क्या 30 जून से बंद हो जाएंगे कागजी नोट? सरकार ने वायरल दावे पर तोड़ी चुप्पी| RBI New Currency

Nandani | Nedrick News Ghaziabad Published: 12 जून 2026, 09:21 AM Updated: 12 जून 2026, 09:21 AM
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RBI New Currency: सोशल मीडिया के दौर में कई बार ऐसी खबरें तेजी से फैल जाती हैं, जो लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा कर देती हैं। पिछले कुछ दिनों से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को लेकर भी एक ऐसी ही खबर चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि 30 जून से देश में कागजी नोटों का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा और उनकी जगह प्लास्टिक करेंसी लागू कर दी जाएगी। इस खबर ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान खींचा और कई लोगों को 2016 की नोटबंदी की याद भी दिला दी।

हालांकि अब इस वायरल दावे की सच्चाई सामने आ गई है और सरकार की ओर से इसे पूरी तरह गलत बताया गया है।

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सोशल मीडिया पर तेजी से फैली अफवाह| RBI New Currency

हाल के दिनों में फेसबुक, व्हाट्सऐप, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट तेजी से शेयर की जा रही थी। इसमें दावा किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक 30 जून 2026 से कागजी नोटों को बंद करने जा रहा है और उनकी जगह प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल शुरू होगा। कुछ पोस्ट्स में तो कथित तौर पर तारीखें और नई करेंसी व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी साझा की जा रही थी। इन दावों को देखकर कई लोग असमंजस में पड़ गए। कुछ लोगों ने यह तक सोचना शुरू कर दिया कि कहीं फिर से नोटबंदी जैसी स्थिति तो नहीं आने वाली।

सरकार ने बताया फर्जी दावा

वायरल हो रही खबरों के बीच सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने मामले पर स्पष्ट जानकारी दी है। एजेंसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए वायरल वीडियो और पोस्ट की जांच की और उसे पूरी तरह फर्जी बताया। PIB ने साफ कहा कि RBI की ओर से 30 जून 2026 तक कागजी नोटों को हटाने या उनकी जगह प्लास्टिक नोट लागू करने की कोई योजना नहीं है। एजेंसी ने लोगों से अपील की कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।

RBI ने भी नहीं की कोई घोषणा

अब तक भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से भी ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है जिसमें कागजी नोटों को बंद करने या प्लास्टिक करेंसी लागू करने की बात कही गई हो। यही वजह है कि विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। वित्तीय मामलों से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए RBI की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए।

क्यों फैलती हैं ऐसी अफवाहें?

विशेषज्ञों का मानना है कि करेंसी, बैंकिंग और नोटबंदी जैसे विषय आम लोगों की जिंदगी से सीधे जुड़े होते हैं। इसलिए इस तरह की खबरें तेजी से वायरल हो जाती हैं। कई बार पुराने वीडियो, एडिटेड क्लिप या बिना पुष्टि वाली जानकारी को नए दावों के साथ साझा कर दिया जाता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।

लोगों से की गई खास अपील

PIB Fact Check ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी संदिग्ध या सनसनीखेज दावे पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई जानकारी सरकार, RBI या किसी अन्य सरकारी संस्था से जुड़ी हो तो उसे आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करना जरूरी है।

फिलहाल स्थिति पूरी तरह साफ है। न तो कागजी नोट बंद किए जा रहे हैं और न ही 30 जून से प्लास्टिक करेंसी लागू होने जा रही है। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचने और केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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