MLC election results 2026: देश के चार प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस पार्टी को जबर्दस्त राजनीतिक झटके का सामना करना पड़ा है। लगातार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर वकालत करने वाले विपक्षी खेमे के लिए ये नतीजे असहज करने वाले रहे, क्योंकि ये सभी चुनाव मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए ही संपन्न हुए थे। इसके बावजूद कांग्रेस 28 सीटों में अपना खाता तक नहीं खोल सकी। इस करारी शिकस्त के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने कांग्रेस पर तीखा सियासी तंज कसा है।
पीएम मोदी का सोशल मीडिया पर सीधा हमला| MLC election results 2026
नतीजे सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर चुटकी ली। पीएम मोदी ने लिखा, “4 बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए। चुनाव बैलेट पेपर से हुए। अंदाजा लगाइए कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?”
पीएम मोदी के इस बयान ने विपक्षी खेमे की उस मुहिम पर सीधा वार किया है, जिसके तहत कांग्रेस समेत कई दल ईवीएम को हटाकर मतपत्रों से मतदान कराने की मांग करते रहे हैं।
कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का पलटवार
प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कैबिनेट प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ लोग यह बुनियादी बात भी समझने को तैयार नहीं हैं कि उन्हें कब और किस प्रणाली पर भरोसा करना है। वैष्णव ने कहा, “कुछ लोग यह भी नहीं समझना चाहते कि चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए या नहीं। जरा कर्नाटक के हालात देखिए। वहां मतपत्रों से ही वोटिंग हुई थी और भाजपा गठबंधन ने चारों की चारों सीटें अपनी झोली में डाल लीं।”
राज्यवार चुनावी नतीजों की तस्वीर
चारों राज्यों में 23 अक्टूबर को शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोट डाले गए थे, जिनकी मतगणना मंगलवार से शुरू होकर बुधवार तक चली:
- कर्नाटक (बड़ा झटका): यहां कांग्रेस की अपनी सरकार होने और डीके शिवकुमार के नेतृत्व के बावजूद पार्टी चारों सीटें हार गई। विपक्षी जदएस (JD-S) ने सत्ताधारी कांग्रेस से बेंगलुरु शिक्षक सीट छीन ली, जबकि उसकी सहयोगी भाजपा ने अपनी तीन पुरानी सीटें बरकरार रखीं। इस तरह एनडीए ने राज्य में 4-0 से क्लीन स्वीप किया।
- उत्तर प्रदेश: यूपी की कुल 11 सीटों में से भाजपा ने 5 और समाजवादी पार्टी ने 3 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि अन्य सीटों पर देर तक मुकाबला बना रहा।
- बिहार: यहां भी चुनावी मैदान दिलचस्प रहा। प्रशांत किशोर की नवगठित जन सुराज पार्टी ने एमएलसी चुनाव में अपना खाता खोलकर सबको चौंका दिया। वहीं भाजपा, जेडीयू, राजद और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की।
- महाराष्ट्र: राज्य की 5 सीटों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति तीन सीटों पर बढ़त बनाए रही, जबकि शरद पवार गुट वाली एनसीपी (SP) ने दो सीटों पर कड़ा मुकाबला दिया।
लंबे समय से चुनावी पराजयों के लिए ईवीएम में कथित गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराने वाली मुख्य विपक्षी पार्टी के लिए अपने ही गढ़ और बैलेट पेपर वाले चुनाव में शून्य पर सिमटना एक बड़ा आत्ममंथन का विषय बन गया है।













































