अरुणाचल LAC पर फिर आमने-सामने भारत और चीन: ITBP DG के खुलासे से हड़कंप, विदेश मंत्रालय ने ड्रैगन को लताड़ा| India China LAC tension

Nandani | Nedrick News Arunachal Pradesh Published: 24 अक्टूबर 2026, 09:08 PM Updated: 24 अक्टूबर 2026, 09:08 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

India China LAC tension: भारत और चीन सीमा पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमने-सामने आने की घटनाओं के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) का अहम बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 23 अक्टूबर को साफ शब्दों में कहा कि जब भी चीनी सेना पहले से तय गश्त के नियमों और तौर-तरीकों का उल्लंघन करती है, तब-तब सीमावर्ती इलाकों में तनाव पैदा होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार और समग्र विकास के लिए सीमा पर अमन-चैन और स्थिरता सबसे जरूरी शर्त है।

और पढ़ें: एक फैसले ने बुझा दी हजारों घरों की बत्ती! समझिए हरियाणा में बिजली हड़ताल के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी| Haryana Power Cut

ITBP DG के बयान से गरमाया मुद्दा| India China LAC tension

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब 22 अक्टूबर को आईटीबीपी (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर का बड़ा बयान सामने आया। राजस्थान के अलवर स्थित आईटीबीपी बेस पर जवानों को संबोधित करते हुए डीजी कपूर ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच फेस-ऑफ (आमना-सामना) हुआ है और यह स्थिति अभी भी बनी हुई है।

जब मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय से इस पर सवाल किया गया, तो प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस तरह के जमीनी घटनाक्रम की विस्तृत तकनीकी जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क किया जा सकता है।

बातचीत के जरिए मसले सुलझाने की कोशिश

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन सीमा पर लंबित विवादों को सुलझाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन (मिसकैलकुलेशन) से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य स्तर के तंत्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एलएसी की समझ को बेहतर करने के तरीकों पर उचित मंचों पर चर्चा करने के लिए सहमत हुए हैं। भारत का रुख बेहद स्पष्ट है कि जब तक सीमा पर शांति बहाल नहीं होगी, तब तक दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बाकू दौरा

प्रेस वार्ता के दौरान रणधीर जायसवाल ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अजरबैजान दौरे की भी पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जयशंकर ने 23 अक्टूबर को बाकू में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से शिष्टाचार मुलाकात की। विदेश मंत्री ने उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएं दीं।

यह दौरा बिश्केक में आयोजित एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति अलीयेव की मुलाकात को आगे बढ़ाने की एक अहम कड़ी है। राष्ट्रपति से मिलने के बाद विदेश मंत्री ने अपने अजरबैजानी समकक्ष के साथ भी व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाने, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के दौरे बढ़ाने और आतंकवाद व सुरक्षा से जुड़ी साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई। वार्ता में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि दोनों देशों की समृद्धि और क्षेत्रीय शांति के लिए आपसी तालमेल को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

और पढ़ें: बत्ती गुल, पानी ठप! 72 घंटे की हड़ताल से हिला हरियाणा; रेवाड़ी-सोनीपत में बवाल| Haryana electricity employees strike

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds