100 करोड़ के फ्लैट घोटाला से लेकर पानी माफिया की मनमानी तक | Top 5 Ghaziabad News

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 12 अगस्त 2026, 05:56 PM Updated: 12 अगस्त 2026, 05:56 PM
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Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की पांच बड़ी और मुख्य खबरें जो सुर्खियों में बनी हुई हैं, पहली खबर ट्रॉनिका सिटी से, जहां एक हैरान कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक फैक्ट्री कर्मचारी ने पुरानी खुन्नस के चलते अपने ही सुपरवाइजर की कैंची घोंपकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी बड़ी खबर खोड़ा से है, जहां पानी माफियाओं की मनमानी चरम पर है। नगर पालिका दफ्तर के महज 500 मीटर की दूरी पर खुलेआम अवैध पाइपलाइन बिछाई जा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

तीसरी बड़ी खबर राजनगर एक्सटेंशन से, जहां करोड़ों रुपये के फ्लैट बुकिंग फर्जीवाड़े को लेकर ठगे गए निवेशकों का गुस्सा फूट पड़ा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निवेशकों का धरना प्रदर्शन लगातार 36वें दिन भी जारी रहा। चौथी खबर राहत और विकास से जुड़ी है, जहां केंद्र सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात दी है। गाजियाबाद से सीतापुर तक करीब 14,926 करोड़ की लागत से नई रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे हापुड़ को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

और पांचवीं खबर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की बड़ी लापरवाही की है। गाजियाबाद में पिछले 16 दिनों से हवा तो साफ है, लेकिन घनी आबादी वाले गोविंदपुरम और इंदिरापुरम में प्रदूषण मापक यंत्र तकनीकी खराबी के चलते पूरी तरह ठप पड़े हैं, जिससे आंकड़ों की शुद्धता पर सवाल उठ रहे हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।

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पुरानी खुन्नस के चलते कर दी हत्या

गाजियाबाद की पहली खबर ट्रॉनिका सिटी से जहां एक फैक्ट्री कर्मचारी सर्वेश ने अपने ही सुपरवाइजर अनवेश सक्सेना की कैंची घोंपकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सर्वेश पिछले 8 महीनों से सुपरवाइजर से नफरत करता था क्योंकि सुपरवाइजर ने उसे एक लड़की से दोस्ती करने पर सबके सामने डांटा और जलील किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबिक, दिसंबर 2025 में फैक्ट्री में सफाई के लिए एक लड़की आई थी। आरोपी सर्वेश उस लड़की से दोस्ती करना चाहता था। फैक्ट्री के सुपरवाइजर अनवेश सक्सेना उसे ऐसा करने से रोकते थे और सबके सामने उसे डांटते-फटकारते थे। सबके सामने हुए इस अपमान को सर्वेश बर्दाश्त नहीं कर पाया और पिछले 8 महीनों से मन ही मन अनवेश से गहरी नफरत करने लगा।

घटना वाले दिन दोनों के बीच काम के दबाव और एक्स्ट्रा काम दिए जाने को लेकर भी तीखी बहस हुई थी। 10 अगस्त 2026 की दोपहर करीब 3 बजे, सर्वेश ने अनवेश को फैक्ट्री के पहली मंजिल पर बने कटिंग सेक्शन रूम में अकेला लेटा हुआ देखा। मौका पाते ही सर्वेश ने कपड़ा काटने वाली भारी कैंची उठाई और अनवेश के सिर, गर्दन और पेट पर कई वार कर दिए। लहूलुहान हालत में फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी अनवेश को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी सर्वेश को ट्रॉनिका सिटी के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी कैंची को भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर आरोपी सर्वेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

खोड़ा में चरम पर पानी माफियाओं की मनमानी (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की दूसरी खबर खोड़ा से जहां पानी माफिया बेहद सक्रिय हैं और नगर पालिका परिषद के दफ्तर से महज 500 मीटर की दूरी पर खुलेआम अवैध रूप से पाइपलाइन बिछा रहे हैं। खोड़ा में सरकारी पानी की भारी किल्लत का फायदा उठाकर यह माफिया लोगों से कनेक्शन के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये की मोटी रकम वसूल रहे हैं।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि पानी माफिया नगर पालिका दफ्तर के बिल्कुल पास वंदना एन्क्लेव में दिन-दिहाड़े सड़कों को खोदकर अपनी पाइपलाइन डाल रहे हैं। करीब 15 दिन पहले अधिशासी अधिकारी (EO) को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया था। लेकिन अधिकारियों के जाते ही माफिया ने कुछ दिन बाद दोबारा काम शुरू कर दिया।

नगर पालिका के कर्मी जब जांच के लिए पहुंचे, तो वहां काम कर रहे मजदूरों ने ठेकेदार या माफिया का नाम बताने से साफ इनकार कर दिया। नगर पालिका प्रशासन ने पानी माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को 15 दिन पहले ही लिखित शिकायत दे दी थी। शिकायत मिलने के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई मुकदमा (FIR) दर्ज नहीं किया है, जिससे माफिया के हौसले और बुलंद हैं।

खोड़ा में गंगाजल की सरकारी सप्लाई न होने के कारण करीब 12 लाख की आबादी पानी के लिए तरस रही है। इसका फायदा उठाकर माफियाओं ने बड़े-बड़े अवैध नलकूप (ट्यूबवेल) लगा रखे हैं। इन अवैध कनेक्शनों पर माफियाओं ने पानी के मीटर भी लगा रखे हैं और लोगों से हर महीने 4,000 से 5,000 रुपये तक वसूलते हैं। माफियाओं ने आपस में इलाके बांट रखे हैं और किसी दूसरे सप्लायर के आने पर यहां आए दिन खूनी गैंगवार और झगड़े होते रहते हैं।

सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार

नगर पालिका प्रशासन ने खोड़ा के अलग-अलग वार्डों में सरकारी पाइपलाइन बिछाने के कई टेंडर और योजनाएं (जैसे 14 वार्डों और नए 20 वार्डों की योजना) पास की हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर सरकारी काम की रफ्तार बेहद सुस्त है, जिसके कारण जनता आज भी पूरी तरह इन पानी माफियाओं और महंगे टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर है।

करोड़ों रुपये के फ्लैट बुकिंग हो रहा फर्जीवाड़ा (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की तीसरी खबर राजनगर एक्सटेंशन से जहां फ्लैट और दुकानों की बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी (अनुमानित 100 करोड़ का घोटाला) को लेकर पीड़ित निवेशकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और अपनी गाढ़ी कमाई की बरामदगी की मांग को लेकर निवेशकों का धरना प्रदर्शन लगातार 36वें दिन भी जारी रहा।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक वरुण मक्कड़, निधि मक्कड़ और नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा जैसे मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने में ढिलाई बरत रही है, जिससे निवेशकों में भारी आक्रोश है। पीड़ितों ने मांग की है कि फरार बिल्डरों और आरोपियों की संपत्ति को तुरंत जब्त किया जाए और उनकी डूबी हुई रकम वापस दिलाई जाए।

यह मामला राजनगर एक्सटेंशन स्थित राइट अर्थ इंफ्रा और एएसआर सेंट्रल एवेन्यू (एएसआर रियलटेक लिमिटेड) प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। बिल्डरों ने करीब 40-50 से अधिक परिवारों से फ्लैट और दुकानें बुक करने के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल लिए। पैसे लेने के बावजूद निवेशकों को तय समय पर न तो फ्लैट मिले और न ही उनकी रकम वापस की गई।

वहीं अमर उजाला और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने मिलते-जुलते नामों से करीब 100 फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे और निवेशकों का पैसा उनमें ट्रांसफर कराया था। इस खेल में कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नंदग्राम थाना पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) इस घोटाले की जांच कर रही है।

एसआईटी ने अब तक एएसआर रियलटेक के प्रमोटर संदीप कुमार गुप्ता, उनके भाई प्रवीण गुप्ता और बेटे आर्यन गुप्ता सहित कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इनके पास से एक टाटा सफारी गाड़ी भी बरामद की है। ठगी के शिकार हुए निवेशकों की मजबूत पैरवी के कारण कोर्ट ने जेल में बंद आरोपियों की जमानत अर्जियों को भी खारिज कर दिया है।

केंद्र सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दी बड़ी सौगात (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की चौथी खबर केंद्र सरकार के रेल लाइन को लेकर बड़े फैसले की, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अवध क्षेत्र से सीधे जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने गाजियाबाद से सीतापुर के बीच एक बेहद महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को मंजूरी दी है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद से सीतापुर तक करीब 403 से 406 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस पूरी योजना का फाइनल सर्वे कार्य इस समय बेहद तेजी से चल रहा है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये है। यह नया रेल ट्रैक उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों जैसे गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर से होकर गुजरेगा।

यह रूट देश के सबसे व्यस्त (कंजस्टेड) रेलवे नेटवर्क में से एक है। नई लाइनें बनने से ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म होगी और रफ्तार बढ़ेगी। ट्रेनों की बिना रुकावट आवाजाही के लिए भीड़भाड़ वाले स्टेशनों को बाईपास किया जाएगा। इसके तहत हापुड़ में ‘न्यू हापुड़’ (New Hapur) नाम से एक नया रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है।

हापुड़ एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र है। इस नए कॉरिडोर से यहाँ के टेक्सटाइल, स्टील, कृषि और अन्य उद्योगों के माल परिवहन (लॉजिस्टिक्स) को बहुत मजबूती मिलेगी। रेल नेटवर्क और नए लॉजिस्टिक्स हब विकसित होने से क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार पैदा होंगे।

व्यापार और उद्योगों के लिए क्यों है खास?

यह तीसरी और चौथी रेल लाइन व्यावहारिक रूप से एक नए फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ियों के विशेष ट्रैक) की तरह काम करेगी। हापुड़ के पास यह ट्रैक देश के मुख्य फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी तट के बड़े बंदरगाहों तक माल भेजना बेहद आसान और सस्ता हो जाएगा।

पीआईबी (PIB) की रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों से लोड कम होने और मालगाड़ियों के सुचारू संचालन से हर साल करोड़ों किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन की बचत होगी। इस नए रेल मार्ग के पूरी तरह तैयार होने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट (हापुड़), दुधेश्वर नाथ मंदिर (गाजियाबाद) और नैमिषारण्य (सीतापुर) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा बेहद सुगम और सीधी हो जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग की बड़ी लापरवाही (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की पांचवी खबर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की लापरवाही से जुड़ी है। जहां गाजियाबाद में पिछले 16 दिनों से हवा की गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है, लेकिन इस बीच जिले के प्रमुख रिहायशी इलाकों गोविंदपुरम और इंदिरापुरम में प्रदूषण मापक यंत्र (AQI मॉनिटर) तकनीकी खराबी के कारण पूरी तरह बंद रहे। लगातार हो रही बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर के इस हिस्से को प्रदूषण से बड़ी राहत तो मिली है, लेकिन दो बड़े स्टेशनों के बंद होने से सटीक डेटा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त महीने में लगातार हो रही मानसूनी बारिश और तेज हवाओं के चलते गाजियाबाद की हवा काफी साफ बनी हुई है। धूल और धुएं के कण (पार्टिकुलेट मैटर) जमीन पर बैठने की वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार संतोषजनक (Satisfactory) श्रेणी में बना हुआ है। जब शहर की हवा साफ दर्ज की जा रही थी, तब गोविंदपुरम और इंदिरापुरम में लगे प्रदूषण मापक यंत्रों में तकनीकी गड़बड़ी आ गई।

जिले में कुल 6 मुख्य प्रदूषण मापक केंद्र (गोविंदपुरम, वसुंधरा, संजय नगर, लोनी, वेद विहार और इंदिरापुरम) बनाए गए हैं। इनमें से कई दिनों तक केवल 3 यंत्र ही चालू हालत में रहे। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि इन दोनों स्टेशनों के बंद होने के पीछे तकनीकी कारण थे, जिन्हें ठीक करने की कोशिश की जा रही है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इंदिरापुरम और गोविंदपुरम जैसे घनी आबादी और भारी ट्रैफिक वाले क्षेत्रों के मापक यंत्र बंद रहने से पूरे गाजियाबाद का जो औसत एक्यूआई (Average AQI) निकलता है, वह पूरी तरह सटीक नहीं माना जा सकता। निवासियों का कहना है कि जब मौसम साफ है, तब भी सरकारी तंत्र मशीनों के रखरखाव में ढिलाई बरत रहा है, जिससे सर्दियों की शुरुआत में जब प्रदूषण बढ़ेगा तब स्थिति और खराब हो सकती है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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