UP food safety raids: अगर आप भी बाहर का खाना बड़े चाव से खाते हैं और मशहूर ब्रांड्स के नाम पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं, तो यह खबर आपको जरूर चौंका देगी। उत्तर प्रदेश में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले नामी रेस्टोरेंट और फास्ट फूड सेंटर्स पर इस बार गाज गिरी है। राज्य के पांच बड़े जिलों कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में चलाए गए ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत ताबड़तोड़ निरीक्षण किया गया। इस दौरान किचन और स्टोरेज एरिया में ऐसी भयानक लापरवाही और गंदगी सामने आई कि देखने वालों के होश उड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 प्रमुख यूनिटों के लाइसेंस तुरंत निलंबित करने की सिफारिश कर दी गई है।
कानपुर से बनारस तक: सड़ांध, कीड़े और एक्सपायरी सामान| UP food safety raids
जांच के दौरान कानपुर स्थित मशहूर ‘टुंडे कबाबी’ में साफ-सफाई की हालत बेहद खस्ता मिली। फूड प्रोसेसिंग एरिया से भयंकर बदबू आ रही थी। कच्चे मांस का सही रखरखाव नहीं था और सबसे बड़ी बात यह कि शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को बिना किसी अलगाव के एक ही जगह रखा गया था।
उधर वाराणसी के ‘वॉव मोमोज’ आउटलेट पर तो हद ही हो गई। यहां पैकेट बंद खाने पर आगे की तारीख यानी भविष्य की मैन्युफैक्चरिंग डेट छपी हुई मिली। इतना ही नहीं, वहां बासी व एक्सपायर हो चुकी कोल्ड ड्रिंक्स और सॉस भी मिले, जिन्हें ग्राहकों को परोसने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। कई जगहों पर नालियों में बजबजाता गंदा पानी और कचरा जमा था, जिससे खाने में गंभीर संक्रमण फैलने का पूरा खतरा बना हुआ था।
आगरा का कुलचा और गाजियाबाद में फ्रीजर से रिसता खून
आगरा के संजय पैलेस के पास स्थित ‘अमृतसरी कुलचा’ आउटलेट में भी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। दीवारों से पेंट की पपड़ियां उखड़कर खाने में गिरने की नौबत थी, भोजन को अनुपयुक्त कागज में पैक किया जा रहा था और एक्सपायरी सामग्री से व्यंजन तैयार हो रहे थे। इस आउटलेट को सुधार होने तक फौरन बंद करने को कहा गया है।
गाजियाबाद के चार बड़े आउटलेट्स की हालत भी बेहद डरावनी निकली। यहां के एसी एंटरप्राइज में डीप फ्रीजर के भीतर चिकन और मटन से खून रिसकर अन्य खाद्य पदार्थों पर गिर रहा था। शाकाहारी-मांसाहारी सामान एक साथ ठूंसा गया था और बेसमेंट में भारी गंदगी के बीच खुले ढक्कन वाले कूड़ेदान रखे थे। शहर के युवराज नगर स्थित फ्लोको क्लॉक्स में भी डीप फ्रीजर बदहाल मिला, चिमनियों और बर्तनों पर गंदगी की मोटी परतें जमी थीं।
नत्थूज और बीकानेरवाला में कॉकरोच का आतंक, बार-बार तला जा रहा था तेल
गाजियाबाद के राज नगर स्थित प्रसिद्ध ‘नत्थूज’ में भी लापरवाही की सारी सीमाएं टूट गईं। पूरे परिसर में कीड़े-मकोड़े और कॉकरोच रेंग रहे थे, जबकि नालियां चोक होने से बदबू फैली थी। बची हुई बासी मिठाइयों को गलत तरीके से रखा गया था, सब्जियां खुले में सड़ रही थीं और एक ही जले हुए तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जा रहा था।
वहीं राजेंद्र नगर के ‘बीकानेरवाला’ में भी किचन के अंदर कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप, खुली डस्टबिन और जाम नालियों से उठती सड़ांध के बीच खाना तैयार होता मिला।
सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इन तमाम प्रतिष्ठानों में मिली गंभीर अनियमितताओं के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सख्त हिदायत दी गई है कि सुरक्षित भंडारण, हाइजीन और मानकों के पालन में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे किसी भी केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा।












































