Modi Cabinet Big Decision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में तीन बेहद अहम फैसले लिए गए। सरकार ने खेती-किसानी, बिजली के बुनियादी ढांचे और शहरों में आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए रबी की सभी प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही देश में बिजली ट्रांसमिशन को नई रफ्तार देने के लिए 1.86 लाख करोड़ रुपये की ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3’ योजना और दिल्ली की सड़कों को जाम-मुक्त बनाने के लिए करीब 1,789.52 करोड़ रुपये के आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को मंजूरी दी गई है।
रबी फसलों पर नई MSP: कुसुम में सबसे ज्यादा ₹675 का उछाल| Modi Cabinet Big Decision
कैबिनेट ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें दूसरी फसलों की तरफ प्रोत्साहित (Crop Diversification) करने के मकसद से सभी 6 रबी फसलों के दाम बढ़ाए हैं। सरकार का कहना है कि यह फैसला 2018-19 के बजट में किए गए उस वादे के तहत है, जिसमें फसल की औसत लागत का कम से कम 1.5 गुना दाम देने की बात कही गई थी।
- कुसुम (Safflower): सबसे ज्यादा ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के साथ नई दर ₹7,215 तय की गई।
- रेपसीड व सरसों: ₹413 का इजाफा हुआ है, जिससे भाव ₹6,613 प्रति क्विंटल पहुंच गया।
- मसूर: ₹390 की बढ़त के बाद अब ₹7,390 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिलेगा।
- जौ: ₹136 की वृद्धि के साथ ₹2,286 प्रति क्विंटल किया गया।
- चना: ₹83 बढ़ाकर ₹5,958 प्रति क्विंटल तय किया गया।
- गेहूं: ₹25 की बढ़ोतरी के साथ अब ₹2,610 प्रति क्विंटल मिलेगा।
1.86 लाख करोड़ से मजबूत होगा ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर
कैबिनेट ने पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना’ के तीसरे चरण (Phase-3) को भी स्वीकृति दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 1,86,405 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य लक्ष्य राज्यों के भीतर बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को इतना मजबूत बनाना है कि 135 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी को बिना रुकावट ग्रिड तक पहुंचाया जा सके।
प्रोजेक्ट को वित्त वर्ष 2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 1,36,378 करोड़ रुपये ट्रांसमिशन सिस्टम पर और 50,000 करोड़ रुपये 50 गीगावाट-घंटे (GWh) की बड़ी बैटरी एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित करने में खर्च होंगे। केंद्र सरकार इस योजना में 54,082 करोड़ रुपये की सीधी वित्तीय मदद (सब्सिडी) देगी।
दिल्ली की सड़कों पर AI ट्रैफिक सिस्टम: 42 कॉरिडोर होंगे कवर
राजधानी दिल्ली के लोगों को रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए कैबिनेट ने 1,789.52 करोड़ रुपये के ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) पर मुहर लगाई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रियल-टाइम डेटा के जरिए दिल्ली की सड़कों को स्मार्ट बनाएगा।
यह परियोजना दिल्ली के 42 सबसे व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगी। इसे अगले 24 महीनों के भीतर तीन चरणों में पूरा किया जाएगा और इसके बाद अगले पांच साल तक एजेंसी ही इसका मेंटेनेंस देखेगी। इस सिस्टम में अडेप्टिव सिग्नल लगे होंगे, जो गाड़ियों के दबाव को भांपकर लाल-हरी बत्ती का समय खुद तय करेंगे। साथ ही, इसके जरिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियों को पहले रास्ता दिया जा सकेगा।












































