खौफनाक वारदात के बाद Premanand Maharaj के आश्रम पर उठे सवाल, पुलिस और फॉरेंसिक जांच तेज

Rajni | Nedrick News Vrindavan Published: 02 अक्टूबर 2026, 09:54 PM Updated: 02 अक्टूबर 2026, 10:25 PM
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Premanand Maharaj: मनोविज्ञान कहता है कि खुद को खत्म करना इंसान के लिए सबसे कठिन फैसला होता है। ऐसे में प्रेमानंद महाराज के युवा शिष्य दीपक लोधी की संदिग्ध मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन अनसुलझे मानसिक और बाहरी दबावों की कहानी है, जिसने उसे इतनी खौफनाक पीड़ा सहने पर मजबूर किया। सीसीटीवी के नए वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीच, अब हर कोई यही सोच रहा है कि आखिर उस बंद कमरे और आश्रम की दीवारों के पीछे ऐसा क्या हुआ था?

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पुलिस तफ्तीश बड़ा खुलासा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खौफनाक घटना शुक्रवार, 25 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दीपक लोधी छत पर बेहद बेचैन हालत में थे और कुछ ही देर बाद उन्होंने वहां से छलांग लगा दी।

हालांकि, यह मामला सिर्फ छत से कूदने तक सीमित नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने इस आत्महत्या को एक गहरी मिस्ट्री बना दिया है। पुलिस को दीपक के कमरे से खून से सनी एक टाइल्स काटने वाली ग्राइंडर मशीन मिली है।

जांच में सामने आया है कि छत से कूदने से ठीक पहले दीपक ने इसी ग्राइंडर से अपने प्राइवेट पार्ट को काट लिया था, जिससे उनका अत्यधिक खून बह गया था। इसी लहूलुहान और असहनीय दर्द की हालत में वे तीसरी मंजिल से भागते हुए चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे थे।

पुलिस का बयान

वृंदावन के पुलिस उपाधीक्षक (DSP/CO) संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, पुलिस को 25 सितंबर को सूचना मिली थी कि एक घायल युवक को इलाज के लिए सर्वोदय अस्पताल लाया गया है। जब पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया, तो पता चला कि मृतक जबलपुर निवासी दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण थे, जो केली कुंज से जुड़े गुरु कृपा कुंज आश्रम में रह रहे थे। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह चौथी मंजिल की छत से कूदकर की गई आत्महत्या का मामला लग रहा है।

सीओ संदीप कुमार सिंह ने यह भी बताया कि दीपक लोधी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अत्यधिक ब्लीडिंग (खून बहना) होना सामने आया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने तत्काल घटनास्थल और दीपक के कमरे का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं, जहां से एक ग्राइंडर मशीन भी बरामद हुई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं और परिजनों की शिकायतों को शामिल कर गहराई से जांच की जा रही है।

सवालों के घेरे में Premanand Maharaj का आश्रम

दीपक लोधी की इस संदिग्ध मौत के बाद प्रेमानंद महाराज का आश्रम और उसका प्रबंधन गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस वीभत्स घटना ने न केवल आम जनता बल्कि स्थानीय ब्रजवासियों और धार्मिक संगठनों को भी हैरान कर दिया है। परिजनों के आरोपों और मीडिया रिपोर्ट्स ने आश्रम के भीतर की व्यवस्थाओं पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों के गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के जबलपुर से वृंदावन पहुंचे दीपक के परिजनों का कहना है कि साल 2024 में दीक्षा लेने के बाद से दीपक को उनके साथ खुलकर बात नहीं करने दी जाती थी। उनका मोबाइल भी आश्रम प्रबंधन के पास जमा रहता था।

स्थानीय लोगों और कुछ पूर्व सेवादारों के अनुसार, आश्रम में नए साधकों को बाहरी दुनिया और उनके परिवारों से बिल्कुल अलग-थलग (Isolate) कर दिया जाता है। इस अत्यधिक मानसिक दबाव (Suppressed Environment) को लेकर भी अब उंगलियां उठ रही हैं।

ब्रज के स्थानीय संतों और धार्मिक संगठनों (जैसे श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष समिति) ने आरोप लगाया है कि महाराज जी के आसपास उनके ही परिवार और रिश्तेदारों का कड़ा पहरा रहता है, जो आश्रम की आंतरिक गतिविधियों और साधकों को नियंत्रित करते हैं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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