5 star safety cars: क्या आप 10 लाख के बजट में एक सुरक्षित कार ढूंढ रहे हैं? आज भारतीय कार बाजार में सेफ्टी सबसे बड़ा पैमाना बन चुकी है। इस बजट में आपको 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली बेहतरीन गाड़ियां तो मिल जाएंगी, लेकिन शोरूम से चाबी लेने से पहले आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है कि 10 लाख के बजट की सबसे सुरक्षित कारें और 4 ऐसी जरूरी चीजें जो आपको डिलीवरी लेने से पहले शोरूम में जरूर चेक करनी चाहिए, ताकि आप किसी बड़ी धोखाधड़ी से बच सकें।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों के लिए सुरक्षा (Safety) सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है। 10 लाख रुपये के बजट में 5-स्टार सेफ्टी (Bharat NCAP / Global NCAP) वाली कई बेहतरीन कारें उपलब्ध हैं, जो दुर्घटना के समय आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखती हैं।
शोरूम से नई गाड़ी घर लाने से पहले, आपको कुछ बेहद जरूरी चीजों की जांच (PDI – Pre-Delivery Inspection) करनी चाहिए ताकि बाद में किसी बड़ी धोखाधड़ी या परेशानी से बचा जा सके।
10 लाख के बजट में 5 star safety cars वाली टॉप कारें
यदि आपका बजट 10 लाख रुपये तक है, तो आप इन 5-स्टार सेफ्टी (5 star safety cars ) रेटिंग वाली गाड़ियों पर विचार कर सकते हैं:
Tata Punch: यह भारत की सबसे सुरक्षित और सबसे किफायती माइक्रो-एसयूवी में से एक है। इसे वयस्कों और बच्चों दोनों की सुरक्षा के लिए शानदार रेटिंग मिली है।
Tata Nexon: मजबूत बॉडी शेल और चलते-फिरते टैंक जैसी मजबूती के साथ आने वाली यह कॉम्पैक्ट एसयूवी भारतीय ग्राहकों की पसंदीदा है। 10 लाख के बजट में इसके शुरुआती (Base) और मिड-वेरिएंट आसानी से मिल जाते हैं।
गाड़ी खरीदने से पहलेजरूर चेक करें ये 4 चीजें
कार की डिलीवरी लेने या फाइनल पेमेंट करने से पहले शोरूम में ये 4 बातें खुद अपनी आंखों से जरूर वेरिफाई करें:
1. VIN नंबर से मैन्युफैक्चरिंग का महीना चेक करें
गाड़ी के VIN (Vehicle Identification Number) के जरिए यह पता लगाएं कि कार किस महीने और साल में बनी है। कई बार डीलर आपको कई महीने पुरानी या स्टॉक में खड़ी गाड़ी (चोटिल/डैमेज्ड) बेचने की कोशिश करते हैं। हमेशा ताजी बनी कार को ही प्राथमिकता दें।
2. सेफ्टी फीचर्स और एयरबैग की संख्या खुद गिनें
कागजों पर लिखे फीचर्स पर भरोसा करने के बजाय, कार के अंदर बैठकर एयरबैग की संख्या (जैसे 6 एयरबैग्स) खुद गिनें। इसके साथ ही डैशबोर्ड की स्क्रीन या मेनू टॉगल में जाकर ESC (Electronic Stability Control) आइकन और पिछली सीट पर ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर को ध्यान से देखकर तसल्ली कर लें।
3. टायर का साइज, लोड इंडेक्स और मैन्युफैक्चरिंग डेट
डिलीवरी लेते समय गाड़ी के चारों टायरों और स्पेयर व्हील (स्टेपनी) की फोटो खींच लें। टायर पर लिखी उसकी साइज, लोड इंडेक्स और बनाने का हफ्ता/साल (जैसे 4 अंकों का कोड) जरूर चेक करें। सुनिश्चित करें कि शोरूम वाले ने गाड़ी के ओरिजिनल नए टायर किसी पुरानी गाड़ी से न बदले हों।
4. सभी कागजात और ऑन-रोड कीमत का अंतिम मिलान
कार के बीमा (Insurance), आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन, वारंटी कार्ड और इनवॉइस को ध्यान से जांचें। फाइनल पेमेंट से पहले डीलर से अंतिम ऑन-रोड कीमत (Final On-road Price) का ब्रेकअप लें ताकि वे हैंडलिंग चार्ज या लॉजिस्टिक्स के नाम पर आपसे कोई छिपी हुई अतिरिक्त रकम न वसूल सकें।












































