Mohammed Deepak arrested Kotdwar: इसी साल 26 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल होकर देशभर में ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कुमार कश्यप एक बार फिर मुश्किलों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर छिड़ी एक मामूली सी डिजिटल बहस ने देखते ही देखते ऐसा गंभीर मोड़ ले लिया कि नौबत कोतवाली तक पहुंच गई। आरोप है कि फेसबुक पर हुई कहासुनी के बाद दीपक सीधे एक साड़ी व्यापारी की दुकान पर पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने दीपक कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
उज्जैन मामले की पोस्ट पर कमेंट से भड़का विवाद| Mohammed Deepak arrested Kotdwar
मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई। पेशे से जिम संचालक दीपक कुमार ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान एक मस्जिद तोड़े जाने के घटनाक्रम को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो पर कोटद्वार के साड़ी व्यापारी संजीव टांक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कमेंट कर दिया।
यह कमेंट दीपक को नागवार गुजरा और दोनों पक्षों के बीच ऑनलाइन ही जुबानी जंग शुरू हो गई। इसके बाद गुस्से से आगबबूला दीपक कुमार सीधे गंगा दत्त जोशी मार्ग स्थित संजीव टांक की साड़ी की दुकान पर पहुंच गए। दुकान का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होती नजर आ रही है। व्यापारी का आरोप है कि दीपक ने दुकान में घुसकर उनके साथ बदसलूकी की और सरेआम जान से मारने की धमकी दी।
व्यापारियों का फूटा गुस्सा, थाने में दिया धरना
घटना के तुरंत बाद पीड़ित व्यापारी संजीव टांक कोटद्वार कोतवाली पहुंचे और लिखित तहरीर दी। जैसे ही यह खबर फैली, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष प्रवीण भाटिया और महामंत्री नवीन गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। नाराज व्यापारियों ने कोतवाली परिसर में ही धरना शुरू कर दिया और आरोपी के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग उठाई। माहौल को भांपते हुए थाने में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोटद्वार के एएसपी मनोज ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित व्यापारियों को समझाया और बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
कई संगीन धाराओं में केस दर्ज
पौड़ी पुलिस के अनुसार, कोतवाली कोटद्वार में पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया गया था। बाद में जांच और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 196 और 115 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद आरोपी दीपक उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ को धारा 170 बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
कैसे पड़ा था ‘मोहम्मद दीपक’ नाम?
दीपक कुमार पहली बार 26 जनवरी 2026 को उस वक्त चर्चा में आए थे, जब कोटद्वार के पटेल रोड पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के बोर्ड पर लिखे ‘बाबा’ शब्द को लेकर कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया था। उस वक्त दीपक ने आगे आकर बुजुर्ग दुकानदार का बचाव किया था। जब भीड़ ने उनका नाम पूछा, तो उन्होंने व्यंग्य कसते हुए खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। उस घटना का वीडियो खूब वायरल हुआ था और वे रातों-रात इंटरनेट पर छा गए थे। हालांकि, इस बार सोशल मीडिया का वही विवाद उन्हें हवालात की हवा खिला गया।













































