रेप के दोषी विधायक कुलदीप सेंगर की बीबी को बीजेपी ने दिया टिकट, मचा बवाल

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 09 अप्रैल 2021, 05:30 AM Updated: 09 अप्रैल 2021, 05:30 AM
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यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले जिला पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों में लगी हुई है। इस चुनाव को यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का डेमो कहा जा रहा है। राजनीतिक पार्टियां पूरे दम-खम के साथ अपनी तैयारियों को अंतिम स्वरुप दे रही है। इसी बीच देश की सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी ने रेप के दोषी विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar) की बीबी को चुनावी मैदान में उतारा है। जिसके बाद एक बार फिर से सवाल उठने शुरु हो गए हैं।

2016 में निर्दलीय विधायक बनी थी संगीता सेंगर

बीजेपी की ओर से बीते दिन गुरुवार को उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई। जिसमें बीजेपी के पूर्व रेप के दोषी विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar) की बीबी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर (Sangeeta Sengar) को फतेहपुर चौरासी चतुर्थ से प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अविनाश चंद्र उर्फ आनंद आवस्थी को सिकंदरपुर सरोसी प्रथम से प्रत्याशी बनाया गया है।

नवाबगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अरुण सिंह औरास द्वितीय से टिकट मिला है। इससे पहले साल 2016 में संगीता सेंगर निर्दलीय अध्यक्ष बनी थी। तब कुलदीप सेंगर बीजेपी से विधायक थे। जिसके बाद रेप के आरोप सिद्ध होने के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था।

4 बार बीजेपी विधायक रह चुका है कुलदीप सेंगर

बता दें, कुलदीप सेंगर बांगरमऊ विधानसभा सीट से चार बार बीजेपी के विधायक रह चुके हैं। साल 2017 में उन्नाव के चर्चित रेप केस में कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद साल 2019 में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। जिसके कुछ ही महीनों बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई। 

पिछले साल कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को रेप और अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए उन्हें उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी। वहीं रेप सर्वाइवर के पिता की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले में भी सेंगर समेत सभी दोषियों को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा था कि दोषी अपनी स्वाभाविक उम्र की आखिरी सांस तक जेल में रहेगा।

जानें क्या है पूरा मामला?

दरअसल, साल 2017 में बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर से उनके घर के करीब रहने वाली एक 17 वर्षीय लड़की नौकरी मांगने आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह सेंगर की करीबी थी। जिसके बाद अचानक उस किशोरी ने खुलासा किया कि विधायक कुलदीप सेंगर ने उसके साथ बलात्कार किया है। तब मामला प्रकाश में आया। (Unnao Rape case)

खबरों के मुताबिक इस मामले में तत्काली बीजेपी कुलदीप सेंगर के भाई अतुल ने पीड़िता के पिता को बेरहमी से पीटा और फिर साजिश के तहत किसी झूठे मामलों में फंसा कर जेल भेज दिया। जहां पर उनकी मौत हो गई। जिसके काफी समय बाद विधायक के भाई को गिरफ्तार किया गया। वहीं, दूसरी ओर इस मामले में विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया लेकिन वह जेल में भी साजिश रचता रहा।

28 जुलाई 2019 को पीड़िता अपने चाचा, चाची और वकील के साथ उनकी कार में केस के सिलसिले में यात्रा कर रही थी। तभी हाइवे पर एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। जिसमें पीड़िता के परिजनों की मौत हो गई। तो वहीं, पीड़िता और उसके वकील बुरी तरह घायल हो गए थे। इस मामले में सेंगर पर हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी को लेकर मामला दर्ज किया गया था।

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