Chapra Anand Vihar special: आगामी दशहरा, दिवाली और लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। खासकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश से बिहार लौटने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनों में कंफर्म टिकट पाना मुश्किल हो रहा था। इसी परेशानी को दूर करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने मुसाफिरों को बड़ा तोहफा दिया है। रेलवे प्रशासन ने छपरा जंक्शन से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच साप्ताहिक ‘पूजा स्पेशल ट्रेन’ चलाने का ऐलान किया है, जिसकी शुरुआत आज यानी मंगलवार, 6 अक्टूबर से हो चुकी है।
यह स्पेशल ट्रेन गोपालगंज के प्रमुख थावे जंक्शन से होकर गुजरेगी, जिससे छपरा, सीवान, गोपालगंज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को दिल्ली आने-जाने में भारी सहूलियत मिलने वाली है।
कब से कब तक चलेगी यह ट्रेन? Chapra Anand Vihar special
रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन के दोनों दिशाओं से 8-8 फेरे तय किए गए हैं:
- गाड़ी संख्या 05085 (छपरा से आनंद विहार): यह ट्रेन आज 6 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार को छपरा से रवाना होगी।
- गाड़ी संख्या 05086 (आनंद विहार से छपरा): वापसी में यह ट्रेन 7 अक्टूबर से 25 नवंबर तक हर बुधवार को आनंद विहार टर्मिनल से चलेगी।
टाइम-टेबल और रूट
- छपरा से आनंद विहार: ट्रेन नंबर 05085 छपरा जंक्शन से दोपहर 1:05 बजे खुलेगी। इसके बाद मशरख और दिघवा दुबौली होते हुए दोपहर 3:55 बजे थावे पहुंचेगी। यहां ठहराव के बाद ट्रेन आगे बढ़ेगी और अगले दिन सुबह 9:40 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी।
- आनंद विहार से छपरा: ट्रेन नंबर 05086 आनंद विहार से सुबह 10:50 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन तड़के 4:30 बजे यह थावे जंक्शन पहुंचेगी और फिर दिघवा दुबौली-मशरख होते हुए सुबह 7:00 बजे छपरा जंक्शन पहुंचेगी।
इन स्टेशनों पर होगा ठहराव
सफर के दौरान यह ट्रेन दोनों दिशाओं में मशरख, दिघवा दुबौली, थावे जंक्शन, पडरौना, रामकोला, कप्तानगंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी।
22 कोच की ट्रेन, हर वर्ग के लिए सीटें
यात्रियों की हर जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए गए हैं। इसमें जनरल (अनारक्षित), स्लीपर, 3-टियर एसी इकोनॉमी, 3-टियर एसी, 2-टियर एसी के साथ-साथ फर्स्ट एसी सह 2-टियर एसी कोच शामिल हैं। त्योहारी सीजन में दिल्ली-एनसीआर से अपने गांव-घर लौटने और त्योहार मनाकर वापस जाने वालों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी।











































