Sonia Gandhi INDIA alliance: बिहार की सियासत और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) को लेकर एक बार फिर पुरानी दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की हालिया बैठक में उस वक्त सन्नाटा खिंच गया, जब दिग्विजय सिंह ने कहा कि जेडीयू नेता नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन से बाहर नहीं जाने देना चाहिए था। इस पर सोनिया गांधी ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए तल्ख अंदाज में कहा, ‘अच्छा ही हुआ वह चले गए।’ सोनिया गांधी के इस रुख और दिग्विजय सिंह के बयान पर अब पूर्व जेडीयू नेता और वरिष्ठ समाजवादी केसी त्यागी ने बड़ा बयान दिया है। त्यागी ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की पुरानी आदत है कि वह सत्ता या क्रेडिट में किसी को हिस्सेदार नहीं बनने देना चाहती और उसने नीतीश कुमार को लगातार अपमानित किया।
‘नीतीश ने हाथ जोड़े, लेकिन कांग्रेस 6 महीने सोती रही’| Sonia Gandhi INDIA alliance
News9 के मैनेजिंग एडिटर कार्तिकेय शर्मा के साथ एक पॉडकास्ट में केसी त्यागी ने विपक्षी एकता के शुरुआती दिनों का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलकर रख दिया। त्यागी ने बताया, “हिसार में चौधरी देवी लाल की पुण्यतिथि के मौके पर मैं खुद मौजूद था। नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर ओम प्रकाश चौटाला और प्रकाश सिंह बादल जैसे गैर-कांग्रेसी दिग्गजों से कहा था कि अगर बीजेपी को हराना है, तो कांग्रेस को साथ लिए बिना यह संभव नहीं है।”
त्यागी के मुताबिक, इसके बाद नीतीश दिल्ली आए और सोनिया गांधी व राहुल गांधी दोनों से मिले। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अगले 6 महीने तक कांग्रेस ने विपक्षी दलों की कोई बैठक तक नहीं बुलाई। अंत में निराश होकर नीतीश कुमार ने खुद आगे बढ़कर पटना में विपक्षी दलों का महाजुटान किया।
‘संयोजक पद तक देने को राजी नहीं थी कांग्रेस’
केसी त्यागी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ अपना एकछत्र राज चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बंगाल में ममता बनर्जी की कद्र नहीं की, शरद पवार को कभी खुलकर तवज्जो नहीं दी और नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाने तक से इनकार कर दिया। त्यागी ने खुलासा किया कि एक निजी बातचीत में राहुल गांधी ने नीतीश कुमार से यहां तक कह दिया था कि ममता बनर्जी उन्हें संयोजक बनाने के पक्ष में नहीं हैं।
त्यागी ने बीजेपी की मिसाल देते हुए कहा, “मैं इस मामले में बीजेपी की तारीफ करूंगा कि उन्होंने जॉर्ज फर्नांडीस और शरद यादव को एनडीए का संयोजक बनाया। लेकिन कांग्रेस सत्ता की जरा सी भी साझेदारी नहीं कर सकती, यह उनकी आजादी से पहले की मानसिकता है। अगर मीटिंग का एजेंडा सब तय करते और बुलावा नीतीश के नाम से चला जाता तो क्या बुरा था? नीतीश दुखी होकर अलग हुए, क्योंकि कांग्रेस उन्हें लगातार जलील कर रही थी।”
कांग्रेस दफ्तर से चल रहा ‘INDIA’, अखिलेश भी असहज
त्यागी ने दावा किया कि आज इंडिया गठबंधन पूरी तरह कांग्रेस दफ्तर से संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भी इस गठबंधन में असहज हैं। वे गठबंधन में रहते हुए भी अपना ‘पीडीए’ (PDA) अभियान अलग चला रहे हैं। त्यागी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस दिन अखिलेश पूरी तरह कांग्रेस के शिकंजे में आ जाएंगे, उनका हाल भी ममता बनर्जी जैसा ही होगा।
बातचीत के दौरान त्यागी ने क्षेत्रीय दलों की कमजोरी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियां वंशवाद और भ्रष्टाचार के दलदल में फंसकर अपनी वैचारिक धार खो बैठीं। डीएमके का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पेरियार के आंदोलन से निकली पार्टी भी पारिवारिक राजनीति की भेंट चढ़ गई। वहीं, कांग्रेस ने हमेशा क्षेत्रीय भाषाओं और हाशिए के तबकों की अनदेखी की, जिसका खामियाजा उसे खुद भुगतना पड़ा।












































