Donald Trump Oath Ceremony: दो बाइबल, जयशंकर से मस्क तक! जानें ट्रंप की ताजपोशी में क्या-क्या होगा खास?

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 20 जनवरी 2025, 12:00 AM 🔄 Updated: 20 जनवरी 2025, 12:00 AM
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Donald Trump Oath Ceremony: आज का दिन अमेरिकी इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप, जो पहले भी अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं, दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनके साथ जेडी वेंस उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर अमेरिका के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स उन्हें शपथ दिलाएंगे। यह समारोह खास इसलिए भी है क्योंकि यह ग्रैंड स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के शीर्ष नेता और नामचीन हस्तियां शामिल हो रही हैं।

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भव्य आयोजन और अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति- Donald Trump Oath Ceremony

डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए 17 करोड़ डॉलर का चंदा इकट्ठा किया गया है। यह समारोह अमेरिकी संसद कैपिटल हिल के भीतर कैपिटल रोटुंडा में आयोजित होगा। सर्दी के इस कड़कते मौसम में भी करीब 700 मेहमानों के सामने यह ऐतिहासिक शपथ ग्रहण किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में दुनियाभर की मशहूर हस्तियां शामिल हो रही हैं। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी मौजूद होंगे। चीन से उपराष्ट्रपति हान झेंग भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अलावा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई, अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान जैसी हस्तियां भी शामिल होंगी।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन, बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे, जो इसे और भी खास बनाता है।

अरबपति कारोबारी भी होंगे गवाह

यह सिर्फ राजनेताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार जगत के दिग्गज भी ट्रंप के शपथ ग्रहण के साक्षी बनेंगे। इसमें एलॉन मस्क, अमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस, मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग, एप्पल के टिम कुक और टिकटॉक के सीईओ शाउ जी च्यू भी मौजूद होंगे। यह दिखाता है कि यह कार्यक्रम न केवल राजनीतिक बल्कि व्यापारिक दृष्टि से भी कितना महत्वपूर्ण है।

शपथ ग्रहण की प्रक्रिया और परंपरा

अमेरिकी राष्ट्रपतियों की शपथ में केवल 35 शब्द होते हैं, जिसमें राष्ट्रपति अपनी सत्यनिष्ठा और संविधान की सुरक्षा का वचन देते हैं। ट्रंप इस बार दो ऐतिहासिक बाइबल पर हाथ रखकर शपथ लेंगे। इनमें से एक बाइबल उनकी मां द्वारा 1955 में दी गई थी, जबकि दूसरी अब्राहम लिंकन की बाइबल है, जिसे 1861 में लिंकन ने अपनी शपथ के दौरान उपयोग किया था।

शपथ ग्रहण से पहले एक म्यूजिकल परफॉर्मेंस और परेड का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे इस समारोह की भव्यता और बढ़ जाएगी।

ट्रंप की प्रमुख घोषणाएं

इस आयोजन से पहले ट्रंप ने विक्ट्री रैली में अपने भविष्य के एजेंडे पर प्रकाश डाला। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और संभावित तीसरे विश्वयुद्ध को रोकने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका में गैरकानूनी प्रवासियों को देश से बाहर निकालने का अपना वादा फिर से दोहराया।

डोनाल्ड ट्रंप का यह शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण घटना है। यह न केवल राजनीतिक बल्कि कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगा। भव्य आयोजन, दुनिया भर के नेताओं और हस्तियों की उपस्थिति इसे ऐतिहासिक बना देती है।

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