LPU violence Farhat Dev: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित दुष्कर्म की एक सोशल मीडिया पोस्ट से भड़की आग अब हिंसा, आगजनी, पथराव और दुकानों में खुली लूटपाट तक पहुंच चुकी है। 26 और 27 सितंबर को कैंपस के भीतर और बाहर हुए जबर्दस्त बवाल के बाद यूनिवर्सिटी में 10 दिनों की छुट्टी कर दी गई है और सभी परीक्षाएं टाल दी गई हैं। छात्र-छात्राएं तेजी से अपने घरों को लौट रहे हैं, जिससे पूरे कैंपस और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। इसी बीच, छात्रा रम्या मिश्रा के एक सनसनीखेज वीडियो और कैंपस के अंदर यूनी मॉल में हुई लूटपाट ने इस मामले को पूरी तरह नया मोड़ दे दिया है।
छात्रा ने लगाया पूर्व छात्र और इन्फ्लुएंसर पर आरोप| LPU violence Farhat Dev
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में छात्रा रम्या मिश्रा ने दावा किया है कि प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी के डीएसडब्ल्यू (DSW) कार्यालय में सबसे पहले घुसने वाला शख्स सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहत देव था। छात्रा का आरोप है कि फरहत ने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद अंदर मौजूद लोगों ने दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और वहां रखी ट्रॉफियों व अन्य संपत्तियों को चकनाचूर कर दिया।
हालांकि, इन आरोपों के सामने आने के बाद फरहत देव ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। फरहत का कहना है कि वे दफ्तर के अंदर जरूर गए थे, लेकिन उनका मकसद तोड़फोड़ करना नहीं बल्कि उग्र भीड़ को शांत करना और लोगों को रोकना था। फरहत ने दावा किया कि उन्हें बिना वजह निशाना बनाकर धमकियां दी जा रही हैं।
पुलिस जांच के घेरे में फरहत: ‘2 साल पहले पढ़ाई पूरी की, तो कैंपस क्यों पहुंचे?’
कपूरथला के एसएसपी गौरव थूरा ने बताया कि मामले की हर पहलू से बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। उन्होंने कहा कि करीब पांच दिन पहले सोशल मीडिया पर दुष्कर्म और कार्रवाई न होने को लेकर जो संदेश फैलाया गया था, उसकी सच्चाई भी जांची जा रही है।
एसएसपी ने साफ किया कि फरहत देव की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि जब फरहत करीब दो साल पहले ही यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका था, तो हिंसा के वक्त वह कैंपस के भीतर कैसे और क्यों दाखिल हुआ। पुलिस उसके मोबाइल लोकेशन, एंट्री और सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जोड़ रही है।
यूनी मॉल में शटर तोड़कर लूटे मोबाइल-लैपटॉप, 4 केस दर्ज
यूनिवर्सिटी के भीतर 26-27 सितंबर को उपद्रव के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई थी। उपद्रवियों ने कैंपस के अंदर बने यूनी मॉल को निशाना बनाया। दुकानों के शटर और शीशे तोड़ दिए गए और वहां से मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान लूट लिया गया।
एसआईटी (SIT) अब मॉल के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है ताकि लूटपाट करने वालों और सामान ले जाने में इस्तेमाल गाड़ियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने अब तक इस पूरे मामले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
कैंपस के बाहर पसरा सन्नाटा, खौफ में दुकानदार
28 सितंबर को हुए लाठीचार्ज और वाहनों में आगजनी के खौफनाक मंजर के बाद आसपास के दुकानदार दहशत में हैं। हॉस्टल खाली होने और 10 दिनों की छुट्टी की वजह से हजारों छात्र घर चले गए हैं। स्थानीय दुकानदार फरदीन मलिक और अन्य व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के सीजन में भी ऐसी मंदी कभी नहीं देखी। पुलिस की पाबंदियों और हिंसा के डर से व्यापारियों ने छुट्टियां खत्म होने तक अपनी दुकानें बंद रखने का मन बना लिया है।














































