Tiger Shroff firing case: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस की टीमों ने इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए हरियाणा के सोनीपत से दो और संदिग्धों समीर और जतिन को हिरासत में ले लिया है। दोनों के खिलाफ औपचारिक गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आया है कि इन दोनों का मुख्य काम वारदात के लिए हथियारों का बंदोबस्त और सप्लाई करना था। पुलिस अब स्थानीय अदालत में पेश कर इनकी ट्रांजिट रिमांड लेगी और पूछताछ के लिए मुंबई लाएगी। इन दोनों के पकड़े जाने के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल केस में आरोपियों की कुल संख्या अब 10 तक पहुंच चुकी है।
वारदात के 15 घंटे में पहली धरपकड़, फिर खुलती गई चेन| Tiger Shroff firing case
क्राइम ब्रांच के अनुसार, 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और महज 15 घंटे के भीतर बाइक सवार तीनों मुख्य शूटर्स को दबोच लिया गया था। इसके बाद जब पकड़े गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ हुई, तो पूरी साजिश की परतें उधड़ती चली गईं। मामले में पांच और मददगारों की भूमिका सामने आई, जिनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। पुलिस ने पहले ही इन पांचों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था। अब सोनीपत से दो नए लोगों के पकड़े जाने से यह साफ हो गया है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था।
अमृतसर से ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंची थी हथियारों की खेप
जांच में हथियारों की तस्करी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े दो पुरुष साथी पंजाब के अमृतसर पहुंचे थे, जहां से पिस्तौल और कारतूस लिए गए। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए हथियारों को ट्रेन के जरिए मुंबई भेजा गया। इस काम में दो महिलाओं का इस्तेमाल कूरियर के तौर पर किया गया।
दोनों महिलाएं हथियारों की खेप लेकर सुरक्षित मुंबई पहुंचीं और वहां पहले से मौजूद शूटर्स के हवाले कर दीं। इन्हीं हथियारों से 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां बरसाई गई थीं। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए दो पुरुष आरोपियों की उम्र 21 और 19 साल है, जिनमें एक बेरोजगार है और दूसरा बेकरी में काम करता था। वहीं महिलाओं में से एक छोटे-मोटे काम करती है, जबकि दूसरी एक निजी कंपनी में वायरिंग फिटर का काम संभालती थी। दोनों महिलाएं आपस में पहले से परिचित थीं और इसी संपर्क के जरिए वे इस अपराध के सिंडिकेट से जुड़ गईं।
लॉजिस्टिक्स से लेकर रेकी तक, बंटी हुई थी जिम्मेदारी
पुलिस ने बताया कि गिरोह में हर सदस्य का रोल तय था। एक आरोपी मुंबई में तीनों शूटर्स के साथ रुका हुआ था और उसने रहने-खाने से लेकर आने-जाने तक की पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था संभाली थी। सामने आए प्रमुख आरोपियों के विवरण के मुताबिक:
- कुणाल (21 वर्ष): सोनीपत का रहने वाला है।
- सुमित (19 वर्ष): कपड़े की दुकान पर काम करने की जानकारी मिली है।
- राधा वर्मा (29 वर्ष): कूरियर और डिलीवरी नेटवर्क से जुड़ी रही।
- बबीता राव (24 वर्ष): आजमगढ़ की रहने वाली, 12वीं पास और वायर फिटर का काम करती है।
- अंकित राजेश खटक (18 वर्ष): 12वीं पास, जिस पर वारदात से पहले रेकी करने का आरोप है।
क्राइम ब्रांच अब सोनीपत से पकड़े गए समीर और जतिन से यह उगलवाने में जुटी है कि अमृतसर में हथियार सप्लाई करने वाला मुख्य हैंडलर कौन था और इस हमले के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।












































