत्व इस बात में भी काफी ज्यादा रहा कि प्राचीन भारत के तीर्थों का जब भी जिक्र होता है तब उसमें अयोध्या नाम जरूर लिया जाता है। बौद्ध मान्यताओं की मानें तो अयोध्या या फिर साकेत में 16 सालों तक बुद्ध देव रहे और  रामानंदी संप्रदाय का एक मेन पॉइंट रहा था अयोध्या। 

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds