Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर की तमाम बड़ी खबरों में पहली खबर गाजियाबाद के मसूरी से है, जहां महिला मित्र से मिलने आए एक बीटेक छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला है। पुलिस जहां इसे खुदकुशी मान रही है, वहीं परिजनों ने हत्या का संगीन आरोप लगाया है। दूसरी बड़ी खबर लोनी इलाके से है, जहां अपराधियों ने कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखते हुए 21 साल के सैलून कर्मी तस्लीम की सरेआम चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। गाजियाबाद में पिछले 15 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी वारदात है।
तीसरी खबर मौसम के रौद्र रूप को लेकर है। दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद में मौसम विभाग ने 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि के बाद ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। चौथी खबर आपके जेब और पेट्रोल पंपों से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने ईंधन की किल्लत और कालाबाजारी रोकने के लिए पेट्रोल पंपों से औद्योगिक खरीद पर रोक लगा दी है, वहीं खुदरा ग्राहकों के लिए डीजल की डेली लिमिट 200 लीटर तय कर दी है।
और पांचवीं खबर खोड़ा नगर पालिका से है, जहां पिछले 6 महीने से चल रहा प्रशासनिक इंतजार खत्म हो गया है और नए ईओ अवनीश कुमार शुक्ल ने कार्यभार संभालते ही कड़े तेवर दिखाए हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी पांचों खबरों को पूरे विस्तार जानते हैं।
और पढ़ें: लव मैरिज का खूनी अंजाम! परीक्षा से लौटते वक्त पत्नी के सामने भाई ने पति को मारी गोली| UP Crime News
बीटेक छात्र का फ्लैट में मिला शव
दोस्ती, विवाद और फिर मौत… गाजियाबाद के एक फ्लैट में बीटेक छात्र अमन की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। लेकिन मौत से ठीक एक घंटे पहले पिता से सामान्य बात करने वाले अमन के परिजनों का कहना है-यह खुदकुशी नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है। आखिर उस रात उस फ्लैट में क्या हुआ था? तो चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित फ्लोरा एंक्लेव में एक 23 वर्षीय बीटेक छात्र का शव उसकी महिला मित्र के फ्लैट पर फंदे से लटका मिला है। पुलिस प्राथमिक दृष्टि से इसे आत्महत्या मान रही है, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का रहने वाला अमन चंडीगढ़ की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा था।
वह अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए उसके फ्लैट पर गया था, जहां बाद में उसका शव मिला। घटना के वक्त फ्लैट में अमन की पूर्व महिला मित्र (जो गजरौला की रहने वाली बीसीए छात्रा है), उसकी एक महिला रूममेट और एक अन्य पुरुष मित्र मौजूद थे। पुलिस ने फ्लैट में मौजूद इन तीनों दोस्तों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
गाजियाबाद पुलिस और Hindustan Times के मुताबिक, जिस कमरे में अमन का शव फंदे से लटका मिला, वह अंदर से पूरी तरह लॉक था। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि बुधवार-गुरुवार की रात अमन का उसकी पूर्व महिला मित्र और वहां मौजूद दूसरे पुरुष मित्र के साथ दोस्ती को लेकर गहरा विवाद हुआ था। एसीपी भास्कर वर्मा के अनुसार, घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
बदमाशों का तांडव, तस्लीम की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में बेखौफ बदमाशों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोनी थाना क्षेत्र में सरेराह एक 21 वर्षीय सैलून कर्मी तस्लीम की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पिछले महज 15 दिनों के भीतर गाजियाबाद में युवाओं की हत्या का यह तीसरा सनसनीखेज मामला है, जिससे पूरी कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और इलाके में हड़कंप मच गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय सैलून कर्मी तस्लीम की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिसके बाद पिछले 15 दिनों में तीन युवाओं की हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बता दें कि 21 वर्षीय तस्लीम लोनी की आशियाना सिटी का रहने वाला था और पेशे से सैलून में काम करता था। तस्लीम को उसका दोस्त फैसल घर से बुलाकर मलिक सिटी के पास एक मजार पर ले गया, जहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
शुरुआती वार के बाद तस्लीम किसी तरह जान बचाकर पास की एक दुकान तक भागा और अपने चचेरे भाइयों (तैयब और तसीम) को फोन कर मदद के लिए बुलाया। हालांकि, जब तक भाई मौके पर पहुंचे, हमलावरों ने तस्लीम को दोबारा घेरकर उस पर चाकू से कई और वार कर दिए और हथियार लहराते हुए फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
तस्लीम के पिता की शिकायत के आधार पर लोनी थाना पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों—फैसल, शेरुद्दीन, आमिर और अयान के खिलाफ हत्या (BNS की धारा 103) और समान इरादे (धारा 3(5)) के तहत केस दर्ज किया है। डीसीपी (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी के अनुसार, फरार आरोपियों की तलाश के लिए चार विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
गौरतलब है कि गाजियाबाद में पिछले 15 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले खोड़ा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय छात्र सूर्या की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिसके मुख्य आरोपी असद को बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। वहीं, मसूरी थाना क्षेत्र के फ्लोरा एंक्लेव में एक बीटेक छात्र अमन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था, जिसे परिजन हत्या बता रहे हैं। अब लोनी में सरेआम तस्लीम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई, जिससे व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश और डर का माहौल है।
भीषण आंधी-तूफान को लेकर ‘रेड अलर्ट’
दिल्ली-एनसीआर समेत गाजियाबाद में मौसम विभाग (IMD) ने भीषण आंधी-तूफान को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। जिले में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं और तेज बारिश के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने और जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने आम जनता को बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सख्त हिदायत दी है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में 70 से 90 किमी/घंटा और झोंकों के साथ 100 किमी/घंटा की तूफानी रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इस अचानक बदले मौसम और भीषण आंधी-तूफान के कारण गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जिससे प्रशासन ने लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सख्त सलाह दी है।
इस प्री-मानसून गतिविधि और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण, दिल्ली-NCR को भीषण गर्मी और हीटवेव से बड़ी राहत मिली है। अधिकतम तापमान में करीब 7 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। गाजियाबाद जिला प्रशासन और मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों को भी आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहने, शीशे की खिड़कियों से दूर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है।
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जनता के लिए निम्नलिखित सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की गई हैं:
- जब तक बहुत जरूरी न हो, घर या किसी सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर ही रुकें।
- आंधी के दौरान किसी भी पेड़, बिजली के खंभे या कमजोर होर्डिंग्स के नीचे कतई खड़े न हों।
- तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण शीशे की खिड़कियों और दरवाजों से उचित दूरी बनाए रखें।
- आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए घरों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें और हो सके तो उन्हें अनप्लग कर दें।
पेट्रोल पंपों पर बदले तेल खरीदने के नियम (Top 5 Ghaziabad News)
क्या आप भी गाजियाबाद में रहते हैं? अगर हाँ, तो गाजियाबाद के पेट्रोल पंपों पर तेल खरीदने के नियम अब बदल चुके हैं! केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की खरीद को लेकर जारी किया गया नया नियम गाजियाबाद समेत पूरे देश में लागू हो गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने खुदरा पेट्रोल पंपों से फैक्ट्रियों, मॉल्स और कमर्शियल यूनिट्स जैसे थोक खरीदारों द्वारा ईंधन लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के बढ़ते दामों और देश में ईंधन की किल्लत से बचने के लिए सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। अब साहिबाबाद और कवि नगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की फैक्ट्रियां आम पेट्रोल पंपों से थोक में सस्ता तेल नहीं उठा पाएंगी। इसके साथ ही, आम ग्राहकों और गाड़ियों के लिए डीजल की अधिकतम सीमा प्रतिदिन 200 लीटर तय कर दी गई है। आखिर सरकार को यह बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा, इससे आम जनता को क्या फायदा होगा और क्या हैं इसके नए नियम? आइए जानते हैं पूरी खबर।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने आम जनता को ईंधन की कमी से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों से औद्योगिक और व्यावसायिक (थोक) खरीदारों द्वारा पेट्रोल-डीजल खरीदने पर अस्थाई रोक लगा दी है। वहीं, खुदरा स्तर पर डीजल की बिक्री के लिए प्रति ग्राहक या वाहन प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर की सीमा तय की गई है। हालांकि, आम जनता के लिए पेट्रोल खरीदने पर ऐसी कोई सीमा लागू नहीं की गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जारी यह नया नियम शुरुआती 90 दिनों के लिए प्रभावी किया गया है ताकि बाजार में तेल की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके।
क्योंकि गाजियाबाद एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है जैसे साहिबाबाद, कवि नगर और बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया, इसलिए यहाँ की फैक्ट्रियां, मॉल, जेनरेटर चलाने वाली कंपनियां या बड़े कमर्शियल यूनिट्स अब स्थानीय रिटेल पेट्रोल पंपों से तेल नहीं खरीद पाएंगे। उन्हें अब अधिकृत थोक डीलरों (Bulk Points) से ही 134.50 प्रति लीटर की दर पर डीजल लेना होगा।
इसके साथ ही गाजियाबाद के सभी पेट्रोल पंपों (जैसे राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, या एनएच-9 के पंप) को आदेश दे दिया गया है कि वे एक गाड़ी या एक ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल न दें। इस नियम से गाजियाबाद के आम कार, बाइक या ऑटो मालिकों को बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। फैक्ट्रियों द्वारा रिटेल पंपों से तेल उठाने पर रोक लगने के कारण गाजियाबाद के स्थानीय पंपों पर तेल की किल्लत (Shortage) या लंबी लाइनें लगने की नौबत नहीं आएगी और सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।
केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक्शन मोड में नए ईओ
गाजियाबाद की खोड़ा नगर पालिका परिषद में पिछले छह महीने से चल रहा प्रशासनिक इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। जालौन की कालपी नगर पालिका से स्थानांतरित होकर आए अवनीश कुमार शुक्ल ने नए स्थायी अधिशासी अधिकारी (EO) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही नए ईओ ने एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत उन्होंने जनगणना कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ स्थानीय जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। हालांकि, खोड़ा में पैर पसार रही पेयजल किल्लत और रुके हुए विकास कार्यों को पटरी पर लाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजियाबाद की खोड़ा नगर पालिका परिषद में अवनीश कुमार शुक्ल को नया स्थायी अधिशासी अधिकारी (EO) नियुक्त किया गया है। शासन द्वारा जालौन की कालपी नगर पालिका से स्थानांतरित होकर आए अवनीश कुमार शुक्ल ने करीब छह महीने के लंबे इंतजार के बाद यह पदभार संभाला है।
दैनिक जागरण के मुताबिक, नए ईओ ने कुर्सी संभालते ही एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने सबसे पहले जनगणना कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की और इसे अपनी वर्तमान प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा। इसके साथ ही उन्होंने पालिका कर्मियों को स्थानीय जनता की समस्याओं का रोजाना त्वरित समाधान करने और खोड़ा क्षेत्र में अनियंत्रित रूप से हो रहे अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए ‘निर्माण उपविधि’ (Building Bylaws) को प्रभावी ढंग से लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
हालांकि, नए अधिशासी अधिकारी के समक्ष खोड़ा क्षेत्र की सबसे बड़ी और पुरानी चुनौती भीषण पेयजल किल्लत को दूर करना है। इसके अलावा पिछले छह महीने से रुके पड़े बुनियादी ढाँचे (सड़क, नाली और सफाई) से जुड़े विकास कार्यों को दोबारा गति देना भी उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।




























