Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की आज पांच बेहद महत्वपूर्ण खबरें सुर्खियों में रहीं। एक तरफ जहां खेल जगत को झकझोर देने वाली नेशनल चैंपियन प्राची राजपूत की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत की दुखद खबर सामने आई, वहीं दूसरी तरफ GDA ने 20 साल बाद नई टाउनशिप ‘हरनंदीपुरम’ को मंजूरी देकर रियल एस्टेट सेक्टर में उम्मीदें जगा दी हैं।
इसके अलावा, 175 कारोबारियों से 26 करोड़ की ठगी और खोड़ा में 26 लाख रुपये के स्टीकर बेकार होने से प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जबकि रेलवे के 10 दिनों के ब्लॉक ने यात्रियों की राह मुश्किल कर दी है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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नेशनल चैंपियन की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत
गाजियाबाद से दुखद खबर राजनगर एक्सटेंशन से सामने आई है। वहां की राजनगर रेजीडेंसी सोसायटी के जी-टावर की 12वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर 14 वर्षीय नेशनल चैंपियन प्राची राजपूत की मौत हो गई है। यह हादसा शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 की रात करीब 9 बजे का है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि प्राची राजपूत संजयनगर स्थित डीडीपीएस स्कूल की 9वीं कक्षा की छात्रा थीं। मौत से दो दिन पहले ही वह महाराष्ट्र के शिरडी में आयोजित सीबीएसई नेशनल रोप स्किपिंग (रस्सी कूद) चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल (डबल डच पेयर फ्री स्टाइल और डबल डच सिंगल फ्री स्टाइल) जीतकर लौटी थीं।
परिजनों के अनुसार, रात में प्राची बालकनी में सूख रहे कपड़े उतारने गई थी। उसी दौरान वह अचानक अनियंत्रित होकर 12वीं मंजिल से नीचे गिर गई। तेज आवाज सुनकर सोसायटी के लोग इकट्ठा हुए और उन्हें तुरंत संजय नगर के यशोदा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नंदग्राम थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी जियाउद्दीन अहमद के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऊंचाई से गिरने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह एक दर्दनाक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण (जैसे आत्महत्या) था। फिलहाल परिवार की ओर से किसी गड़बड़ी की शिकायत नहीं की गई है।
लग्जरी ट्रांसपोर्ट में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ की ठगी (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ लग्जरी ट्रांसपोर्ट कारोबार में निवेश और मोटे मुनाफे का झांसा देकर करीब 175 लोगों से 26 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। न्यायालय (कोर्ट) के आदेश पर गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में 6 नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि जालसाजों ने पीड़ितों को मोहाली की ‘ब्लूम ड्राइव’ नामक कंपनी में निवेश करने पर भारी रिटर्न का भरोसा दिया था। शुरुआत में निवेशकों को लुभाने के लिए अलग-अलग वेबसाइटों और ऐप्स पर उनके निवेश की रकम और फर्जी रिटर्न दिखाया जाता रहा।
मई 2025 के बाद अचानक कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप बंद कर दिए गए। आरोपियों ने सिस्टम से निवेशकों का पूरा डेटा भी हटा दिया और उनकी गाढ़ी कमाई हड़प ली। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें गाजियाबाद के पुराने बस अड्डे के पास बुलाकर गाड़ी में डालकर धमकाया गया।
पुलिस द्वारा पहले सुनवाई न होने पर पीड़ितों ने कोर्ट की शरण ली। एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद के मुताबिक, कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार (25 सितम्बर 2026) देर रात सिहानी गेट थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक ये ट्रेनें रद्द (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी बड़ी खबर रेल यात्रियों के लिए है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर आवश्यक मरम्मत कार्य (पटरियों और स्लीपरों को बदलने) के चलते 10 दिन का रेल ब्लॉक लागू किया गया है। 25 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस पावर और ट्रैफिक ब्लॉक की वजह से दिल्ली, नई दिल्ली, साहिबाबाद, मेरठ, मुरादाबाद और पलवल मार्गों पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मरम्मत कार्य के कारण कुल 18 लोकल (EMU) ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही स्टेशन से गुजरने वाली लंबी दूरी की 28 प्रमुख ट्रेनों के प्लेटफार्म में बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, प्लेटफार्म संख्या चार से जुड़े ट्रैक पर जंग लगी पुरानी पटरियों और टूटे व क्षतिग्रस्त स्लीपरों को बदलने का यह काम बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में रेल यात्रा सुरक्षित रहे।
रद्द ट्रेनों के ई-टिकट धारकों को पूरा किराया ऑटोमैटिक वापस (Refund) मिल जाएगा। पूछताछ के लिए यात्री National Train Enquiry System (NTES) ऐप या रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग कर सकते हैं। दिल्ली-NCR के बीच सफर करने वाले यात्रियों को मेट्रो (जैसे रेड लाइन पर शहीद स्थल या ब्लू लाइन पर वैशाली) या फिर मेरठ और साहिबाबाद के बीच चलने वाली नमो भारत (RAPIDX) ट्रेन सेवाओं का विकल्प चुनने की सलाह दी गई है।
20 साल के बाद GDA का बड़ा फैसला (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद के रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने करीब 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एक नया और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘हरनंदीपुरम’ (Harnandipuram) नामक नई आवासीय टाउनशिप योजना को मंजूरी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी टाउनशिप राजनगर एक्सटेंशन में 501 हेक्टेयर (करीब 1238 एकड़) के विशाल क्षेत्र में विकसित की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, GDA ने इससे पहले साल 2004-2005 में ‘मधुबन बापूधाम’ योजना लॉन्च की थी। उसके बाद से प्राधिकरण ने इतनी बड़ी कोई आवासीय योजना नहीं बनाई थी। इसलिए इसे 20 साल का सबसे बड़ा फैसला माना जा रहा है। यह एक आधुनिक और वेल-प्लान्ड टाउनशिप होगी। इसमें आवासीय (Residential) प्लॉट्स और फ्लैट्स के साथ-साथ कमर्शियल हब, पार्क, स्कूल, अस्पताल और चौड़ी सड़कों जैसी सभी अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाएं (Infrastructure) शामिल होंगी।
राजनगर एक्सटेंशन में हिंडन नदी (हरनंदी) के किनारे बनने वाली इस टाउनशिप को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नमो भारत (RRTS) और रैपिड रेल कॉरिडोर से बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दिल्ली-NCR के लोगों के लिए यहाँ रहना काफी सुविधाजनक होगा। इस योजना के लिए जमीन का अधिग्रहण (Land Acquisition) मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश सरकार की लैंड पूलिंग नीति के तहत किया जाएगा, जिसमें किसानों और जमीन मालिकों को भी विकसित जमीन में हिस्सेदारी दी जाती है।
खोड़ा में मकानों को नहीं मिला House Address (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद के खोड़ा (Khoda) इलाके से एक बड़ी प्रशासनिक नाकामी की खबर सामने आई है। करीब 42 साल बीत जाने के बाद भी यहां के 52,000 मकानों को अपनी स्थायी पहचान (House Address) नहीं मिल सकी है। खोड़ा नगर पालिका परिषद द्वारा करीब 26 लाख रुपये खर्च कर मकानों पर नंबर वाले स्टीकर लगाने की जो योजना शुरू की गई थी, वह पूरी तरह फेल साबित हुई है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि नगर पालिका ने मकानों पर पक्की नंबर प्लेट लगाने के बजाय कागजी स्टीकर बांट दिए। बहुत से लोगों ने ये स्टीकर लगाए ही नहीं, और जिन्होंने लगाए उनके स्टीकर मौसम की मार और पानी के कारण खराब हो गए या उन पर लिखे नंबर पूरी तरह मिट गए। एक सटीक पते और हाउस नंबर के अभाव में यहां की 12 लाख से अधिक आबादी को भारी भूलभुलैया का सामना करना पड़ रहा है।
निवासियों को ऑनलाइन डिलीवरी (Amazon/Flipkart/Zomato), कूरियर सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं (जैसे एम्बुलेंस) बुलाने में हर दिन बेहद परेशानी हो रही है। स्थानीय पार्षदों (सभासदों) का आरोप है कि नगर पालिका ने इन नंबरों को आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) में भी दर्ज नहीं किया है। इस वजह से कागजी तौर पर इन नंबरों का कोई कानूनी या व्यावहारिक लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्टीकर चिपकाने के बजाय पालिका को सभी 34 वार्डों का डेटा सही तरीके से जुटाकर लोहे या स्टील की पक्की नंबर प्लेट लगानी चाहिए थी।












































