इस दिशा में होना चाहिए घर, स्कूल और ऑफिस का मंदिर

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 10 जुलाई 2023, 05:30 AM Updated: 10 जुलाई 2023, 05:30 AM
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Best Direction for Mandir in Home – जब भी घर बनता है या नया घर लेते हैं या फिर ऑफिस, स्कूल में नया मंदिर स्थापित किया जाता है या मंदिर की जगह निश्चित होती है तो इस बात का ध्यान रखा जाता है कि मंदिर सही दिशा में होना चाहिए. मंदिर अगर सही दिशा में नहीं होगा तो इसका प्रभाव हर चीज में नजर आएगा लेकिन अगर मंदिर सही दिशा में होगा तो इसका पॉजिटिव रिस्पांस मिलेगा. वहीं इस पोस्ट के जरिए हम आपको इस बात की जानकारी देने जा रहे हैं कि घर, ऑफिस, स्कूल में मंदिर के लिए सही दिशा कौन-सी होती है.

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इस दिशा में होना चाहिए मंदिर 

घर, ऑफिस, स्कूल में मंदिर नॉर्थ-ईस्ट दिशा में होना चहिए. नॉर्थ-ईस्ट दिशा को ईशान कोण भी कहा जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा का स्वामी बृहस्पति है साथ ही पृथ्वी का झुकाव भी उत्तर-पूर्व दिशा में भी है और इस वजह से ये दिशा काफी उत्तम है. कहा जाता है इस दिशा में मंदिर होने से घर के निवासियों के लिए यह समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य लाता है. वहीं स्कूल और ऑफिस (Best Direction for Mandir in Office) में इस जगह पर मंदिर हो तो स्कूल और ऑफिस दोंनो ही सफलता की ओर बढता है. इसी के साथ मंदिर में रखी जाने वाली मूर्तियों का भी खास ध्यान रखना चाहिए.

मंदिर के साथ-साथ मूर्तियों का भी रखें ध्यान 

घर में मंदिर इस तरह बनाए कि देवताओं का मुख पूरब या पश्चिम दिशा की ओर हो, ताकि पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख पश्चिम या पूरब की ओर हो. वहीं वास्तु शास्त्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार, घर में मंदिर या पूजा रूम में दीवारों पर भगवान की मूर्तियों को सीधे रखने से बचना चाहिए. इसी के साथ मूर्तियों और दीवार के बीच दूरी का भी ध्यान रखना चाहिए.

इन जगहों पर न रखें मंदिर – Best Direction for Mandir in Home

मंदिर को किचन या बेडरूम में भी नहीं रखना चाहिए . जहाँ लोग कम जगह होने की वजह से ऐसा करना मजबूरी हैं तो ऐसे में आप मंदिर को ऊंचाई में रख सकते हैं. वहीं इस बात का ध्यान रखें की मंदिर की दीवार बाथरूम से टच न करें ऐसा करना से मंदिर अशुद्ध हो जाता है इसलिए स्नानघर कभी भी पूजा पास नहीं होना चाहिए।

वास्तु में मंदिर की दिशा का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर में दिशा का महत्व इसलिए हैं क्योंकि हर दिशा खास विशेषताओं से जुड़ी होती है और सही दिशा पोजिटीविटी (positivity)बनी रहती है सतह ही अच्छे वाईब्रेशन्स भी उत्पन्न होते हैं .

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