PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में पिछले कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा संकट का रूप लेता नजर आ रहा है। ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे सरकार विरोधी आंदोलन ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे हैं और अब तक 32 लोगों की मौत तथा 200 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। वहीं आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। मुजफ्फराबाद, रावलाकोट और आसपास के कई क्षेत्रों में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
JAAC नेताओं पर कार्रवाई, गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित| PoK Protest
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कई नेताओं के खिलाफ देशद्रोह जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इतना ही नहीं, संगठन के चार प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के लिए एक करोड़ रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। सरकारी कदमों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान इस आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी सत्ता और नियंत्रण के लिए बड़ी चुनौती मान रहा है।
गोलीबारी के आरोपों से बढ़ा गुस्सा
स्थानीय सूत्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बच्चों और महिलाओं को भी नुकसान पहुंचा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि गोलीबारी में 17 बच्चों और 7 गर्भवती महिलाओं को निशाना बनाया गया, जिसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इन खबरों के सामने आने के बाद आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलने लगा है।
‘मुजफ्फराबाद चलो’ अभियान का असर
JAAC द्वारा चलाए जा रहे ‘मुजफ्फराबाद चलो’ अभियान का असर अब पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। कोटली, नीलम वैली, वादी बाग, कलंदरी और अन्य इलाकों से हजारों लोग राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहे हैं। दिन-रात लोगों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
बढ़ते विरोध को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 6 हजार से ज्यादा फ्रंटियर कॉन्स्टेबल, 5 हजार पाकिस्तान रेंजर्स, इस्लामाबाद पुलिस के करीब 2 हजार जवान और सिंध पुलिस के लगभग 1 हजार कर्मियों को भी क्षेत्र में लगाया गया है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है और आंदोलन लगातार फैलता जा रहा है।
विदेशों में भी उठ रही आवाज
POK में हो रही घटनाओं की गूंज अब विदेशों तक पहुंच गई है। लंदन सहित कई देशों में रहने वाले POK मूल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। इन प्रदर्शनों में पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली की आलोचना की जा रही है।
कुछ वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान सेना, आईएसआई और अन्य अधिकारियों के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देते हुए देखा गया है। हालांकि इन वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बढ़ती चुनौती से चिंतित प्रशासन
विश्लेषकों का मानना है कि POK में जारी यह आंदोलन पाकिस्तान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जिस तरह लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और विरोध की आवाज स्थानीय सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच रही है, उसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, जबकि प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कह रहे हैं।



























