Aditya Sharma Death News: ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले 23 वर्षीय नाविक आदित्य शर्मा की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। दुख की इस घड़ी में परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं और केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद आदित्य आज जीवित होते।
आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले के भालू गांव के निवासी थे और एक मर्चेंट शिप में डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे। घटना के समय वह ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद जहाज पर तैनात थे। हमले के दौरान जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि आदित्य की जान चली गई।
दादा ने उठाए सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल| Aditya Sharma Death News
आदित्य के दादा अशोक शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि जहाज को पहले ही संभावित खतरे की चेतावनी मिल चुकी थी। इसके बावजूद उसे आगे क्यों बढ़ाया गया, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि चेतावनी मिलने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाते, तो यह दुखद घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने जहाज प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी सवाल उठाए और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
Hamirpur, Himachal Pradesh: Aditya Sharma, a sailor, went missing following an attack on a vessel near the Oman coast. His uncle says, “You are asking about my nephew, Aditya Sharma. Last night, at around 9 p.m., my brother received a phone call informing him that he was missing.… pic.twitter.com/DwQIOGsl5y
— IANS (@ians_india) June 11, 2026
पिता का दावा- पहले से था खतरे का संकेत
आदित्य के पिता राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि घटना से पहले उनके बेटे ने फोन पर कहा था कि जहाज एक खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। पिता के अनुसार, सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा दो बार जहाज को उस क्षेत्र से हटने और आगे न बढ़ने की चेतावनी भी दी गई थी। राजेश शर्मा का आरोप है कि इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि जहाज एक कमर्शियल टैंकर था और उस पर मौजूद सभी लोग निहत्थे थे। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चाचा ने भी जताई शंका
आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने भी घटना को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हमले के समय रात करीब साढ़े दस बजे आदित्य इंजन रूम के पास क्या कर रहे थे और उन्हें वहां कौन सा काम सौंपा गया था, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना परिवार को रात करीब नौ बजे मिली, जब कंपनी की ओर से बताया गया कि आदित्य लापता हैं। परिवार ने पूरी रात कंपनी अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
पहले भी की थी शिकायत
परिजनों के मुताबिक, आदित्य ने अप्रैल महीने में जहाज पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे शोषण की शिकायत की थी। उन्होंने परिवार को बताया था कि वह इस जहाज को छोड़ना चाहते हैं। इस दावे के बाद अब परिवार पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग कर रहा है।
पार्थिव देह को भारत लाने की मांग
राजेश शर्मा ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए। परिवार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और सांसद अनुराग ठाकुर से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
नेताओं ने जताया दुख
बड़सर से भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने बताया कि सांसद अनुराग ठाकुर विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और पार्थिव देह को जल्द स्वदेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में आदित्य शर्मा का निधन बेहद दुखद और हृदयविदारक है। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है और लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।



























